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Hardoi News: बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलिया, मार्गों की छह माह बाद भी बदहाल
Tue, 16 Jan 2024 12:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 16 Jan 2024 12:46 AM IST
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हरदोई। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों में बाढ़ का पानी उतरे करीब छह माह बीतने को हैं। अभी तक बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलिया और मार्गों की मरम्मत नहीं हुई है। ऐसे में लोगों को क्षतिग्रस्त मार्गों से होकर ही आवागमन करना पड़ रहा है और सफर तय करने में राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बाढ़ से कटरी क्षेत्र में मुख्य मार्गों के साथ ही कई गांवों के संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।
बरसात के मौसम में बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों के साथ ही गंभीरी और नीलम नदियों में बाढ़ आई थी। बाढ़ के पानी की चपेट में आने से हरपालपुर के कटरी क्षेत्र में सलेमपुर-कड़हर मार्ग अर्जुनपुर के पास पूरी तरह से कट गया। ऐसे ही क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी की चपेट में आने क्षतिग्रस्त हो गए। अगस्त में बाढ़ का पानी नदियों से उतर जाने के बाद क्षतिग्रस्त पुलिया और मार्गों की मरम्मत का काम अभी तक नहीं कराया जा सका है।
बाढ़ प्रभावित किसानों को दैवी आपदा मद से मुआवजा का वितरण तो किया गया है लेकिन क्षतिग्रस्त पुलिया, मार्गों के साथ ही अन्य सरकारी भवनों की मरम्मत के लिए कोई ठोस कार्य योजना नहीं तैयार हुई है। जिससे बाढ़ का पानी नदियों से करीब छह माह पहले उतरने के बाद भी अभी तक अर्जुनपुर के पास कटी सड़क को दुरुस्त नहीं कराया गया है। जिससे राहगीरों को कटान से प्रभावित सड़क के भाग में आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव के लिए तो वर्ष 2022-23 में काम कराए गए थे लेकिन जून-अगस्त माह के मध्य आइ बाढ़ से क्षतिग्रस्त कार्यों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए अभी कार्ययोजना शासन को नहीं भेजी गई है। शासन की ओर से कार्ययोजना और एस्टीमेट मांगे जाने पर कार्यवार एस्टीमेट तैयार कराए जाएंगे।
सुमंत कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-एक
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बरसात के मौसम में बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों के साथ ही गंभीरी और नीलम नदियों में बाढ़ आई थी। बाढ़ के पानी की चपेट में आने से हरपालपुर के कटरी क्षेत्र में सलेमपुर-कड़हर मार्ग अर्जुनपुर के पास पूरी तरह से कट गया। ऐसे ही क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी की चपेट में आने क्षतिग्रस्त हो गए। अगस्त में बाढ़ का पानी नदियों से उतर जाने के बाद क्षतिग्रस्त पुलिया और मार्गों की मरम्मत का काम अभी तक नहीं कराया जा सका है।
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बाढ़ प्रभावित किसानों को दैवी आपदा मद से मुआवजा का वितरण तो किया गया है लेकिन क्षतिग्रस्त पुलिया, मार्गों के साथ ही अन्य सरकारी भवनों की मरम्मत के लिए कोई ठोस कार्य योजना नहीं तैयार हुई है। जिससे बाढ़ का पानी नदियों से करीब छह माह पहले उतरने के बाद भी अभी तक अर्जुनपुर के पास कटी सड़क को दुरुस्त नहीं कराया गया है। जिससे राहगीरों को कटान से प्रभावित सड़क के भाग में आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव के लिए तो वर्ष 2022-23 में काम कराए गए थे लेकिन जून-अगस्त माह के मध्य आइ बाढ़ से क्षतिग्रस्त कार्यों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए अभी कार्ययोजना शासन को नहीं भेजी गई है। शासन की ओर से कार्ययोजना और एस्टीमेट मांगे जाने पर कार्यवार एस्टीमेट तैयार कराए जाएंगे।
सुमंत कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-एक