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Hardoi News: महिलाओं के रोजगार पर ब्रेक, एसएचजी के सीसीएल की स्वीकृति के लिए 767 पत्रावलियां बैंक में फंसी
Sat, 25 Feb 2023 11:16 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sat, 25 Feb 2023 11:16 PM IST
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महिलाओं के रोजगार पर लगा ब्रेक, 767 पत्रावलियां बैंक में फंसी
- एक समूह के लिए छह लाख तक सीसीएल स्वीकृति की दी गई है व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) की स्वीकृति के लिए 767 पत्रावलियां बैंक स्तर पर लंबित हैं। सीसीएल के लिए शासन ने 4100 का लक्ष्य दिया है, लेकिन अभी तक 1631 ही स्वीकृति हो सकी हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए समूहों का गठन कराते हुए उन्हें वित्तीय रूप से सक्षम बनाने के लिए बैंकों के माध्यम से सीसीएल की सुविधा दी गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक समूह को छह लाख तक की सीसीएल स्वीकृत करने की व्यवस्था दी गई है। बताया गया कि शासन की ओर से जिले को 4100 का लक्ष्य दिया गया है। यहां पर चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1,531 की सीसीएल ही स्वीकृत हो सकी है। वहीं 767 पत्रावलियां स्वीकृति के लिए बैंकों में फंसी हुई हैं।
लंबित पत्रावलियों का ब्योरा
ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में 357, बैंक ऑफ इंडिया में 95, इंडियन बैंक में 119, एसबीआई में 43, बैंक ऑफ बड़ौदा में चार, केनरा बैंक में 70, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 57, पीएनबी में 92, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 29 और इंडियन ओवरसीज बैंक में सात पत्रावलियां लंबित हैं।
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वर्जन
संबंधित बैंकर्स और जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक से कहा गया है कि महिला रोजगार से जुड़ी इन पत्रावलियों की स्वीकृति प्राथमिकता पर कराएं। - गजेंद्र कुमार, प्रभारी स्वत: रोजगार उपायुक्त
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- एक समूह के लिए छह लाख तक सीसीएल स्वीकृति की दी गई है व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) की स्वीकृति के लिए 767 पत्रावलियां बैंक स्तर पर लंबित हैं। सीसीएल के लिए शासन ने 4100 का लक्ष्य दिया है, लेकिन अभी तक 1631 ही स्वीकृति हो सकी हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए समूहों का गठन कराते हुए उन्हें वित्तीय रूप से सक्षम बनाने के लिए बैंकों के माध्यम से सीसीएल की सुविधा दी गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक समूह को छह लाख तक की सीसीएल स्वीकृत करने की व्यवस्था दी गई है। बताया गया कि शासन की ओर से जिले को 4100 का लक्ष्य दिया गया है। यहां पर चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1,531 की सीसीएल ही स्वीकृत हो सकी है। वहीं 767 पत्रावलियां स्वीकृति के लिए बैंकों में फंसी हुई हैं।
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लंबित पत्रावलियों का ब्योरा
ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में 357, बैंक ऑफ इंडिया में 95, इंडियन बैंक में 119, एसबीआई में 43, बैंक ऑफ बड़ौदा में चार, केनरा बैंक में 70, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 57, पीएनबी में 92, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 29 और इंडियन ओवरसीज बैंक में सात पत्रावलियां लंबित हैं।
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वर्जन
संबंधित बैंकर्स और जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक से कहा गया है कि महिला रोजगार से जुड़ी इन पत्रावलियों की स्वीकृति प्राथमिकता पर कराएं। - गजेंद्र कुमार, प्रभारी स्वत: रोजगार उपायुक्त