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Hardoi News: किशोरी से दुष्कर्म में दोषी को 10 साल की सजा

Mon, 05 Oct 2026 10:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2026 10:52 PM IST
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Convict sentenced to 10 years for raping a teenage girl.
हरदोई। किशोरी से दुष्कर्म के आठ साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मनमोहन सिंह ने कथित पति को दोषी करार दिया। दोषी को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। किशोरी ने पुलिस और मजिस्ट्रेट के सामने प्रेमी के साथ मर्जी से जाने और शादी करने की बात कही थी। सुनवाई के दौरान बयानों से मुकर गई थी। अदालत ने बहलाकर ले जाने व शादी के लिए मजबूर करने के आरोपों से दोषी को बरी किया।
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बेहटा गोकुल क्षेत्र के एक गांव निवासी शख्स ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 18 मार्च 2018 को वह अपनी पत्नी के साथ आलू खोदने गया था। उसकी पुत्री (15) घर में अकेली थी। गांव का ही सुभाष अपने भाई अवधेश और बहन सरस्वती के साथ पुत्री को बहलाकर ले गया था। आरोप लगाया था कि बेटी घर से 35 हजार रुपये और जेवर भी ले गई थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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विवेचना के बाद सुभाष के खिलाफ बहलाकर ले जाने और दुष्कर्म की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। पुलिस को दिए बयानों में किशोरी ने कहा था कि घटना के आठ-नौ माह पहले से वह सुभाष को जानती थी। अपनी मर्जी से सुभाष के साथ जाने और अवधेश व सरस्वती को निर्दोष भी बताया था। मजिस्ट्रेट के सामने हुए बयानों में किशोरी ने सुभाष के साथ जम्मू में शादी कर लेने की बात कही थी।
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सुनवाई के दौरान किशोरी ने सुभाष पर शादी का झांसा देकर ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 10 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए। साक्ष्यों से किशोरी का अपनी इच्छा से सुभाष के साथ जाना सामने आया इसलिए अपहरण व शादी के लिए मजबूर करने के आरोपों से उसे बरी कर दिया गया। किशोरी की उम्र घटना के समय 15 वर्ष आठ माह प्रमाणित होने पर न्यायालय ने कहा कि नाबालिग की सहमति दुष्कर्म के अपराध में कानूनी बचाव नहीं है। मेडिकल में ताजा चोट, शुक्राणु या गर्भावस्था के प्रमाण नहीं मिले फिर भी पीड़िता के नाबालिग होने के कारण सुभाष को दुष्कर्म का दोषी माना।
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