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गौशाला में चौकीदार ने आवारा मवेशियों को बंद करने से मना किया
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गोपामऊ। फसलों नष्ट कर रहे अन्ना गोवंशों को लेकर कान्हा गोशाला पहुंचे किसानों को चौकीदार ने लौटा दिया। उसने उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही गेट खोलने की बात कही। इससे नाराज किसानों ने प्रोसेसिंग प्लांट में मवेशियों को बंद कर दिया। किसानों ने जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
रविवार को गोपामऊ की कान्हा गोशाला पर किसान मवेशी लेकर एकत्र हो गए। पशुओं को गोशाला में बंद करने की बात करने लगे, लेकिन चौकीदार ने उच्चाधिकारियों के कहने पर ही गेट खोलने की बात कही। नाराज किसानों ने पड़ोस में ही प्रोसेसिंग प्लांट में पशुओं को बंद कर दिया। किसान सोनेलाल का कहना है कि पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
फसलों को बचाने की खातिर ठंड में पूरी रात खेतों में रहना पड़ रहा है। सामीन ग़ाजी, राकेश, इस्लाम ग़ाजी, अम्रेश, मुकेश, हर्षित, योगेंद्र व निरंकार का कहना है की पशु आश्रय स्थल में ग्रामीण क्षेत्र के पशुओं को बंद किया गया। अगर समस्या का समाधान न हुआ तो किसान यूनियन से संपर्क करेंगे। उधर अधिशासी अधिकारी संध्या मिश्रा ने बताया कि गोशाला कि क्षमता 200 की है। उसमें पहले से ही क्षमता से अधिक पशु आ चुके हैं। जिनके भरण पोषण की समस्या हो रही है। अगर और अधिक पशु आ जाएंगे तो समस्या बढ़ जाएगी। पिछले दिनों धरना प्रदर्शन के दौरान बीडीओ हरियावां ने ग्राम रहीमपुर, पेंग, बाबूपुर कचनारी में अस्थायी गोशाला बनाकर पशुओं को बंद करने की बात कही थी। लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
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रविवार को गोपामऊ की कान्हा गोशाला पर किसान मवेशी लेकर एकत्र हो गए। पशुओं को गोशाला में बंद करने की बात करने लगे, लेकिन चौकीदार ने उच्चाधिकारियों के कहने पर ही गेट खोलने की बात कही। नाराज किसानों ने पड़ोस में ही प्रोसेसिंग प्लांट में पशुओं को बंद कर दिया। किसान सोनेलाल का कहना है कि पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
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फसलों को बचाने की खातिर ठंड में पूरी रात खेतों में रहना पड़ रहा है। सामीन ग़ाजी, राकेश, इस्लाम ग़ाजी, अम्रेश, मुकेश, हर्षित, योगेंद्र व निरंकार का कहना है की पशु आश्रय स्थल में ग्रामीण क्षेत्र के पशुओं को बंद किया गया। अगर समस्या का समाधान न हुआ तो किसान यूनियन से संपर्क करेंगे। उधर अधिशासी अधिकारी संध्या मिश्रा ने बताया कि गोशाला कि क्षमता 200 की है। उसमें पहले से ही क्षमता से अधिक पशु आ चुके हैं। जिनके भरण पोषण की समस्या हो रही है। अगर और अधिक पशु आ जाएंगे तो समस्या बढ़ जाएगी। पिछले दिनों धरना प्रदर्शन के दौरान बीडीओ हरियावां ने ग्राम रहीमपुर, पेंग, बाबूपुर कचनारी में अस्थायी गोशाला बनाकर पशुओं को बंद करने की बात कही थी। लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
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