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बाढ़ से बेघर हुए लोगों ने मांगे आवास
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 10 Mar 2015 12:41 AM IST
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नीचे जीवन यापन कर रहे बिलग्राम के ग्राम जलालपुर के ग्रामीणों ने सोमवार
को कलक्ट्रेट परिसर पहुंच कर लोहिया समग्र आवासों की मांग की है। इस दौरान
ग्रामीणों ने प्रदर्शन करने के बाद एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा।
कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे जलालपुर के मुलायम, श्रीकृष्ण, विजय पाल और देशराज आदि ने बताया कि वह काफी वर्षों से ग्राम मटरू पुरवा मजरा कटरी परसोला के रहने वाले थे। उन लोगों के गांव व खेत गंगा नदी में कट जाने के कारण वह बेघर हो गए थे। जिसके बाद जलालपुर में वह सड़क किनारे बस गए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन जिलाधिकारी और एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान इन लोगों को जलालपुर की परती भूमि पर रहने के लिए कहा और उसके बाद से छह से सात बरस से सारे ग्रामीण वहीं रह रहे हैं। यही नहीं इस दौरान उनका वोट भी इसी ग्राम सभा में बनाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका गांव डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना में चयनित हुआ है। इसके बाद यहां आवास के लिए भी पात्रों का चयन किया जा रहा, पर क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो का कहना है कि यहां शासन ने आवास बनाने के लिए रोक लगा रखी है, जिसके तहत इन लोगों के आवास चयनित नहीं हो सकते।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब वह यहां स्थायी रूप से रह रहे हैं और उनको आवास आवंटित हो सकते हैं तो फिर क्यों रोक लगाई जा रही है। इस दौरान कलक्ट्रेट परिसर में ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया तथा एक ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंप कर उनसे आवासों की स्वीकृति प्रदान करवाए जाने की मांग की।
इस मौके पर देशराज, लक्ष्मी, भूरा, छोटे सिंह, धर्मेंद्र, राम प्रकाश, महेश, राकेश, हरिश्चंद्र, जगदीश, राजपाल, श्रीनिवास, इतवारी, भानु, बलराम, रेशमादेवी, सुरेश और सुभाष आदि ग्रामीण मौजूद थे।
कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे जलालपुर के मुलायम, श्रीकृष्ण, विजय पाल और देशराज आदि ने बताया कि वह काफी वर्षों से ग्राम मटरू पुरवा मजरा कटरी परसोला के रहने वाले थे। उन लोगों के गांव व खेत गंगा नदी में कट जाने के कारण वह बेघर हो गए थे। जिसके बाद जलालपुर में वह सड़क किनारे बस गए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन जिलाधिकारी और एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान इन लोगों को जलालपुर की परती भूमि पर रहने के लिए कहा और उसके बाद से छह से सात बरस से सारे ग्रामीण वहीं रह रहे हैं। यही नहीं इस दौरान उनका वोट भी इसी ग्राम सभा में बनाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका गांव डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना में चयनित हुआ है। इसके बाद यहां आवास के लिए भी पात्रों का चयन किया जा रहा, पर क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो का कहना है कि यहां शासन ने आवास बनाने के लिए रोक लगा रखी है, जिसके तहत इन लोगों के आवास चयनित नहीं हो सकते।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब वह यहां स्थायी रूप से रह रहे हैं और उनको आवास आवंटित हो सकते हैं तो फिर क्यों रोक लगाई जा रही है। इस दौरान कलक्ट्रेट परिसर में ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया तथा एक ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंप कर उनसे आवासों की स्वीकृति प्रदान करवाए जाने की मांग की।
इस मौके पर देशराज, लक्ष्मी, भूरा, छोटे सिंह, धर्मेंद्र, राम प्रकाश, महेश, राकेश, हरिश्चंद्र, जगदीश, राजपाल, श्रीनिवास, इतवारी, भानु, बलराम, रेशमादेवी, सुरेश और सुभाष आदि ग्रामीण मौजूद थे।