{"_id":"5766e21c4f1c1bd54511ba38","slug":"architect-of-transcendence-officer-and-leader","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण के प्रणेता, अफसर और नेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण के प्रणेता, अफसर और नेता
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Sun, 19 Jun 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। शहर के हर मुख्य मार्ग के किनारे के फुटपाथ पर अतिक्रमण है। कहीं फुटपाथ पर दुकानें सजी हैं तो कहीं अवैध वाहनों का कब्जा है। अतिक्रमण के कारण चौड़ी-चौड़ी सड़कें गलियों में तब्दील हो गई हैं। इससे मुख्य शहर में दिन में कई-कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। सड़कों पर भीड़ का फायदा शोहदे और चोर उचक्के उठाते हैं।
विज्ञापन
ठेलेवालों और रिक्शो वालों पर रौब झाड़ने वाली पुलिस अतिक्रमण करने वाले बड़े दुकानदारों को पूरा संरक्षण दिए है। नगर पालिका भी अतिक्रमणकारियों के साथ है। ऐसा नहीं कि अतिक्रमण से केवल आम शहरी ही परेशान हैं। इससे व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है। अतिक्रमण के कारण मुख्य बाजारों में कारोबार 30 प्रतिशत तक घट गया है, इसके बावजूद कोई व्यापारी संगठन अतिक्रमण के खिलाफ खुलकर सामने आने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
सदर बाजार के आगे तुरंतनाथ मंदिर के ठीक सामने बर्तनों की कई दुकानें हैं। सब के सब दुकानदार आधा माल फुटपाथ पर रख देते हैं। यहां पर वैसे ही रोड कुछ संकरा है अतिक्रमण के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। कुछ यही हाल बड़े चौराहे से आगे सदर बाजार में बर्तन दुकान का भी है। यहां भी दुकानदार बर्तन सड़क किनारे तक लगा देते हैं। अगर किसी राहगीर की साइकिल या बाइक बर्तन में छू गई तो समझो उसकी शामत हो गई, जबकि मेहरबान खुद अवैध रूप से सड़क पर माल रखे रहते हैं।
विज्ञापन
इसी तरह सबसे व्यस्ततम सिनेमा चौराहे के पास जूता, चप्पल, तकिया, गद्दा, चादर, कूलर की दुकानें भी फुटपाथ तक लगी हैं। जिंदपीर चौराहे से आगे रेलवेगंज जाने वाले मार्ग पर एक दुकान के आगे पूरी की पूरी दुकान ही फुटपाथ पर लगा दी जाती है। दुकान के कूलर सड़क तक रखने से आवागमन बाधित होता है। सोल्जर बोर्ड चौराहे के पास का मोटर मार्केट तो फुटपाथ पर ही चलता है। मैकेनिक की दुकान हो या टायर वालों की, सब का सामान फुटपाथ पर सजा रहता है। यही हाल शहर के अन्य बाजारों का भी है।