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Hardoi News: बिल भरने के बाद भी अंधेरे में उपभोक्ता, बिजली दफ्तरों के काट रहे चक्कर
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फोटाे- 01- कोयलबाग कालोनी उपकेंद्र पर लगी उपभोक्ताओं की भीड़। संवाद
हरदोई। जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं का हाल बहुत बुरा है। विद्युत निगम ने उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर तो लगा दिए लेकिन अब विभाग की स्मार्ट व्यवस्था उपभोक्ताओं की जी का जंजाल बन गया है। बिल भरने के बाद भी उपभोक्ता अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ऑनलाइन बिल जमा करने के घंटों बाद भी बिजली चालू नहीं हो रही है जिससे त्रस्त उपभोक्ता बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
शहर निवासी पुष्पा देवी का स्मार्ट मीटर का 1,768 रुपये का बिल बकाया था। बकाया होने पर उनके घर की बिजली ऑटोमेटिक कट गई। उन्होंने ऑनलाइन करीब 2,200 रुपये जमा कर दिया ताकि मीटर में बैलेंस निगेटिव न हो। रिचार्ज होने के बाद भी उनके घर की बिजली चालू नहीं हुई। रात भर जब बिजली नहीं आई तो उपभोक्ता कोयल बाग कॉलोनी स्थित उपकेंद्र पर जानकारी करने पहुंचे तो वहां उन्हें 2,558 रुपये पुराना बकाया बताकर जमा करने के निर्देश दिए गए जबकि उपभोक्ता का कहना है कि मीटर बदलवाने पर बिल जमा कर दिया।
मजबूरी में उन्हें 50 प्रतिशत करीब 1,422 रुपये जमा करने पड़े। ऐसे एक नहीं तमाम मामले हैं जब उपभोक्ता बिल जमा करने के बाद भी सारा काम धंधा छोड़ कर बिजली कनेक्शन जुड़वाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी सिर्फ समस्या के समाधान का आश्वासन देकर लोगों को चलता कर रहे हैं।
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47 हजार उपभोक्ताओं के बैलेंस निगेटिव
जिले में 76 हजार से अधिक उपभोक्ताओं में से 47 हजार उपभोक्ताओं के बैलेंस निगेटिव में हैं। रोजाना 10 प्रतिशत उपभोक्ताओं के बिजली रिचार्ज निगेटिव होने की वजह से उनके कनेक्शन कट रहे हैं। वहीं, बिल जमा होने के बाद भी उपभोक्ताओं के कनेक्शन नहीं जुड़ रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की भीड़ उपकेंद्रों पर लग रही है। नौकरीपेशा लोग भी अपना काम छोड़कर बिजली दफ्तरों की चौखट पर खड़े हो रहे हैं।
मोबाइल की रसीद लेकर काट रहे चक्कर
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि घर बैठे सुविधा मिलेगी लेकिन हकीकत इसके उलट है। मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बिल जमा करने के बाद भी कनेक्शन डिस्कनेक्ट ही है। तकनीकी खामियों के कारण भुगतान का डेटा मीटर तक नहीं पहुंच पा रहा है। मजबूरन, जिन लोगों ने ऑनलाइन भुगतान कर दिया है वे भी रसीद लेकर अधिकारियों के सामने गुहार लगा रहे हैं।
मीटर संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यदायी संस्था को अवगत करा दिया गया है। मीटर संबंधी जो अनियमितताएं आ रही हैं उनका जल्द ही सुधार करवाया जाएगा। -राजीव भार्गव, अधीक्षण अभियंता
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शहर निवासी पुष्पा देवी का स्मार्ट मीटर का 1,768 रुपये का बिल बकाया था। बकाया होने पर उनके घर की बिजली ऑटोमेटिक कट गई। उन्होंने ऑनलाइन करीब 2,200 रुपये जमा कर दिया ताकि मीटर में बैलेंस निगेटिव न हो। रिचार्ज होने के बाद भी उनके घर की बिजली चालू नहीं हुई। रात भर जब बिजली नहीं आई तो उपभोक्ता कोयल बाग कॉलोनी स्थित उपकेंद्र पर जानकारी करने पहुंचे तो वहां उन्हें 2,558 रुपये पुराना बकाया बताकर जमा करने के निर्देश दिए गए जबकि उपभोक्ता का कहना है कि मीटर बदलवाने पर बिल जमा कर दिया।
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मजबूरी में उन्हें 50 प्रतिशत करीब 1,422 रुपये जमा करने पड़े। ऐसे एक नहीं तमाम मामले हैं जब उपभोक्ता बिल जमा करने के बाद भी सारा काम धंधा छोड़ कर बिजली कनेक्शन जुड़वाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी सिर्फ समस्या के समाधान का आश्वासन देकर लोगों को चलता कर रहे हैं।
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47 हजार उपभोक्ताओं के बैलेंस निगेटिव
जिले में 76 हजार से अधिक उपभोक्ताओं में से 47 हजार उपभोक्ताओं के बैलेंस निगेटिव में हैं। रोजाना 10 प्रतिशत उपभोक्ताओं के बिजली रिचार्ज निगेटिव होने की वजह से उनके कनेक्शन कट रहे हैं। वहीं, बिल जमा होने के बाद भी उपभोक्ताओं के कनेक्शन नहीं जुड़ रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की भीड़ उपकेंद्रों पर लग रही है। नौकरीपेशा लोग भी अपना काम छोड़कर बिजली दफ्तरों की चौखट पर खड़े हो रहे हैं।
मोबाइल की रसीद लेकर काट रहे चक्कर
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि घर बैठे सुविधा मिलेगी लेकिन हकीकत इसके उलट है। मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बिल जमा करने के बाद भी कनेक्शन डिस्कनेक्ट ही है। तकनीकी खामियों के कारण भुगतान का डेटा मीटर तक नहीं पहुंच पा रहा है। मजबूरन, जिन लोगों ने ऑनलाइन भुगतान कर दिया है वे भी रसीद लेकर अधिकारियों के सामने गुहार लगा रहे हैं।
मीटर संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यदायी संस्था को अवगत करा दिया गया है। मीटर संबंधी जो अनियमितताएं आ रही हैं उनका जल्द ही सुधार करवाया जाएगा। -राजीव भार्गव, अधीक्षण अभियंता