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Hardoi News: निकाय चुनाव में किस्मत आजमाए प्रत्याशियों ने नहीं दिया हिसाब
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हरदोई। नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम जारी हुए रविवार को 90 दिन की समयावधि पूरी हो गई। निकाय के चुनाव में किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशियों ने चुनाव के आय-व्यय का हिसाब-किताब नहीं दिया है। यहां पर 13 नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के लिए कुल 113 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई थी। 244 वार्डों में सभासद पर के लिए किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
चुनावों में आयोग ने कालेधन के प्रयोग और मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशियों की ओर से खर्च की जाने वाली राशि के आय-व्यय की निगरानी के लिए इसकी जांच-पड़ताल की व्यवस्था दी है। चुनाव प्रक्रिया होने के साथ ही प्रत्याशी को नामांकन कराने के साथ ही चुनावी खर्च व चंदा प्राप्त करने के लिए नवीन बैंक खाता खुलवाना पड़ता है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान बीच-बीच में आय-व्यय के पर्यवेक्षण के साथ ही चुनाव परिणाम जारी होने के 90 दिन के अंदर प्रत्याशियों को जांच के लिए लेखा-जोखा जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नामित आय-व्यय परीक्षण की प्रभारी अधिकारी के पास जमा करने की अनिवार्यता दी गई है। यहां पर अभी तक चुनाव में आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रत्याशियों ने जमा नहीं किया है।
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रजिस्टर भी नहीं लौटाया
नगरीय निकाय के चुनाव में किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशियों को चुनाव की आदर्श आचार संहिता सहित खर्चों के लेखा-जोखा के लिए रजिस्टर भी प्राप्त कराया जाता है। बताया गया कि प्रत्याशियों ने निर्वाचन कार्यालय की ओर से प्राप्त कराए गए रजिस्टर को भी नहीं लौटाया है।
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अभी तक शायद एक प्रत्याशी ने आय-व्यय का लेखा-जोखा दिया है, शेष किसी ने अभी तक लेखा-जोखा नहीं दिया है। सभी को निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से नोटिस जारी कराते हुए सूचित कराया जाएगा। नियत अवधि में लेखा-जोखा न देने वाले प्रत्याशियों पर उप्र राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दिए गए प्रावधान के तहत कार्रवाई की संस्तुति कर दी जाएगी।
कंचन भारती, वरिष्ठ कोषाधिकारी
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चुनावों में आयोग ने कालेधन के प्रयोग और मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशियों की ओर से खर्च की जाने वाली राशि के आय-व्यय की निगरानी के लिए इसकी जांच-पड़ताल की व्यवस्था दी है। चुनाव प्रक्रिया होने के साथ ही प्रत्याशी को नामांकन कराने के साथ ही चुनावी खर्च व चंदा प्राप्त करने के लिए नवीन बैंक खाता खुलवाना पड़ता है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान बीच-बीच में आय-व्यय के पर्यवेक्षण के साथ ही चुनाव परिणाम जारी होने के 90 दिन के अंदर प्रत्याशियों को जांच के लिए लेखा-जोखा जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नामित आय-व्यय परीक्षण की प्रभारी अधिकारी के पास जमा करने की अनिवार्यता दी गई है। यहां पर अभी तक चुनाव में आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रत्याशियों ने जमा नहीं किया है।
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रजिस्टर भी नहीं लौटाया
नगरीय निकाय के चुनाव में किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशियों को चुनाव की आदर्श आचार संहिता सहित खर्चों के लेखा-जोखा के लिए रजिस्टर भी प्राप्त कराया जाता है। बताया गया कि प्रत्याशियों ने निर्वाचन कार्यालय की ओर से प्राप्त कराए गए रजिस्टर को भी नहीं लौटाया है।
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अभी तक शायद एक प्रत्याशी ने आय-व्यय का लेखा-जोखा दिया है, शेष किसी ने अभी तक लेखा-जोखा नहीं दिया है। सभी को निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से नोटिस जारी कराते हुए सूचित कराया जाएगा। नियत अवधि में लेखा-जोखा न देने वाले प्रत्याशियों पर उप्र राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दिए गए प्रावधान के तहत कार्रवाई की संस्तुति कर दी जाएगी।
कंचन भारती, वरिष्ठ कोषाधिकारी