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Hardoi News: बीआरसी पर तैनात संविदा कर्मियों को दो माह से नहीं मिला मानदेय
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हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में ब्लॉक संसाधन केंद्र पर तैनात आउटसोर्सिंग कर्मी दो माह से मानदेय न मिलने से आर्थिक तंगी से परेशान हैं। ब्लॉक कर्मचारियों का आरोप है कि सेवा प्रदाता फर्म की घोर लापरवाही के कारण उनका विवरण यूपीसीओएस पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया और न ही उनको मानदेय जारी किया गया। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
बेसिक शिक्षा विभाग में ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर ब्लॉक एमआईएस, ब्लॉक क्वालिटी कोऑर्डिनेटर, सहायक लेखाकार और कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात है। कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री को भेज गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि कार्यदायी संस्था की टालमटोल नीति और अपारदर्शिता के कारण अभी तक उनको सितंबर का मानदेय नहीं मिला जबकि अक्तूबर भी पूरा होने जा रहा है। बार-बार फर्म से संपर्क करने पर कोई संतोषजनक जवाब देने के बजाय केवल आश्वासन देकर बात टाल दी जाती है। फर्म द्वारा न तो मूल विभाग से समन्वय स्थापित किया जा रहा है और न ही डेटा पोर्टल पर फीड करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि उनका भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है। फर्म की ओर से शासन से संविदा कर्मियों के बढ़ाए गए मानदेय के संबंध में भी जानकारी नहीं दी जा रही है। त्योहार के समय मानदेय न मिलने से कर्मचारियों के सामने परिवार के भरण-पोषण और पर्व मनाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
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कर्मचारियों का विवरण यूपीसीओएस पोर्टल पर दर्ज करा दिया गया है। मानदेय के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा गया है और अक्तूबर का बिल भी रविवार तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों का मानदेय हर हाल में एक से पांच नवंबर के बीच पहुंच जाएगा। -प्रभात मिश्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बेसिक शिक्षा विभाग में ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर ब्लॉक एमआईएस, ब्लॉक क्वालिटी कोऑर्डिनेटर, सहायक लेखाकार और कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात है। कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री को भेज गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि कार्यदायी संस्था की टालमटोल नीति और अपारदर्शिता के कारण अभी तक उनको सितंबर का मानदेय नहीं मिला जबकि अक्तूबर भी पूरा होने जा रहा है। बार-बार फर्म से संपर्क करने पर कोई संतोषजनक जवाब देने के बजाय केवल आश्वासन देकर बात टाल दी जाती है। फर्म द्वारा न तो मूल विभाग से समन्वय स्थापित किया जा रहा है और न ही डेटा पोर्टल पर फीड करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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कर्मचारियों का कहना है कि उनका भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है। फर्म की ओर से शासन से संविदा कर्मियों के बढ़ाए गए मानदेय के संबंध में भी जानकारी नहीं दी जा रही है। त्योहार के समय मानदेय न मिलने से कर्मचारियों के सामने परिवार के भरण-पोषण और पर्व मनाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
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कर्मचारियों का विवरण यूपीसीओएस पोर्टल पर दर्ज करा दिया गया है। मानदेय के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा गया है और अक्तूबर का बिल भी रविवार तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों का मानदेय हर हाल में एक से पांच नवंबर के बीच पहुंच जाएगा। -प्रभात मिश्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी