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शुरू होते ही लड़खड़ाई हौसला योजना

Sat, 13 Aug 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई Updated Sat, 13 Aug 2016 11:58 PM IST
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As soon as the plummeting morale plan
भोजन

हरदोई। 10 अगस्त से शुरू हुई हौसला पोषण योजना जिले में पहले की कदम पर लड़खड़ा गई है। जिले के करीब 145 केंद्रों पर खाना ही नहीं बना जबकि अन्य केंद्रों में दर्ज 50 फीसदी गर्भवतियों को ही खाना खिलाया गया। इसी तरह अति कुपोषित 65 प्रतिशत बच्चे को ही खाना परोसा जा सका है। कई केंद्रों पर खाना केवल कागजों पर भी बनने के आरोप लग रहे हैं।

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जिले के 3493 आंगनबाड़ी केंद्रों में 32 हजार 915 गर्भवती महिलाएं दर्ज हैं। इसी तरह छह माह से तीन वर्ष तक के 17,296 और तीन साल से छह साल तक के 9,552 अतिकुपोषित बच्चे दर्ज हैं। गर्भवती महिलाओं व उनके गर्भ में पल रहे बच्चे को तंदुरुस्त रखने और अति कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करने के उद्देश्य से 10 अगस्त को जिले में हौसला पोषण मिशन योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के बावजूद शुरुआत के चौथे ही दिन हौसला योजना लड़खड़ा गई। जिले के 145 केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और अतिकुपोषित बच्चों को भोजन ही नहीं दिया गया। इसके अलावा अन्य आंगनबाड़ी में भी 23 939 गर्भवती महिलाओं और 8976 अति कुपोषित बच्चों को ही भोजन कराया जा सका है। इस लिहाज से गर्भवतियों का आंकड़ा 50 फीसदी और अतिकुपोषित बच्चों का 65 फीसदी ही पहुंचता है।
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ग्रामीणों के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी गर्भवतियों और अतिकुपोषित को बुलाया ही नहीं जा रहा है। अगर किसी केंद्र पर दर्ज सभी गर्भवती और अति कुपोषित बच्चे पहुंच जाते हैं तो उन्हें डाइट के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। कुछ जगह केवल कागजों पर ही भोजन बनाने के आरोप भी लग रहे हैं।
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वर्जन
शासन की ओर से गर्भवती महिलाओं के लिए 40 फीसदी और अति कुपोषित बच्चों के लिए 70 फीसदी धनराशि आवंटित की गई है। केंद्रों पर उपस्थित होने वाले सभी लाभार्थियों को भोजन कराया जा रहा है। केंद्रों पर लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है। इस संबंध में डीएम को अवगत कराया गया है। लाभार्थियों की बढ़ी हुई संख्या के आधार पर शासन से धनराशि की डिमांड की जाएगी। - बहार आरा जैदी, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी
 
137 कार्यकत्रियों पर होगी कार्रवाई
ग्रामीण क्षेत्र की 3493 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 3356 केंद्रों पर अति कुपोषित व गर्भवती महिलाओं को भोजन वितरित किया गया। सीडीपीओ की ओर से शुक्रवार को दी गई रिपोर्ट में 137 आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन नहीं बना पाया गया। इन केंद्रों पर भोजन न बनने की शिकायत पर प्रभारी डीपीओ बहार आरा जैदी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कार्यकत्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केंद्र बंद पाया जाता है या फिर लगातार तीन दिनों से अधिक केंद्र पर खाना नहीं बनता है तो कार्यकत्रियों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी।  

इंसेट
शहरी क्षेत्रों में शुरू होगी योजना
नगर पालिका और नगर पंचायतों के 437 आंगनबाड़ी केंद्रों पर योजना की शुरुआत होगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहरी क्षेत्र में सभासद और आंगनबाड़ी कार्यकत्री का संयुक्त खाता खुलेगा। धनराशि आने पर केंद्रों का संचालन शुरू किया जाएगा।




आंगनबाड़ी केंद्रों की हकीकत परखेगी जिला स्तरीय टीम  

हरदोई। हौसला पोषण योजना की शुरुआत 10 अगस्त से शुरू हुई है। 3493 आंगनबाड़ी केंद्रों पर योजना का संचालन किया जाना है, लेकिन अभी तक योजना पटरी पर नहीं आ सकी है। योजना को पटरी पर लाने के लिए डीएम विवेक वार्ष्णेय की अध्यक्षता में 17 अगस्त को विशेष अभियान चलाकर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी बहार आरा जैदी ने बताया कि इस अभियान में 49 नोडल अधिकारी, 104 सेक्टर प्रभारी, 104 सहायक सेक्टर प्रभारी लगाए गए हैं।

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