{"_id":"dc6eed5eac8df9ca05ef3e8acaa8b805","slug":"compensation-increase-so-do-not-know-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘मुआवजा बढ़ाएं, ताकि न दें जान’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘मुआवजा बढ़ाएं, ताकि न दें जान’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 08 Apr 2015 12:54 AM IST
विज्ञापन
किसानों को पीड़ित देख सामाजिक संगठन भी पक्ष मेें
विज्ञापन
खड़े नजर आ रहे हैं। मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार संरक्षण
ने सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर किसानों को दिए जाने वाले
निर्धारित मुआवजे की राशि को तीन गुना करने की मांग की।
संरक्षक चंद्रशेखर मिश्र ने कहा कि प्रदेश में असमय बरसात एवं ओले गिरने से किसानों की फसल नष्ट हो चुकी है, जिससे जीवन यापन की समस्या का भय व्याप्त हो गया है, इसलिए किसान आए दिन जान देने को विवश हैं। सीएम को इस ओर गंभीरता से विचार कर ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रदेश महासचिव राजीव सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के नुकसान का आकलन करा जो मुआवजा देने का निर्णय लिया गया था, वह बहुत कम है, इतने कम मुआवजे में न तो किसान अपने बच्चों की फीस जमा कर पाएगा न ही उनके तन ढकने को समुचित व्यवस्था कर पाएगा और न ही परिवार के भरण पोषण की सही व्यवस्था संभव हो पाएगी।
अध्यक्ष नाहर सिंह ने कहा कि ज्ञापन से सरकार से मांग करते हैं कि मुआवजे की धनराशि निर्धारित धनराशि से तीन गुना प्रति हेक्टेयर बढ़ाकर किसानों को अविलंब मुहैया करायी जाए, ताकि किसानों के सामने आत्महत्या करने को विवश न होना पड़े। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंप कर कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर सचिन मिश्र, मदन पाल, पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, संजय सिंह, इरशाद हुसैन अंसारी, राजेंद्र कुमार सिंह, विवेकानंद झा, जितेंद्र गुप्ता और गिरीश चंद्र बाजपेई आदि मौजूद थे।
संरक्षक चंद्रशेखर मिश्र ने कहा कि प्रदेश में असमय बरसात एवं ओले गिरने से किसानों की फसल नष्ट हो चुकी है, जिससे जीवन यापन की समस्या का भय व्याप्त हो गया है, इसलिए किसान आए दिन जान देने को विवश हैं। सीएम को इस ओर गंभीरता से विचार कर ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रदेश महासचिव राजीव सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के नुकसान का आकलन करा जो मुआवजा देने का निर्णय लिया गया था, वह बहुत कम है, इतने कम मुआवजे में न तो किसान अपने बच्चों की फीस जमा कर पाएगा न ही उनके तन ढकने को समुचित व्यवस्था कर पाएगा और न ही परिवार के भरण पोषण की सही व्यवस्था संभव हो पाएगी।
अध्यक्ष नाहर सिंह ने कहा कि ज्ञापन से सरकार से मांग करते हैं कि मुआवजे की धनराशि निर्धारित धनराशि से तीन गुना प्रति हेक्टेयर बढ़ाकर किसानों को अविलंब मुहैया करायी जाए, ताकि किसानों के सामने आत्महत्या करने को विवश न होना पड़े। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंप कर कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर सचिन मिश्र, मदन पाल, पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, संजय सिंह, इरशाद हुसैन अंसारी, राजेंद्र कुमार सिंह, विवेकानंद झा, जितेंद्र गुप्ता और गिरीश चंद्र बाजपेई आदि मौजूद थे।