{"_id":"61e9a3464dc0167f062d38cc","slug":"bagh-hardoi-news-knp676417926","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ ने पांच किमी चलकर भिरिया में ली पनाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ ने पांच किमी चलकर भिरिया में ली पनाह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिहानी। कुल्हावर और बूढ़ागांव के गन्ने के खेतों में छुपते हुए बाघ पांच किलोमीटर दूर भिरिया गांव तक पहुंच गया है। वन विभाग की टीम के मुताबिक बाघ लगातार उत्तर दिशा की ओर चल रहा है। अनुमान है कि वह दुधवा के जंगल की ओर लौट रहा है।
टाइगर रिजर्व पीलीभीत के बाघ विशेषज्ञ प्रेम चंद ने वन विभाग की टीम को बताया है कि बाघ अब तक सही रास्ते पर चल रहा है। उसकी जंगल में वापसी तक नजर रखने की हिदायत देकर बाघ विशेषज्ञों की टीम वापस लौट गई है। वन विभाग की टीम रेंजर शीतला प्रसाद के नेतृत्व में बाघ की निगरानी कर रही है। शीतला प्रसाद ने बताया कि भिरिया से आगे बाघ के पद चिह्न चिन्ह नहीं मिले हैं। इससे यह समझा जा रहा है कि बाघ इसी इलाके में है। एहतियातन भिरिया, कोटरा, पंडरवा, चठिया, भोगियापुर और दानपुर गांवों के निवासियों को सतर्क करने के लिए कहा गया है।
किसानों को अकेले खेत की ओर न जाने के लिए आगाह किया गया है। पशुओं की सुरक्षा के लिए भी सुझाव दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक बाघ ने किसी गांव में आबादी की तरफ रुख नहीं किया और न ही किसी पालतू जानवर को निशाना बनाया है। इसलिए यह उम्मीद की जा रही है कि बाघ नदी के रास्ते चलता हुआ दुधवा नेशनल पार्क लौट जाएगा। उसके इस क्षेत्र से निकलने तक लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व पीलीभीत के बाघ विशेषज्ञ प्रेम चंद ने वन विभाग की टीम को बताया है कि बाघ अब तक सही रास्ते पर चल रहा है। उसकी जंगल में वापसी तक नजर रखने की हिदायत देकर बाघ विशेषज्ञों की टीम वापस लौट गई है। वन विभाग की टीम रेंजर शीतला प्रसाद के नेतृत्व में बाघ की निगरानी कर रही है। शीतला प्रसाद ने बताया कि भिरिया से आगे बाघ के पद चिह्न चिन्ह नहीं मिले हैं। इससे यह समझा जा रहा है कि बाघ इसी इलाके में है। एहतियातन भिरिया, कोटरा, पंडरवा, चठिया, भोगियापुर और दानपुर गांवों के निवासियों को सतर्क करने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
किसानों को अकेले खेत की ओर न जाने के लिए आगाह किया गया है। पशुओं की सुरक्षा के लिए भी सुझाव दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक बाघ ने किसी गांव में आबादी की तरफ रुख नहीं किया और न ही किसी पालतू जानवर को निशाना बनाया है। इसलिए यह उम्मीद की जा रही है कि बाघ नदी के रास्ते चलता हुआ दुधवा नेशनल पार्क लौट जाएगा। उसके इस क्षेत्र से निकलने तक लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन