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Hardoi News: बिल संशोधन के लिए प्रतिमाह 20 प्रतिशत उपभोक्ता काट रहे विभाग के चक्कर
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हरदोई। जिले मेें बिजली महकमा की ओर से जारी किए गए बिलों में विसंगतियां लगातार हो रही हैं। इसको सही कराने के लिए उपभोक्ताओं को विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। प्रतिमाह 20 प्रतिशत उपभोक्ता बिल संशोधन के लिए परेशान होते हैं और विभाग के चक्कर काटते रहते हैं।
जिले में वर्तमान में चार लाख 55 हजार 835 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें प्रतिमाह 4,08,657 उपभोक्ताओं के बिजली बिल की बिलिंग हो रही है। इनमें से प्रतिमाह 70 से 75 हजार उपभोक्ताओं के बिल गलत बन रहे हैं। इनको सही कराने के लिए उपभोक्ता संबंधित उपखंड अधिकारी कार्यालय और अधिशासी अभियंता कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इन बिलों को संशोधन करने के लिए विभागीय जिम्मेदार मनमानी कर उनका आर्थिक दोहन कर रहे हैं।
विभाग की ओर से मीटर रीडिंग का कार्य निजी संस्था को सौंपा गया है। संस्था की ओर से लगाए गए मीटर रीडर जानकर बिल बनाने में गड़बड़ी करते हैं, फिर उसे सही कराने के लिए विभागीय अधिकारियों से साठगांठ कर उपभोक्ता का आर्थिक दोहन करते हैं।
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शहर में विगत सितंबर में एक कार्यदायी संस्था की ओर से 2,189 बिजली उपभोक्ता के बिल में 40.58 लाख का गबन किया गया था। इस कारण अभी तक प्रतिमाह बिल जमा होने के बावजूद बकाया लगकर आ रहा है। इसके लिए उपभोक्ताओं को बिल जमा करते समय विभागीय कर्मचारियों की चिरौरी करनी पड़ती है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय के तहत तत्योरा निवासी शिव सागर का बिल गलत रीडिंग से भेज दिया गया, जो बढ़कर 19,190 तक पहुंच गया है। जिसको संशोधन के लिए वह मार्च से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, मगर उनके बिल में संशोधन नहीं हो पा रहा है।
शहर के आवास विकास कालोनी निवासी रत्नादेवी की मृत्यु हो गई और उसका कनेक्शन भी कटा है। इसके बावजूद विभाग ने एक लाख से अधिक का बिल बिना दिया है। उसे सही कराने व कनेक्शन बंद करने के लिए उनके पुत्र राहुल और दीपक विभाग के चक्कर काट रहे हैं। उसका निदान नहीं हो पा रहा है।
बिल में गड़बड़ी न हो, इसके लिए प्रो बिलिंग कराई जा रही है। जिनके बिल गलत होते हैं, उनको मीटर रीडिंग के अनुसार सही करा दिया जाता है। बिल संशोधन की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -विवेक अस्थाना, मुख्य अभियंता
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जिले में वर्तमान में चार लाख 55 हजार 835 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें प्रतिमाह 4,08,657 उपभोक्ताओं के बिजली बिल की बिलिंग हो रही है। इनमें से प्रतिमाह 70 से 75 हजार उपभोक्ताओं के बिल गलत बन रहे हैं। इनको सही कराने के लिए उपभोक्ता संबंधित उपखंड अधिकारी कार्यालय और अधिशासी अभियंता कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इन बिलों को संशोधन करने के लिए विभागीय जिम्मेदार मनमानी कर उनका आर्थिक दोहन कर रहे हैं।
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विभाग की ओर से मीटर रीडिंग का कार्य निजी संस्था को सौंपा गया है। संस्था की ओर से लगाए गए मीटर रीडर जानकर बिल बनाने में गड़बड़ी करते हैं, फिर उसे सही कराने के लिए विभागीय अधिकारियों से साठगांठ कर उपभोक्ता का आर्थिक दोहन करते हैं।
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शहर में विगत सितंबर में एक कार्यदायी संस्था की ओर से 2,189 बिजली उपभोक्ता के बिल में 40.58 लाख का गबन किया गया था। इस कारण अभी तक प्रतिमाह बिल जमा होने के बावजूद बकाया लगकर आ रहा है। इसके लिए उपभोक्ताओं को बिल जमा करते समय विभागीय कर्मचारियों की चिरौरी करनी पड़ती है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय के तहत तत्योरा निवासी शिव सागर का बिल गलत रीडिंग से भेज दिया गया, जो बढ़कर 19,190 तक पहुंच गया है। जिसको संशोधन के लिए वह मार्च से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, मगर उनके बिल में संशोधन नहीं हो पा रहा है।
शहर के आवास विकास कालोनी निवासी रत्नादेवी की मृत्यु हो गई और उसका कनेक्शन भी कटा है। इसके बावजूद विभाग ने एक लाख से अधिक का बिल बिना दिया है। उसे सही कराने व कनेक्शन बंद करने के लिए उनके पुत्र राहुल और दीपक विभाग के चक्कर काट रहे हैं। उसका निदान नहीं हो पा रहा है।
बिल में गड़बड़ी न हो, इसके लिए प्रो बिलिंग कराई जा रही है। जिनके बिल गलत होते हैं, उनको मीटर रीडिंग के अनुसार सही करा दिया जाता है। बिल संशोधन की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -विवेक अस्थाना, मुख्य अभियंता