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Hardoi News: 15 हजार प्रसूताओं की प्रोत्साहन राशि पर बजट का संकट
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हरदोई। जननी सुरक्षा योजना में प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है। पिछले दो माह के दौरान हुए प्रसव में प्रोत्साहन राशि देने के लिए बजट ही नहीं है। जननी सुरक्षा योजना का संचालन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत किया जाता है।
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसूताओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र में 1100 रुपये बतौर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। बीते छह माह से मिशन के उच्चाधिकारियों की कार्यशैली ने योजना पर ग्रहण लगा दिया है। पहले तो स्पर्श प्रणाली से कराए जाने के कारण तीन माह तक भुगतान नहीं हो सके। ऐसे में करीब 16 हजार से अधिक भुगतान लंबित रहे।
नवंबर माह में तीन माह का भुगतान हुआ तो अब दो माह का बजट ही रोक दिया गया। बता दें कि एनएचएम के कर्मियों और योजनाओं पर होने वाले खर्चे में कटौती करने के लिए मिशन मुख्यालय ने नया फरमान जारी किया है। इस कारण ही बजट रोक दिया गया है। ऐसे में नवंबर और दिसंबर के लिए बजट नहीं मिला है। इस वजह से जिले की करीब 15,064 प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाएगी। इतना ही नहीं जनवरी और फरवरी में भी बजट मिलेगा इसको लेकर भी संशय है।
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एनएचएम के कर्मियों के मानदेय पर भी संकट
एनएचएम के कर्मियों के मानदेय पर भी संकट के बादल छाए हैं। एनएचएम के अंतर्गत चिकित्सक, एएनएम, नर्स समेत विभागों में कर्मचारी भी कार्यरत हैं। जिले में करीब 1250 के आसपास एनएचएम कर्मी हैं। मिशन के उच्चाधिकारियों की तरफ से आए फरमान के बाद बजट पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में योजनाएं तो प्रभावित हुई हैं साथ ही कर्मियों के वेतन और मानदेय भी अटक गए हैं। ऐसे में कर्मियों के सामने भी परिवार के भरण पोषण को लेकर भी आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को भुगतान किया जा रहा है। जो मामले लंबित हैं उनके लिए भी जैसे ही बजट आएगा भुगतान करा दिया जाएगा। बजट का आवंटन शासन स्तर से होता है। कब तक आएगा इसके बारे में अभी जानकारी नहीं है। -डॉ. भवनाथ पांडेय,
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसूताओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र में 1100 रुपये बतौर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। बीते छह माह से मिशन के उच्चाधिकारियों की कार्यशैली ने योजना पर ग्रहण लगा दिया है। पहले तो स्पर्श प्रणाली से कराए जाने के कारण तीन माह तक भुगतान नहीं हो सके। ऐसे में करीब 16 हजार से अधिक भुगतान लंबित रहे।
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नवंबर माह में तीन माह का भुगतान हुआ तो अब दो माह का बजट ही रोक दिया गया। बता दें कि एनएचएम के कर्मियों और योजनाओं पर होने वाले खर्चे में कटौती करने के लिए मिशन मुख्यालय ने नया फरमान जारी किया है। इस कारण ही बजट रोक दिया गया है। ऐसे में नवंबर और दिसंबर के लिए बजट नहीं मिला है। इस वजह से जिले की करीब 15,064 प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाएगी। इतना ही नहीं जनवरी और फरवरी में भी बजट मिलेगा इसको लेकर भी संशय है।
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एनएचएम के कर्मियों के मानदेय पर भी संकट
एनएचएम के कर्मियों के मानदेय पर भी संकट के बादल छाए हैं। एनएचएम के अंतर्गत चिकित्सक, एएनएम, नर्स समेत विभागों में कर्मचारी भी कार्यरत हैं। जिले में करीब 1250 के आसपास एनएचएम कर्मी हैं। मिशन के उच्चाधिकारियों की तरफ से आए फरमान के बाद बजट पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में योजनाएं तो प्रभावित हुई हैं साथ ही कर्मियों के वेतन और मानदेय भी अटक गए हैं। ऐसे में कर्मियों के सामने भी परिवार के भरण पोषण को लेकर भी आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को भुगतान किया जा रहा है। जो मामले लंबित हैं उनके लिए भी जैसे ही बजट आएगा भुगतान करा दिया जाएगा। बजट का आवंटन शासन स्तर से होता है। कब तक आएगा इसके बारे में अभी जानकारी नहीं है। -डॉ. भवनाथ पांडेय,
मुख्य चिकित्सा अधिकारी