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Hardoi News: नवजात वार्ड में बढ़ेंगे बेड, 30 बच्चे किए जा सकेंगे भर्ती
Fri, 07 Mar 2025 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Fri, 07 Mar 2025 11:55 PM IST
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फोटो-05- एसएनसीयू वार्ड में एक वार्मर में भर्ती दो नवजात। संवाद
फोटो-06- नए वार्ड में रखे वार्मर। संवाद
फोटो-29- 30 सितंबर के अंक में प्रकाशित खबर।
- अभी 12 रेडिएंट वार्मर पर भर्ती किए जा रहे नवजात, नए वार्ड में 18 रेडिएंट वार्मर किए गए शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला चिकित्सालय के विशेष नवजात शिशु यूनिट (एसएनसीयू) में वार्मर बेड बढ़ा दिए गए हैं। अब तक यहां 12 बेड ही थे, लेकिन 18 बेड और लगाए गए हैं। इस तरह वार्मर बेडों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है।
वार्मर बेड कम होने के कारण एक एक बेड पर दो दो बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा था। इसके कारण बच्चों में संक्रमण का खतरा भी रहता था। अमर उजाला में वार्मर बेडों की कम संख्या को लेकर खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में समय से पहले जन्मे या फिर कम वजन के बच्चों को एक मशीन पर रखा जाता है। जो बच्चों के शरीर को गर्माहट देती रहती है। रेडिएंट वार्मर मशीन पर नवजात से लेकर एक माह तक के शिशुओं का उपचार किया जाता है। आए दिन एसएनसीयू वार्ड में क्षमता से अधिक नवजात बच्चे भर्ती किए जाते हैं।
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ऐसे में एक बेड (वार्मर) पर एक साथ दो नवजात बच्चों को लिटाकर इलाज देना पड़ा रहा है। इससे बच्चों में संक्रमण का खतरा बना रहता है। एक वार्मर पर दो बच्चों का इलाज किए जाने से संबंधित खबर अमर उजाला में प्रकाशित की गई। लेकिन अब एसएनसीयू में वार्मर बेडों की कमी को दूर कर लिया गया है। एसएनसीयू में 18 नए रेडिएंट वार्मर लगा दिए गए हैं। नवजात को अब भर्ती करने में काफी सहूलियत मिल सकेगी।
एक सप्ताह के अंदर शुरू हो जाएगी नई यूनिट
एसएनसीयू का नवीन वार्ड एक सप्ताह के अंदर संचालित कर दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई ने बताया कि रेडिएंट वार्मर उपलब्ध करा दिए गए हैं और अब वार्ड में वार्मरों को स्थापित करने का काम कराया जा रहा है। वार्मरों के इंस्टालेशन का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। वार्मर मशीनों की टेस्टिंग कर एक सप्ताह के अंदर नवीन यूनिट को शुरू कर दिया गया है। महिला चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. सुबोध को भी स्टाफ की नियुक्ति के निर्देश दे दिए गए हैं।
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फोटो-06- नए वार्ड में रखे वार्मर। संवाद
फोटो-29- 30 सितंबर के अंक में प्रकाशित खबर।
- अभी 12 रेडिएंट वार्मर पर भर्ती किए जा रहे नवजात, नए वार्ड में 18 रेडिएंट वार्मर किए गए शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला चिकित्सालय के विशेष नवजात शिशु यूनिट (एसएनसीयू) में वार्मर बेड बढ़ा दिए गए हैं। अब तक यहां 12 बेड ही थे, लेकिन 18 बेड और लगाए गए हैं। इस तरह वार्मर बेडों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है।
वार्मर बेड कम होने के कारण एक एक बेड पर दो दो बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा था। इसके कारण बच्चों में संक्रमण का खतरा भी रहता था। अमर उजाला में वार्मर बेडों की कम संख्या को लेकर खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
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नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में समय से पहले जन्मे या फिर कम वजन के बच्चों को एक मशीन पर रखा जाता है। जो बच्चों के शरीर को गर्माहट देती रहती है। रेडिएंट वार्मर मशीन पर नवजात से लेकर एक माह तक के शिशुओं का उपचार किया जाता है। आए दिन एसएनसीयू वार्ड में क्षमता से अधिक नवजात बच्चे भर्ती किए जाते हैं।
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ऐसे में एक बेड (वार्मर) पर एक साथ दो नवजात बच्चों को लिटाकर इलाज देना पड़ा रहा है। इससे बच्चों में संक्रमण का खतरा बना रहता है। एक वार्मर पर दो बच्चों का इलाज किए जाने से संबंधित खबर अमर उजाला में प्रकाशित की गई। लेकिन अब एसएनसीयू में वार्मर बेडों की कमी को दूर कर लिया गया है। एसएनसीयू में 18 नए रेडिएंट वार्मर लगा दिए गए हैं। नवजात को अब भर्ती करने में काफी सहूलियत मिल सकेगी।
एक सप्ताह के अंदर शुरू हो जाएगी नई यूनिट
एसएनसीयू का नवीन वार्ड एक सप्ताह के अंदर संचालित कर दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई ने बताया कि रेडिएंट वार्मर उपलब्ध करा दिए गए हैं और अब वार्ड में वार्मरों को स्थापित करने का काम कराया जा रहा है। वार्मरों के इंस्टालेशन का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। वार्मर मशीनों की टेस्टिंग कर एक सप्ताह के अंदर नवीन यूनिट को शुरू कर दिया गया है। महिला चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. सुबोध को भी स्टाफ की नियुक्ति के निर्देश दे दिए गए हैं।