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परिजनों को दस माह से कर रहा था गुमराह

Wed, 18 Nov 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Wed, 18 Nov 2015 12:25 AM IST
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Complicating the mystery of the death of bogus TC

कथित टीसी की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। उसने एक ओर जहां दस माह से अपने परिजनों को गुमराह किया वहीं मोहल्ले के युवकों को फर्जी टीसी का परिचय पत्र दिखाकर अपना रौब गांठा। वहीं सोशल साइट पर भी अपने को रेलवे कर्मी दर्शाता था। मंगलवार को उसके मकान मालिक समेत मोहल्ले के लड़कों ने इस प्रकार की जानकारी युवक के बारे में दी। फिलहाल घटना को लेकर हत्या व आत्म हत्या के बीच गुत्थी उलझी नजर आ रही है।

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देहात कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला प्रगति नगर निवासी राकेश जायसवाल के मकान में किराए पर रहने वाले कपिल (27) पुत्र धनीराम का शव 10 नवंबर को कमरे में लटका मिला था। घटना के बाद जो तथ्य सामने आए उससे साफ है कि कपिल ने रेलवे में टीसी के पद पर तैनाती की बात कहकर अपने परिजनों को करीब दस माह गुमराह किया। पिता ने बताया कि कपिल ने वेतन न मिलने की बात कहकर उससे खाना खर्चा व मकान का किराया लिया।
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दिवाली पर परिजनों के पास दिल्ली आने की बात कही थी, लेकिन दस तारीख की दो बजे के बाद उससे बात नहीं हो सकी। पिता धनीराम बेटे को याद कर रोने लगते हैं। बताया कि वे दिवाली बाद यह आकर उसका रहन सहन देखना चाहते थे। आने से पहले की उसकी मौत हो गई।
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उन्होंने बेटे की हत्या की आशंका जताई। कहा कि इस मामले में गहराई से जांच होगी तो खुलासा भी हो जाएगा। इधर मोहल्ले कुछ युवकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह टीसी की ड्रेस में ड्यूटी पर जाने को निकलता था। कई बार उसने अपना टीसी का परिचय पत्र भी दिखाया। मिलनसार होने के नाते आसपास के युवक उससे घुल मिल जाते थे।

गोरखपुर में पकड़े गए रैकेट से जुड़े हो सकते है तार
गोरखपुर में वर्ष 2014 में टीसी के नियुक्ति में फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। 197 अवैध नियुक्तियों के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने का मामला प्रकाश में आने के बाद शहर में घटी घटना के तार उस रैकेट से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। यदि इसकी गहराई से पड़ताल हुई तो कुछ नए खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने बताया कि चुनाव में व्यस्तता के चलते जांच में कुछ देरी हुई मगर नए तथ्य सामने आने पर वह हर एक बिंदु पर जांच कराएंगे।

सोशल साइट पर स्वयं को दिखाता था रेल कर्मी
कपिल ने सोशल साइट पर भी अपने को टीसी दर्शाया था और मेल आईडी पर टीसी की यूनिफार्म में फोटो भी पेस्ट कर रखी है। वहीं उसको मेल से प्रशिक्षण देने की जानकारी देने वाले व्यक्ति की मेल आईडी बंद है।

तो क्या स्वयं के नंबर से भेजता था मैसेज
उसके पिता के मोबाइल नंबर पर नियुक्ति के संबंध में जो मैसेज जिस नंबर से आए है। उसकी आईडी भी कपिल के नाम पर ही है। इससे मामले और भी संदेह के घेरे में आ गया है।


सरकारी क्वाटर जल्द मिलने की बात कहकर पिता को किया गुमराह
कपिल ने रेलवे का क्वाटर जल्द मिलने की बात कहकर अपने पिता को भी गुमराह किया था। इसका खुलासा पिता धनीराम ने किया। उन्होंने कहा कि रेलवे क्वाटर की बात जब उन्होंने बेटे से कही तो उसने बताया कि हरदोई में रेलवे क्वाटर ठीक नहीं थे। वह कन्नौज में क्वाटर ले लेगा। जब तक क्वाटर नहीं मिल रहा है। तब तक वह किराए के मकान में ही बना रहेगा।

इन बिंदुओ पर जांच हुई तो खुल सकता है घटना का राज
कमरे का मुख्य दरवाजा बंद था, लेकिन से खिड़की खुली मिली, जिससे बरामदे में कूद कर आसानी से निकला जा सकता है।
शव के पैर जमीन पर लगे थे, दुपट्टा किसी युवती का था।
आसपास कमरों में रह रहे लोग ताले डालकर खिसक लिए।
ट्रांसफार के बाद भी कमरा न छोड़ना बना है चर्चा का विषय।
तेज आवाज में टीवी चलने से कमरे से बाहर नहीं जा सकी थी आवाज।

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