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Hardoi News: पक्के पुल का निर्माण अधूरा, पैंटून पुल बांधना भूला विभाग
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हरपालपुर। अर्जुनपुर में रामगंगा नदी पर पक्के पुल का निर्माण क्या शुरू हुआ, जिम्मेदार अफसर यहां पैंटून पुल बनाना ही भूल गए। हर वर्ष 15 अक्तूबर तक आवागमन के लिए रामगंगा नदी पर पैंटून पुल का निर्माण होता है, लेकिन इस बार एक माह बाद भी पैंटून पुल बनने का काम शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते लगभग 22 गांवों के डेढ़ लाख लोगों को आवागमन में समस्या हो रही है।
कटियारी क्षेत्र से निकली रामगंगा नदी के लगभग 22 गांव के लगभग डेढ़ लाख लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। पैंटून पुल न बनने के कारण लोगों को लंबी दूरी तय करके गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। बड़ागांव अर्जुनपुर में रामगंगा नदी पर आवागमन के लिए पैंटून पुल बांधा जाता है। हर वर्ष 15 अक्टूबर तक यह पुल बांध दिया जाता है और फिर जून में पुल खोल दिया जाता है। यहां पक्के पुल के निर्माण की मांग चार दशकों से चल रही थी। यह मांग क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू के प्रयास से पूरी हो चुकी है। पुल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है, लेकिन फिर भी इस पर आवागमन शुरू होने में अभी काफी वक्त लगेगा। ऐसे में पैंटून पुल का सहारा ही ग्रामीणों के लिए आवागमन को होता है। बावजूद इसके अभी तक पैंटून पुल बांधा नहीं गया।
लंबाई बढ़ाने की मांग
रामगंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य अपने अंतिम चरण में था। दो महीने पूर्व में आई बाढ़ पुल का संपर्क मार्ग बहा ले गई। समाजसेवी अरविंद मिश्रा समेत कई ग्रामीणों ने मिट्टी से बनाए गए एप्रोच के स्थान पर पुल की लंबाई और बढ़ाने की मांग की है।
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15 अक्तूबर तक बांधना था पुल
पैंटून पुल से होकर लोगों को फर्रुखाबाद, हरदोई और सवायजपुर जाने में आसानी होती है। पुल न बनने के कारण बाशिंदों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। विभागीय नियमों के मुताबिक पैंटून पुल 15 अक्टूबर तक तैयार कर दिया जाता था और फिर बारिश शुरू होने से पहले जून में खोल दिया जाता है। कुल मिलाकर लोक निर्माण विभाग के अफसरों की लापरवाही से डेढ़ लाख लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
कार्य शुरू करा दिया गया है। 15 दिन में पैंटून पुल चालू करा दिया जाएगा।
अवधेश गुप्ता, जेई, पीडब्ल्यूडी
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कटियारी क्षेत्र से निकली रामगंगा नदी के लगभग 22 गांव के लगभग डेढ़ लाख लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। पैंटून पुल न बनने के कारण लोगों को लंबी दूरी तय करके गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। बड़ागांव अर्जुनपुर में रामगंगा नदी पर आवागमन के लिए पैंटून पुल बांधा जाता है। हर वर्ष 15 अक्टूबर तक यह पुल बांध दिया जाता है और फिर जून में पुल खोल दिया जाता है। यहां पक्के पुल के निर्माण की मांग चार दशकों से चल रही थी। यह मांग क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू के प्रयास से पूरी हो चुकी है। पुल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है, लेकिन फिर भी इस पर आवागमन शुरू होने में अभी काफी वक्त लगेगा। ऐसे में पैंटून पुल का सहारा ही ग्रामीणों के लिए आवागमन को होता है। बावजूद इसके अभी तक पैंटून पुल बांधा नहीं गया।
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लंबाई बढ़ाने की मांग
रामगंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य अपने अंतिम चरण में था। दो महीने पूर्व में आई बाढ़ पुल का संपर्क मार्ग बहा ले गई। समाजसेवी अरविंद मिश्रा समेत कई ग्रामीणों ने मिट्टी से बनाए गए एप्रोच के स्थान पर पुल की लंबाई और बढ़ाने की मांग की है।
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15 अक्तूबर तक बांधना था पुल
पैंटून पुल से होकर लोगों को फर्रुखाबाद, हरदोई और सवायजपुर जाने में आसानी होती है। पुल न बनने के कारण बाशिंदों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। विभागीय नियमों के मुताबिक पैंटून पुल 15 अक्टूबर तक तैयार कर दिया जाता था और फिर बारिश शुरू होने से पहले जून में खोल दिया जाता है। कुल मिलाकर लोक निर्माण विभाग के अफसरों की लापरवाही से डेढ़ लाख लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
कार्य शुरू करा दिया गया है। 15 दिन में पैंटून पुल चालू करा दिया जाएगा।
अवधेश गुप्ता, जेई, पीडब्ल्यूडी