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Hardoi News: एक साल में पूरा करना था निर्माण, सात माह में टेंडर भी नहीं कर पाए
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हरदोई। जिलाधिकारी से लेकर मुख्य विकास अधिकारी तक आए दिन विकास कार्याें की समीक्षा करते हैं, लेकिन कुछ विभाग फिर भी विकास कार्याें को लेकर गंभीर नहीं हैं। आलम यह है कि दिसंबर में स्वीकृत हुए विकास कार्याें की निविदा प्रक्रिया तक सात माह में पूरी नहीं हो पाई। खास बात यह है कि इन कार्याें की समीक्षा के लिए बुलाए जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारी डीएम की बैठक में भी नहीं पहुंचते।
जनपद में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े निर्माण कार्याें की जिम्मेदारी सौंपते हुए कार्यदायी संस्था नामित की गई थी। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में होने वाले निर्माण कार्याें की स्वीकृति शासन स्तर से गत वर्ष दिसंबर में ही मिल गई थी। सात माह बीत जाने के बाद भी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जिम्मेदार निर्माण कार्याें काे शुरू कराना तो छोड़िए अभी निविदा प्रक्रिया भी पूरी नहीं करा पाए हैं। यह हाल तब है जब डीएम एमपी सिंह और सीडीओ सौम्या गुरूरानी निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने को लेकर विभागीय अभियंताओं को नसीहत देती रहीं, लेकिन विभागीय अभियंताओं पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मल्लावां, टड़ियावां, टोडरपुर, बावन, कोथावां, भरावन, हर्रैया में निर्माण कार्य होने हैं। इन सभी बा विद्यालयों में एकेडमिक ब्लॉक और छात्रावास भवन का निर्माण होना है। इन सभी कार्याें की स्वीकृति 31 दिसंबर 2023 को शासन ने दे दी थी। खास बात यह है कि दिसंबर 2024 तक इन सभी निर्माण कार्याें को पूरा भी किया जाना है, लेकिन जब सात माह में निविदा प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई तो निर्माण पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
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शासन ने प्रत्येक निर्माण कार्य के लिए चार करोड़ 17 लाख रुपये का प्रस्ताव स्वीकृत किया था। इसके सापेक्ष प्रत्येक निर्माण कार्य पर एक करोड़ 67 लाख रुपये जारी किए थे। इसके बावजूद न टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पाई और न ही निर्माण कार्य शुरू हो पाए।
निविदा प्रक्रिया पूरी न कर पाने को लेकर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया गया है। मौखिक तौर पर अधिशासी अभियंता ने अधीक्षण अभियंता के स्तर से टेंडर प्रक्रिया न हो पाने की जानकारी दी है। इस कारण काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं। अब शासन को ही अधीक्षण अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति करते हुए लिखा जा रहा है। -एमपी सिंह, डीएम
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जनपद में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े निर्माण कार्याें की जिम्मेदारी सौंपते हुए कार्यदायी संस्था नामित की गई थी। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में होने वाले निर्माण कार्याें की स्वीकृति शासन स्तर से गत वर्ष दिसंबर में ही मिल गई थी। सात माह बीत जाने के बाद भी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जिम्मेदार निर्माण कार्याें काे शुरू कराना तो छोड़िए अभी निविदा प्रक्रिया भी पूरी नहीं करा पाए हैं। यह हाल तब है जब डीएम एमपी सिंह और सीडीओ सौम्या गुरूरानी निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने को लेकर विभागीय अभियंताओं को नसीहत देती रहीं, लेकिन विभागीय अभियंताओं पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मल्लावां, टड़ियावां, टोडरपुर, बावन, कोथावां, भरावन, हर्रैया में निर्माण कार्य होने हैं। इन सभी बा विद्यालयों में एकेडमिक ब्लॉक और छात्रावास भवन का निर्माण होना है। इन सभी कार्याें की स्वीकृति 31 दिसंबर 2023 को शासन ने दे दी थी। खास बात यह है कि दिसंबर 2024 तक इन सभी निर्माण कार्याें को पूरा भी किया जाना है, लेकिन जब सात माह में निविदा प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई तो निर्माण पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
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शासन ने प्रत्येक निर्माण कार्य के लिए चार करोड़ 17 लाख रुपये का प्रस्ताव स्वीकृत किया था। इसके सापेक्ष प्रत्येक निर्माण कार्य पर एक करोड़ 67 लाख रुपये जारी किए थे। इसके बावजूद न टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पाई और न ही निर्माण कार्य शुरू हो पाए।
निविदा प्रक्रिया पूरी न कर पाने को लेकर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया गया है। मौखिक तौर पर अधिशासी अभियंता ने अधीक्षण अभियंता के स्तर से टेंडर प्रक्रिया न हो पाने की जानकारी दी है। इस कारण काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं। अब शासन को ही अधीक्षण अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति करते हुए लिखा जा रहा है। -एमपी सिंह, डीएम