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Hardoi News: ज्यों-ज्यों हुआ इलाज, जाम का मर्ज बढ़ता गया

Mon, 14 Aug 2023 01:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Aug 2023 01:09 AM IST
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As the treatment progressed, the problem of jam increased.
हरदोई। एक कहावत है, ज्यों-ज्यो हुआ इलाज, मर्ज बढ़ता गया। यह कहावत शहर की जाम की समस्या पर सटीक बैठती है। जाम की समस्या और शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए समिति बनी और प्रयास भी हुए लेकिन, आमजन को इससे राहत नहीं मिल सकी है। आजादी के 76वें वर्ष में इससे आजादी दिलाने का कितना प्रयास होगा और लोगों को कब जाम की समस्या से आजादी मिल सकेगी, जिम्मेदारों को इस पर मंथन करना होगा।
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शहर में जाम की समस्या का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। जाम की समस्या के दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं। एक तो शहर में बढ़ती ई-रिक्शा की संख्या और दूसरा फुटपाथों पर अतिक्रमण। शहर चुंगी के बाहर तो तेजी से विकसित हुआ लेकिन शहर के मार्गों की स्थिति अतिक्रमण से सिकुड़ सी गई।
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वाहनों की संख्या में दिन प्रतिदिन हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यातायात व्यवस्था में सुधार लाना आवश्यक हो गया है। मुख्य चौराहों पर ही नहीं शहर के अंदर जाने वाले मार्गों पर भी जाम लगता है। इससे लोगों को दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। खासकर स्कूलों में छुट्टी के समय तो शहर की यातायात व्यवस्था चरमा जाती है और जाम की समस्या आम हो जाती है।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अब्बाद हुसैन ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए उद्योग बंधु की बैठक में सुझाव दिए जाते हैं। ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट प्लान निर्धारित हो। शहर की सड़कें वहीं हैं और वाहनों की संख्या बढ़ी है ऐसे में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाना जरूरी हो गया है। बाईपास बनने के बाद शहर के लोगों को बड़े वाहनों के प्रवेश से छुटकारा मिल सकेगा।



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उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित ने बताया कि यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करना होगा। कहीं पर दुकानदार गलत हैं तो सिनेमा रोड पर प्रशासन ने पटरी दुकानदारों को फुटपाथ आवंटित कर अतिक्रमण को और बढ़ा दिया है। पीली पट्टी और वेंडरों को आवंटित स्थल पर ही व्यवसाय का पालन कराया जाना जरूरी हो गया है। जाम की समस्या के निराकरण के लिए प्रशासन को व्यापारी, पुलिस, वाहन स्टैंड संचालकों के साथ संयुक्त काम करना चाहिए।




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सिटी मजिस्ट्रेट प्रशांत तिवारी ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त कराए जाने के लिए समिति की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। परिवहन व पुलिस विभाग को ई-रिक्शा को निर्धारित रूटों पर संचालित कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए ई-रिक्शा को रंग के अनुसार पहचान भी दिलाई गई है। जल्द ही इसका पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।



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समाधान के लिए लोगों के सहयोग से प्रशासन को करने पड़ेंगे ये उपाय

. शहर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाना।



. ई-रिक्शा का पंजीकरण व संख्या अनुसार रूट निर्धारण।

. निर्धारित रूट पर सवारी के अनुसार ई-रिक्शा की संख्या तय किया जाना।



. शॉपिंग मॉल, नर्सिंग होम, बैंक व व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पास पार्किंग की व्यवस्था कराना।

. चौराहों के आसपास के क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त रखना।



. शहर के अंदर के जाम लगने वाले स्थानों को चिह्नित कर सुधार की कार्ययोजना बनाया जाना।

. फुटपाथों पर संचालित वाहनों के स्टैंडों को चुंगी के बाहर शिफ्ट कराया जाना।



. पटरी दुकानदारों को आवंटित तय स्थल पर ही व्यवसाय की अनिवार्यता किया जाना।

. स्थायी दुकानदारों को पीली पट्टी के अंदर ही दुकान का सामान रखने की बाध्यता का पालन कराया जाना।



. नो-एंट्री समय में बड़े वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक का सख्ती से पालन कराया जाना।

. शहर में बड़े वाहनों की मरम्मत की दुकानों को ट्रांसपोर्ट नगर विकसित कर शिफ्ट कराया जाना।
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