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सपा पदाधिकारियों पर दर्ज मुकदमें वापस हो- शराफत
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सपा कार्यालय में वार्ता करते निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : HARDOI
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सपाइयों पर लगाए जा रहे फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं। ये मांग सपा पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से की। इस संदर्भ में उन्हें ज्ञापन भी सौंपा।
सोमवार को सपा कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली ने कहा कि सपा के पूर्व प्रदेश सचिव संजय कश्यप ने शहर कोतवाली में एक गरीब को न्याय दिलाने की गुहार लगाई तो उन पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
ये निराधार है, इसकी जांच की जाए। वहीं दूसरी घटना थाना अरवल क्षेत्र के ग्राम लालपुर गांव की है। वहां रामपाल की हत्या कर दी गई थी। जिसका मुख्य आरोपी परशुराम राजपूत है। मामले में शव रखकर जाम लगाया गया था। इसमें सपा के निवर्तमान जिला महासचिव एवं जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह यादव वीरे व उनके दोनों पुत्रों सहित कई अन्य सपाइयों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
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जबकि वीरेंद्र सिंह यादव वीरे एवं उनके पुत्र घटना के समय लखनऊ में थे। ग्राम सवायजपुर में समाजवादी पार्टी के बूथ अध्यक्ष मुन्ना त्रिपाठी पुत्र रामनरेश त्रिपाठी के पूरे परिवार पर फर्जी मुकदमा वहां के विधायक के दबाव में दर्ज किया गया।
तीनों प्रकरणों में समाजवादी पार्टी के नेताओं पर फर्जी मुकदमे लगाकर परेशान किया जा रहा है। इन सभी प्रकरणों को लेकर प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी से मिला।
इसमें पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व अध्यक्ष पद्मराग सिंह पम्मू, पूर्व प्रत्याशी सुभाष पाल, पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी, सपा लोहिया वाहिनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल सिंह वीरू, सपा छात्रसभा के निवर्तमान राष्ट्रीय सचिव मुकुल सिंह, यूथ ब्रिगेड के निवर्तमान जिलाध्यक्ष रामज्ञान गुप्ता शामिल रहे।
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सोमवार को सपा कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली ने कहा कि सपा के पूर्व प्रदेश सचिव संजय कश्यप ने शहर कोतवाली में एक गरीब को न्याय दिलाने की गुहार लगाई तो उन पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
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ये निराधार है, इसकी जांच की जाए। वहीं दूसरी घटना थाना अरवल क्षेत्र के ग्राम लालपुर गांव की है। वहां रामपाल की हत्या कर दी गई थी। जिसका मुख्य आरोपी परशुराम राजपूत है। मामले में शव रखकर जाम लगाया गया था। इसमें सपा के निवर्तमान जिला महासचिव एवं जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह यादव वीरे व उनके दोनों पुत्रों सहित कई अन्य सपाइयों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
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जबकि वीरेंद्र सिंह यादव वीरे एवं उनके पुत्र घटना के समय लखनऊ में थे। ग्राम सवायजपुर में समाजवादी पार्टी के बूथ अध्यक्ष मुन्ना त्रिपाठी पुत्र रामनरेश त्रिपाठी के पूरे परिवार पर फर्जी मुकदमा वहां के विधायक के दबाव में दर्ज किया गया।
तीनों प्रकरणों में समाजवादी पार्टी के नेताओं पर फर्जी मुकदमे लगाकर परेशान किया जा रहा है। इन सभी प्रकरणों को लेकर प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी से मिला।
इसमें पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व अध्यक्ष पद्मराग सिंह पम्मू, पूर्व प्रत्याशी सुभाष पाल, पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी, सपा लोहिया वाहिनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल सिंह वीरू, सपा छात्रसभा के निवर्तमान राष्ट्रीय सचिव मुकुल सिंह, यूथ ब्रिगेड के निवर्तमान जिलाध्यक्ष रामज्ञान गुप्ता शामिल रहे।