फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   bank

बैंक में जमा ऐसी बचत किस काम की, लेना पड़ रहा कर्ज

Fri, 28 May 2021 10:43 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 May 2021 10:43 PM IST
विज्ञापन
bank
भरावन। किसी का बेटा अस्पताल में भर्ती है तो किसी की बेटी की शादी नजदीक आ गई है ... ऐसे में भी लोगों को बैंक में जमा की गई अपनी पूंजी नहीं मिल पा रही है। जिससे खाताधारक खासे परेशान हैं। यह हाल अतरौली कस्बा स्थित हरदोई डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक की शाखा का है। शाखा प्रबंधक भी खुद को असहाय बता रहे हैं। उनका कहना है कि वह लगातार डिमांड भेज रहे हैं, लेकिन मुख्यालय से धनराशि ही नहीं मिल रही है। जो भी मिल रहा है, वह खाताधारकों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
विज्ञापन

कोरोना काल में काम धंधा बंद होने के बाद लगभग सभी वर्ग परेशान हैं, लोगों को जीवन यापन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में लोग बैंकों में जमा की गई बचत से ही जैसे तैैसे अपनी जीविका चला रहे हैं और जरूरतें पूरी कर रहे हैं। इन हालातों में भी कस्बे में स्थित कोआपरेटिव बैंक खाताधारकों की उम्मीद पर खरी नहीं उतर रही है।
विज्ञापन

बैंक खाताधारकों के जमा धन का ही भुगतान नहीं कर रही है। भुगतान के नाम पर काफी दबाव पड़ने पर शाखा प्रबंधन खाताधारकों को अधिकतम दो हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है। गुरुवार को बैंक के बाहर जुटे ग्राहकों ने बैंक के इस रवैये पर खासी नाराजगी जताई और एकत्र होकर खासा हंगामा काटा। बैंक प्रबंधन को हालात संभालने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि अपनी परेशानी बता और जल्द ही भुगतान व्यवस्था सुधारे जाने का आश्वासन देकर बैंक कर्मियों ने खाताधारकों को शांत कराया। बैंक के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से ही धनराशि नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते भुगतान व्यवस्था प्रभावित है। धनराशि मिलने पर भुगतान व्यवस्था पटरी पर आ सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, इस संबंध में शाखा प्रबंधक हरदोई डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक राकेश त्रिपाठी का कहना है कि भुगतान की व्यवस्था पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यालय पर लगातार डिमांड भेजी जा रही है, लेकिन आवश्यकतानुसार धनराशि नहीं मिल पा रही है। जितनी भी धनराशि मिल रही है, उससे भुगतान किया जा रहा है।
नहीं चुका पा रहे उधारी
ग्राम गदियाखेड़ा निवासी रहीश ने बताया कि बेटी के गौना के लिए उन्होंने 10 हजार रुपये उधार लिए थे। अब रुपये वापस करने हैं, खाते में जमा रुपये निकालने के लिए वह लगभग दो महीने से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन शाखा से उसको भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
भाई की है शादी, कैसे करें इंतजाम
ग्राम सागरगढ़ी निवासी सरोज ने बताया कि भाई की शादी है। शादी के लिए कुछ रुपये जोड़ कर बैंक में जमा किए थे। एक माह से लगातार बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जमा धनराशि का भुगतान नहीं मिल रहा है। रुपये न मिले तो बड़ी परेशानी झेलनी होगी।
बेटा बीमार नहीं करा पा रहे इलाज
गाम कन्हई खेड़ा की रजनी ने बताया कि उनका पुत्र अस्पताल में भर्ती है। बैंक से रुपये न निकाल पाने के कारण वह अच्छे ढंग से इलाज नहीं करा पा रही हैं। बैंक वाले रुपये न होने की बात कह रहे हैं। अब मजबूरन जेवर व खेत गिरवी रखने पड़ेंगे।

गिरवीं रखे जेवर हैं छुड़ाने
लालपुर फाटक निवासी शुभकरन ने बताया कि पत्नी की तबियत खराब होने पर उसने जेवर गिरवी रखकर कर्ज लिया था। बैंक में जमा रुपये निकाल कर वह कर्ज अदा करना चाहता है, लेकिन बैंक वाले दो माह से भुगतान ही नहीं कर रहे हैं, जिससे ब्याज बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed