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Hardoi News: धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने वाले काजी और गवाहों की जमानत अर्जी खारिज
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हरदोई। युवती का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराने के मामले में तीन आरोपियों की जमानत अर्जी जिला जज संजीव शुक्ला ने खारिज कर दी है। इन तीन आरोपियों में धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने वाला काजी और दो गवाह शामिल हैं। मुख्य आरोपी ने अभी जमानत की अर्जी नहीं लगाई है।
केसरिया हिंदू वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष पवन रस्तोगी ने शाहाबाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि शाहाबाद कस्बा निवासी हसन एक हिंदू युवती को बहलाकर दिल्ली से ले आया। धर्म परिवर्तन कराकर 25 नवंबर 2024 को निकाह कर लिया। विवेचना के दौरान पता चला था कि हसन संगम विहार में सिलाई का काम करता था। दुकान के ऊपर ही युवती अपने पांच भाई-बहनों व माता-पिता के साथ रहती थी। हसन ने अपना नाम हेमंत बताकर किशोरी को प्रेमजाल में फंसाया। 18 मार्च 2023 किशोरी को बहलाकर दिल्ली के तुगलकाबाद बाद इलाके में ले गया था। 25 नवंबर 2024 को हसन युवती को गांव लेकर आया और उसका धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कर लिया।
शाहजहांपुर जनपद के थाना जलालाबाद निवासी शाहरुख मंसूरी ने निकाह कराया था। सांडी थाना क्षेत्र के आदमपुर गांव निवासी अनीश व शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के दरियापुर बिक्कू निवासी सकूर उक्त निकाह में गवाह बने थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनमें से शाहरुख मंसूरी, अनीस और सकूर ने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत याचिका दायर कर जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की थी। जिला जज संजीव शुक्ला ने दोनों पक्षों के तर्काें को सुनने के बाद पत्रावली में मौजूद सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियेां की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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केसरिया हिंदू वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष पवन रस्तोगी ने शाहाबाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि शाहाबाद कस्बा निवासी हसन एक हिंदू युवती को बहलाकर दिल्ली से ले आया। धर्म परिवर्तन कराकर 25 नवंबर 2024 को निकाह कर लिया। विवेचना के दौरान पता चला था कि हसन संगम विहार में सिलाई का काम करता था। दुकान के ऊपर ही युवती अपने पांच भाई-बहनों व माता-पिता के साथ रहती थी। हसन ने अपना नाम हेमंत बताकर किशोरी को प्रेमजाल में फंसाया। 18 मार्च 2023 किशोरी को बहलाकर दिल्ली के तुगलकाबाद बाद इलाके में ले गया था। 25 नवंबर 2024 को हसन युवती को गांव लेकर आया और उसका धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कर लिया।
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शाहजहांपुर जनपद के थाना जलालाबाद निवासी शाहरुख मंसूरी ने निकाह कराया था। सांडी थाना क्षेत्र के आदमपुर गांव निवासी अनीश व शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के दरियापुर बिक्कू निवासी सकूर उक्त निकाह में गवाह बने थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनमें से शाहरुख मंसूरी, अनीस और सकूर ने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत याचिका दायर कर जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की थी। जिला जज संजीव शुक्ला ने दोनों पक्षों के तर्काें को सुनने के बाद पत्रावली में मौजूद सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियेां की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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