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Hardoi News: स्तनपान कक्ष बना स्टोररूम, भर दिए कूड़ेदान
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फोटो- 18- महिला अस्पताल के स्तनपान कक्ष में रखा कूड़ादान व अन्य सामान। संवाद
- जिला अस्पताल में बच्चों को दूध पिलाने के लिए ओट और कोना खोजती हैं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बच्चों को स्तनपान कराने के लिए बनाए गए स्तनपान कक्षों की जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण दुर्दशा हो रही है। इन कक्षों को स्टोर रूम में बदल दिया गया है, जहां कूड़ादान और अन्य सामान भरा जा रहा है। इससे धात्री महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं का सम्मान बनाए रखने और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर अपने बच्चों को दूध पिलाने में सहज महसूस कराने के उद्देश्य से शासन स्तर पर विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, धात्री महिलाओं के लिए स्तनपान कक्षों की स्थापना की गई। इन कक्षों का मुख्य उद्देश्य यह है कि महिलाएं बिना किसी झिझक के अपने बच्चों को स्तनपान करा सकें। हालांकि, मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्तनपान कक्षों की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। इन्हें कूड़ादान और अन्य अनुपयोगी सामानों से भर दिया गया है। इस कारण, जिन महिलाओं को इनकी आवश्यकता होती है, वह इनका उपयोग नहीं कर पाती हैं।
वर्जन
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्तनपान कक्षों में रखे गए सामान को तत्काल शिफ्ट किया जाए और इन कक्षों को साफ-सुथरा बनाया जाए जिससे कि महिलाओं को असुविधा का सामना न करना पड़े। इन कक्षों की उचित व्यवस्था से ही माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा मिलेगा।-डॉ. सुबोध कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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- जिला अस्पताल में बच्चों को दूध पिलाने के लिए ओट और कोना खोजती हैं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बच्चों को स्तनपान कराने के लिए बनाए गए स्तनपान कक्षों की जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण दुर्दशा हो रही है। इन कक्षों को स्टोर रूम में बदल दिया गया है, जहां कूड़ादान और अन्य सामान भरा जा रहा है। इससे धात्री महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं का सम्मान बनाए रखने और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर अपने बच्चों को दूध पिलाने में सहज महसूस कराने के उद्देश्य से शासन स्तर पर विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, धात्री महिलाओं के लिए स्तनपान कक्षों की स्थापना की गई। इन कक्षों का मुख्य उद्देश्य यह है कि महिलाएं बिना किसी झिझक के अपने बच्चों को स्तनपान करा सकें। हालांकि, मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्तनपान कक्षों की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। इन्हें कूड़ादान और अन्य अनुपयोगी सामानों से भर दिया गया है। इस कारण, जिन महिलाओं को इनकी आवश्यकता होती है, वह इनका उपयोग नहीं कर पाती हैं।
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अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्तनपान कक्षों में रखे गए सामान को तत्काल शिफ्ट किया जाए और इन कक्षों को साफ-सुथरा बनाया जाए जिससे कि महिलाओं को असुविधा का सामना न करना पड़े। इन कक्षों की उचित व्यवस्था से ही माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा मिलेगा।-डॉ. सुबोध कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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