{"_id":"61e0603f435e1f390952c35a","slug":"cort-hardoi-news-knp6751588123","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अबुल कैश ने पांच साल पुराने हत्या के मामले में दोषी एक युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केके अवस्थी के अनुसार थाना क्षेत्र लोनार के वीरम पट्टी गांव निवासी बलकार (45) को बिलग्राम थाना क्षेत्र के जरौली कला गांव का ज्ञानी उर्फ ज्ञानेंद्र 10 फरवरी 2016 को उसके घर से अपने साथ ले गया था। ज्ञानी निजामपुर गांव के लोगों से चल रहे झगड़े में समझौता कराने की बात कहकर उसे साथ ले गया था। अगले दिन सुबह सुरसा थाना क्षेत्र के ढोलिया चौराहे के पास बलकार का शव मिला था। बलकार की मां रामकटोरी ने ज्ञानी उर्फ ज्ञानेंद्र पर बेटे की हत्या करने का अ
ारोप लगाया था। रामकटोरी ने ही घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के पीछे पुराने विवाद बताया गया था। विवेचक ने मामले में कोर्ट में चार्जशीट लगाई थी। न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी कर गुरुवार को ज्ञानी उर्फ ज्ञानेंद्र को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की जमा होने वाली धनराशि में से आधी बलकार की मां को दिलाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केके अवस्थी के अनुसार थाना क्षेत्र लोनार के वीरम पट्टी गांव निवासी बलकार (45) को बिलग्राम थाना क्षेत्र के जरौली कला गांव का ज्ञानी उर्फ ज्ञानेंद्र 10 फरवरी 2016 को उसके घर से अपने साथ ले गया था। ज्ञानी निजामपुर गांव के लोगों से चल रहे झगड़े में समझौता कराने की बात कहकर उसे साथ ले गया था। अगले दिन सुबह सुरसा थाना क्षेत्र के ढोलिया चौराहे के पास बलकार का शव मिला था। बलकार की मां रामकटोरी ने ज्ञानी उर्फ ज्ञानेंद्र पर बेटे की हत्या करने का अ
विज्ञापन
ारोप लगाया था। रामकटोरी ने ही घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के पीछे पुराने विवाद बताया गया था। विवेचक ने मामले में कोर्ट में चार्जशीट लगाई थी। न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी कर गुरुवार को ज्ञानी उर्फ ज्ञानेंद्र को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की जमा होने वाली धनराशि में से आधी बलकार की मां को दिलाई जाए।
विज्ञापन