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Hardoi News: एक माह से सीबीसी एनालाइजर मशीन खराब, जांच के लिए भटकते मरीज
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
टड़ियावां। सीएचसी में पिछले एक महीने से सीबीसी एनालाइजर मशीन खराब पड़ी है। जिसके कारण मरीजों की होने वाली खून की संपूर्ण जांच नहीं हो पा रही हैं। मरीजों को बाहर से महंगी कीमत चुकाकर जांच करानी पड़ रही हैं। यह हाल तब है जब क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और वायरल के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल प्रशासन मरीजों की परेशानी पर आंखें मूंदे हुए है।
टड़ियावां सीएससी पर दो लाख की आबादी को स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मु़हैया करने की जिम्मेदारी है। कुछ तराई क्षेत्र के गांवों में बरसात के बाद डेंगू, मलेरिया और वायरल फैला हुआ है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक मरीजों को सीबीसी, मलेरिया, डेंगू, हीमोग्लोबिन, प्लेट्लेट्स व आयरन आदि की जांचें लिखते हैं।
इन जांचों में सीबीसी एनालाइजर मशीन की जरूरत पड़ती है। डेंगू और मलेरिया के मरीजों के इलाज में प्लेटलेट्स काउंट, हीमोग्लोबिन, डब्ल्यूबीसी आदि की जांच की बहुत जरूरत पड़ती है। टड़ियावां सीएचसी पर पिछले एक महीने से सीबीसी एनालाइजर मशीन खराब पड़ी है। जिसके कारण रोजाना 150 से अधिक मरीजों को निजी पैथोलॉजी में महंगी सीबीसी की जांच करानी पड़ रही है।
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बुखार से अब तक छह की मौत
टड़ियावां सीएचसी के अंतर्गत गौराडांडा ,गुरसंडा ,भैंसरी आदि कई गांव में बुखार फैल चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक अस्पताल में छह से अधिक लोगों की बुखार से मौत हो चुकी हैं, लेकिन फिर भी मरीजों की सीबीसी जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में भर्ती मरीजों के इलाज पर भी संकट छा रहा है। इन्हें निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है।
अब तक 59 मलेरिया संक्रमित
टड़ियावां सीएचसी में 21 अगस्त से अब तक 1828 संदिग्ध मलेरिया रोगियों की खून की जांच की गई है। जिसमें 59 मरीज मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं।
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केस - एक
टड़ियावां थाना के सारीपुर छछेटा गांव निवासी शिवप्रकाश ने बताया उन्हे बुखार कई दिनों से आ रहा है। गुरुवार को सीएचसी पर डॉक्टर से परामर्श लिया। तो यहां पर मलेरिया की जांच कर दी गई, लेकिन सीसीबी की जांच के लिए बाहर जाना पड़ेगा।
केस -दो
टड़ियावां सीएचसी क्षेत्र के संड़िला गांव निवासी रघुवर ने बताया कि वह सीबीसी की जांच निजी पैथोलॉजी में करानी पड़ी, जहां पर 300 रुपये देने पड़े। सीएचसी में एक महीने से सीबीसी एनालाइजर की मशीन खराब पड़ी है।
वर्जन
सीबीसी एनालाइजर मशीन खराब होने की सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। एक सप्ताह के अंदर मशीन बनने की उम्मीद है। इसके बाद लोगों की सीबीसी की जांच सुविधा उपलब्ध होना शुरू हो जाएगी।
डॉ. सुशील कनौजिया अधीक्षक सीएचसी टड़ियावा
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टड़ियावां। सीएचसी में पिछले एक महीने से सीबीसी एनालाइजर मशीन खराब पड़ी है। जिसके कारण मरीजों की होने वाली खून की संपूर्ण जांच नहीं हो पा रही हैं। मरीजों को बाहर से महंगी कीमत चुकाकर जांच करानी पड़ रही हैं। यह हाल तब है जब क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और वायरल के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल प्रशासन मरीजों की परेशानी पर आंखें मूंदे हुए है।
टड़ियावां सीएससी पर दो लाख की आबादी को स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मु़हैया करने की जिम्मेदारी है। कुछ तराई क्षेत्र के गांवों में बरसात के बाद डेंगू, मलेरिया और वायरल फैला हुआ है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक मरीजों को सीबीसी, मलेरिया, डेंगू, हीमोग्लोबिन, प्लेट्लेट्स व आयरन आदि की जांचें लिखते हैं।
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इन जांचों में सीबीसी एनालाइजर मशीन की जरूरत पड़ती है। डेंगू और मलेरिया के मरीजों के इलाज में प्लेटलेट्स काउंट, हीमोग्लोबिन, डब्ल्यूबीसी आदि की जांच की बहुत जरूरत पड़ती है। टड़ियावां सीएचसी पर पिछले एक महीने से सीबीसी एनालाइजर मशीन खराब पड़ी है। जिसके कारण रोजाना 150 से अधिक मरीजों को निजी पैथोलॉजी में महंगी सीबीसी की जांच करानी पड़ रही है।
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बुखार से अब तक छह की मौत
टड़ियावां सीएचसी के अंतर्गत गौराडांडा ,गुरसंडा ,भैंसरी आदि कई गांव में बुखार फैल चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक अस्पताल में छह से अधिक लोगों की बुखार से मौत हो चुकी हैं, लेकिन फिर भी मरीजों की सीबीसी जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में भर्ती मरीजों के इलाज पर भी संकट छा रहा है। इन्हें निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है।
अब तक 59 मलेरिया संक्रमित
टड़ियावां सीएचसी में 21 अगस्त से अब तक 1828 संदिग्ध मलेरिया रोगियों की खून की जांच की गई है। जिसमें 59 मरीज मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं।
केस - एक
टड़ियावां थाना के सारीपुर छछेटा गांव निवासी शिवप्रकाश ने बताया उन्हे बुखार कई दिनों से आ रहा है। गुरुवार को सीएचसी पर डॉक्टर से परामर्श लिया। तो यहां पर मलेरिया की जांच कर दी गई, लेकिन सीसीबी की जांच के लिए बाहर जाना पड़ेगा।
केस -दो
टड़ियावां सीएचसी क्षेत्र के संड़िला गांव निवासी रघुवर ने बताया कि वह सीबीसी की जांच निजी पैथोलॉजी में करानी पड़ी, जहां पर 300 रुपये देने पड़े। सीएचसी में एक महीने से सीबीसी एनालाइजर की मशीन खराब पड़ी है।
वर्जन
सीबीसी एनालाइजर मशीन खराब होने की सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। एक सप्ताह के अंदर मशीन बनने की उम्मीद है। इसके बाद लोगों की सीबीसी की जांच सुविधा उपलब्ध होना शुरू हो जाएगी।
डॉ. सुशील कनौजिया अधीक्षक सीएचसी टड़ियावा