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हरदोईः जुगाड़ की बिजली लाइन ले सकती है जान
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फोटो-07- अब्दुलपुरवा के पास झाडियों पर लटकती बिजली लाइनों की केबिल ।
- फोटो : HARDOI
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हरदोई । शहर और आसपास क्षेत्रों में जुगाड़ की लाइनों से चल रहे बिजली कनेक्शन लोगों के लिए जान का खतरा बने हैं। नियमानुुसार बिजली पोल से 40 मीटर से अधिक दूरी पर कनेेक्शन के लिए स्टीमेट बनाना अनिवार्य है। इससे अधिक दूरी होने पर खंभा लगाने के बाद ही कनेेक्शन दिया जा सकता है। इसके बाद भी जिम्मेदार नियम दरकिनार कर जुगाड़ की लाइनों से कनेक्शन दे रहे हैं। ओवर ब्रिज की स्ट्रीट लाइट खंभों के सहारे कनेक्शन देकर केबल बिछा दी गई है।
विद्युतीकरण के लिए बीते दो दशकों में कई योजनाएं आईं और करोड़ों की धनराशि खर्च की गई। इसके बाद भी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खंभा विहीन लाइनें और अव्यवस्थाओं के बीच चल रहे कनेक्शन के केबल बांस-बल्लियों पर दिख रहे हैं। कई मोहल्लों और गांवों में कहीं खंभे लग गए तो लाइन नहीं खींची गई और कहीं खंभे नहीं लगे तो बांस और बल्ली की जुगाड़ के सहारे कनेक्शन चलाए जा रहे हैं।
पिहानी रोड पर अब्दुलपुरवा के पास झाड़ियों के बीच से केबल निकले हैं। इनमें से कई केबल काफी पुराने हैं। पास में ही तालाब है। ऐसे में बारिश के सीजन में कटी केबल से पानी में करंट उतरने की आशंका रहती है। मोहल्लावासियों का कहना है कि रास्ते में भी पानी भर जाता है। ऐसे में यदि पानी में करंट उतर गया तो बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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हरदोई पिहानी रोड पर पोखरी से पहले आवासीय कालोनी तेजी से बसाई जा रही है। यहां पर बने घरों तक केबल बांस बल्लियों के सहारे है। पांच सौ मीटर से अधिक दूरी तक लाइन खींची गई है।
हरदोई पिहानी रोड पर शहर में ही रेलवे का ओवर ब्रिज बना है। ओवर ब्रिज के आसपास नई कॉलोनी बसी हैं। इन कॉलोनियों में बन घरों को कनेक्शन दिए गए हैं। इनमें से अधिकतर की दूरी 40 मीटर से ज्यादा है। यहां पर खतरे वाली बात यह है कि ओवर ब्रिज की लोहे की रेलिंग से एक साथ कई केबल लिपटे हैं। कई केबल काफी पुराने हैं। ऐसे में कटने पर या स्पार्किंग होने पर रेलिंग में करंट उतरने की आशंका रहती है।
अनियमितता बरत कर दिए गए कनेक्शनों के बारे में जानकारी की जाएगी। संबंधित स्थानों पर लाइनों की व्यवस्था कराने के साथ इस तरह के कनेक्शनों पर अंकुश लगाया जाएगा।
-सुरेश चंद्र, एसई
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विद्युतीकरण के लिए बीते दो दशकों में कई योजनाएं आईं और करोड़ों की धनराशि खर्च की गई। इसके बाद भी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खंभा विहीन लाइनें और अव्यवस्थाओं के बीच चल रहे कनेक्शन के केबल बांस-बल्लियों पर दिख रहे हैं। कई मोहल्लों और गांवों में कहीं खंभे लग गए तो लाइन नहीं खींची गई और कहीं खंभे नहीं लगे तो बांस और बल्ली की जुगाड़ के सहारे कनेक्शन चलाए जा रहे हैं।
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पिहानी रोड पर अब्दुलपुरवा के पास झाड़ियों के बीच से केबल निकले हैं। इनमें से कई केबल काफी पुराने हैं। पास में ही तालाब है। ऐसे में बारिश के सीजन में कटी केबल से पानी में करंट उतरने की आशंका रहती है। मोहल्लावासियों का कहना है कि रास्ते में भी पानी भर जाता है। ऐसे में यदि पानी में करंट उतर गया तो बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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हरदोई पिहानी रोड पर पोखरी से पहले आवासीय कालोनी तेजी से बसाई जा रही है। यहां पर बने घरों तक केबल बांस बल्लियों के सहारे है। पांच सौ मीटर से अधिक दूरी तक लाइन खींची गई है।
हरदोई पिहानी रोड पर शहर में ही रेलवे का ओवर ब्रिज बना है। ओवर ब्रिज के आसपास नई कॉलोनी बसी हैं। इन कॉलोनियों में बन घरों को कनेक्शन दिए गए हैं। इनमें से अधिकतर की दूरी 40 मीटर से ज्यादा है। यहां पर खतरे वाली बात यह है कि ओवर ब्रिज की लोहे की रेलिंग से एक साथ कई केबल लिपटे हैं। कई केबल काफी पुराने हैं। ऐसे में कटने पर या स्पार्किंग होने पर रेलिंग में करंट उतरने की आशंका रहती है।
अनियमितता बरत कर दिए गए कनेक्शनों के बारे में जानकारी की जाएगी। संबंधित स्थानों पर लाइनों की व्यवस्था कराने के साथ इस तरह के कनेक्शनों पर अंकुश लगाया जाएगा।
-सुरेश चंद्र, एसई