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बजे घंटे-घड़ियाल, हुई मां की जय-जयकार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 22 Mar 2015 12:38 AM IST
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन शनिवार को पूरा जनपद
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श्रद्धा में डूबा नजर आया और हर जगह मां की महिमा का ही गुणगान होता रहा।
घरों से लेकर मंदिरों में मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने को भक्तों द्वारा
विधि विधान से पूजन अर्चन किया गया। शहर भर में मां मेरे भी घर आओ, गरीब
भक्त पर भी कृपा दृष्टि बनाओ जैसे भजन सुनाई देते रहे।
शहर के लगभग सारे मंदिरों में शनिवार को सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा। देर शाम तो प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों को मां के दर्शन को लंबा इंतजार भी करना पड़ा। दूसरी तरफ महिला श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों में भजन आदि भी किए गए।
शास्त्रों के जानकारों का कहना है कि पूर्व जन्म में इनके पिता राजा दक्ष थे। उन्हाेंने एक बार यज्ञ किया। जिसमें शिव को निमंत्रण नहीं भेजा। सती भगवान शंकर के मना करने पर भी पिता के यहां यज्ञ में भाग लेनी गई। यज्ञ मंडप में शिव का आसन भी न था।
देवी को शिव का अपमान सहन नहीं हुआ और यज्ञ में सती हो गई। सती शैलराज की पुत्री पार्वती के रूप में दूसरा जन्म लेकर शिवांगी बनी। प्रतिपदा में माता के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा घटस्थापना के साथ करना मंगलकारी होता है।
इधर, पहले दिन मां दुर्गा देवी मंदिर, माता फूलमती देवी मंदिर, मां श्रवण देवी मंदिर, बाबा सिद्धेश्वरनाथ मंदिर, बाबा शिव भोले मंदिर आदि में दिन भर भक्तों द्वारा पूजन अर्चन जारी रहा। उधर, नवरात्र की तैयारियों को लेकर पूजन आदि की सामग्री की खरीदारी को शनिवार को बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही।
पूजन सामग्री से लेकर फूल माला, पान, सुपाड़ी आदि की दुकानों पर भी श्रद्धालु ही नजर आ रहे थे तो इसके अलावा मिट्टी के कलश व सेरवा आदि की बिक्री भी जोरों पर रही। इसी तरह फलों की दुकानों पर भी व्रत रहने वालों श्रद्धालुओं की भीड़ रही और फल विक्रेताओं ने भी फलों की मात्रा को पहले से ही बढ़ा कर दुकानों पर सजा रखा था।
अबकी भी फलों से लेकर अन्य सामग्री में भी मामूली से बढ़त देखने को मिली। उधर, बेनीगंज क्षेत्र में चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू हुए नवरात्र के प्रथम दिन मां के नौ स्वरूपों में प्रथम मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। मां की पूजा करने को मंदिरों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
घंटा, शंख, घड़ियाल की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। इधर, राधाकृष्ण मंदिर में गायत्री प्रज्ञा एवं महिला मंडल के तत्वावधान में कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे है। प्रज्ञा मंडल के राजेश्वर प्रसाद तिवारी ने बताया कि 30 मार्च को पांच कुं डीय गायत्री महायज्ञ सुबह 7 बजे से संपन्न होगा।
नवरात्र के दौरान मां की नित्य आरती सुबह 7 बजे एवं शाम को 8 बजे से होना सुनिश्चित की गई है। शाहाबाद क्षेत्र में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन भक्तों ने आदि शक्ति मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा व आराधना बड़े ही भक्तिभाव से की। इस मौके पर भक्तोें ने अपने अपने घरों में कलश की स्थापना कर मां का आह्वान किया।
आज नगर के प्राचीन संकटा देवी मंदिर पर भक्तों की खासी भीड़ मां की पूजा के लिए लगी रही। सभी ने लाइन में लगकर मां का पूजन अर्चन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। वहीं मनसा देवी, फूलमती, नवदुर्गा मंदिर में भी मां की पूजा आराधना में भक्त लीन नजर आए।
शहर के लगभग सारे मंदिरों में शनिवार को सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा। देर शाम तो प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों को मां के दर्शन को लंबा इंतजार भी करना पड़ा। दूसरी तरफ महिला श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों में भजन आदि भी किए गए।
शास्त्रों के जानकारों का कहना है कि पूर्व जन्म में इनके पिता राजा दक्ष थे। उन्हाेंने एक बार यज्ञ किया। जिसमें शिव को निमंत्रण नहीं भेजा। सती भगवान शंकर के मना करने पर भी पिता के यहां यज्ञ में भाग लेनी गई। यज्ञ मंडप में शिव का आसन भी न था।
देवी को शिव का अपमान सहन नहीं हुआ और यज्ञ में सती हो गई। सती शैलराज की पुत्री पार्वती के रूप में दूसरा जन्म लेकर शिवांगी बनी। प्रतिपदा में माता के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा घटस्थापना के साथ करना मंगलकारी होता है।
इधर, पहले दिन मां दुर्गा देवी मंदिर, माता फूलमती देवी मंदिर, मां श्रवण देवी मंदिर, बाबा सिद्धेश्वरनाथ मंदिर, बाबा शिव भोले मंदिर आदि में दिन भर भक्तों द्वारा पूजन अर्चन जारी रहा। उधर, नवरात्र की तैयारियों को लेकर पूजन आदि की सामग्री की खरीदारी को शनिवार को बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही।
पूजन सामग्री से लेकर फूल माला, पान, सुपाड़ी आदि की दुकानों पर भी श्रद्धालु ही नजर आ रहे थे तो इसके अलावा मिट्टी के कलश व सेरवा आदि की बिक्री भी जोरों पर रही। इसी तरह फलों की दुकानों पर भी व्रत रहने वालों श्रद्धालुओं की भीड़ रही और फल विक्रेताओं ने भी फलों की मात्रा को पहले से ही बढ़ा कर दुकानों पर सजा रखा था।
अबकी भी फलों से लेकर अन्य सामग्री में भी मामूली से बढ़त देखने को मिली। उधर, बेनीगंज क्षेत्र में चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू हुए नवरात्र के प्रथम दिन मां के नौ स्वरूपों में प्रथम मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। मां की पूजा करने को मंदिरों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
घंटा, शंख, घड़ियाल की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। इधर, राधाकृष्ण मंदिर में गायत्री प्रज्ञा एवं महिला मंडल के तत्वावधान में कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे है। प्रज्ञा मंडल के राजेश्वर प्रसाद तिवारी ने बताया कि 30 मार्च को पांच कुं डीय गायत्री महायज्ञ सुबह 7 बजे से संपन्न होगा।
नवरात्र के दौरान मां की नित्य आरती सुबह 7 बजे एवं शाम को 8 बजे से होना सुनिश्चित की गई है। शाहाबाद क्षेत्र में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन भक्तों ने आदि शक्ति मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा व आराधना बड़े ही भक्तिभाव से की। इस मौके पर भक्तोें ने अपने अपने घरों में कलश की स्थापना कर मां का आह्वान किया।
आज नगर के प्राचीन संकटा देवी मंदिर पर भक्तों की खासी भीड़ मां की पूजा के लिए लगी रही। सभी ने लाइन में लगकर मां का पूजन अर्चन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। वहीं मनसा देवी, फूलमती, नवदुर्गा मंदिर में भी मां की पूजा आराधना में भक्त लीन नजर आए।