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Hardoi News: बेनीगंज के सार्वजनिक शौचालय को बना दिया पशुओं का बाड़ा
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बेनीगंज। बेनीगंज नगर पंचायत क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के तहत अहिरन पासी टोला में बने सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल बकरी और मुर्गे-मुर्गी रखने के लिए किया जा रहा है। वर्ष 2019-20 में बना यह सार्वजनिक शौचालय किसी भी व्यक्ति के काम नहीं आ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पूर्व में केयर टेकर रहे युवक के मवेशी और मुर्गी इसमें बंद रहते हैं।
अहिरनपासी टोला में बनवाए गए सार्वजनिक शौचालय का निर्माण होने के बाद वर्ष 2020 में इसका लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने किया था। तत्कालीन अफसरों ने नगरीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए इसे जरूरी सुविधा बताया था। साथ ही कहा था कि आवागमन के दौरान भी प्रसाधन में लोगों को सुविधा होगी।
बहरहाल निर्माण के चार साल में ही यह सार्वजनिक शौचालय से पशुओं का बाड़ा बन गया है। मंगलवार को इस सार्वजनिक शौचालय में मुर्गियां, मुर्गी के बच्चे और बकरियां बंधी मिलीं। दरवाजा खोलते ही मुर्गी और बच्चे बाहर निकल पड़े। पूरे मामले पर अधिशासी अधिकारी विजेता गुप्ता ने बताया कि यह मामला संज्ञान में नहीं है। पूरी जानकारी करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
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गोपामऊ नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं संडीला की ईओ विजेता गुप्ता से पूरे मामले पर चौकाने वाले जवाब मिले। ईओ से पूछा गया कि लगभग कितनी लागत से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हुआ था तो जवाब मिला कि बड़े बाबू से पूछ लो, हमें नहीं पता। बहरहाल उनका जवाब यह एहसास कराने के लिए काफी है कि अतिरिक्त प्रभार के प्रति वह कितना गंभीर हैं।
गोपामऊ नगर पंचायत के बड़े बाबू विजय तिवारी के पास बेनीगंज नगर पंचायत के बड़े बाबू का अतिरिक्त प्रभार है। जब बड़े बाबू से संपर्क कर सार्वजनिक शौचालय की लागत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी गोपामऊ में हैं। जब बेनीगंज आएंगे तब बताएंगे।
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अहिरनपासी टोला में बनवाए गए सार्वजनिक शौचालय का निर्माण होने के बाद वर्ष 2020 में इसका लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने किया था। तत्कालीन अफसरों ने नगरीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए इसे जरूरी सुविधा बताया था। साथ ही कहा था कि आवागमन के दौरान भी प्रसाधन में लोगों को सुविधा होगी।
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बहरहाल निर्माण के चार साल में ही यह सार्वजनिक शौचालय से पशुओं का बाड़ा बन गया है। मंगलवार को इस सार्वजनिक शौचालय में मुर्गियां, मुर्गी के बच्चे और बकरियां बंधी मिलीं। दरवाजा खोलते ही मुर्गी और बच्चे बाहर निकल पड़े। पूरे मामले पर अधिशासी अधिकारी विजेता गुप्ता ने बताया कि यह मामला संज्ञान में नहीं है। पूरी जानकारी करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
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गोपामऊ नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं संडीला की ईओ विजेता गुप्ता से पूरे मामले पर चौकाने वाले जवाब मिले। ईओ से पूछा गया कि लगभग कितनी लागत से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हुआ था तो जवाब मिला कि बड़े बाबू से पूछ लो, हमें नहीं पता। बहरहाल उनका जवाब यह एहसास कराने के लिए काफी है कि अतिरिक्त प्रभार के प्रति वह कितना गंभीर हैं।
गोपामऊ नगर पंचायत के बड़े बाबू विजय तिवारी के पास बेनीगंज नगर पंचायत के बड़े बाबू का अतिरिक्त प्रभार है। जब बड़े बाबू से संपर्क कर सार्वजनिक शौचालय की लागत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी गोपामऊ में हैं। जब बेनीगंज आएंगे तब बताएंगे।