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Hardoi News: रिचार्ज कराने में पंचायत सचिवों की मनमानी, सचिवालय में मोबाइल के नेट से हो रहा काम

Tue, 21 Jan 2025 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2025 10:39 PM IST
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Arbitrariness of Panchayat secretaries in getting recharge done, work is being done through mobile net in secretariat
हरदोई। मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में से एक पंचायत सचिवालय जिम्मेदारों की मनमानी का शिकार हो रहे हैं।
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पंचायत सचिव पंचायत सचिवालय पर लगवाए गए इंटरनेट का रिचार्ज कराने में लापरवाही कर रहे हैं। अधिकांश पंचायत सचिवालयों पर मोबाइल के नेट से काम किया जा रहा है। मोबाइल के वाई-फाई के इंटरनेट से न तो ग्रामीणों को समय से ऑनलाइन सेवाएं और सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही कामों को गति दी जा पा रही है।
ग्रामीणों को ऑनलाइन सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही ग्राम पंचायत के कामों के लिए पंचायत सचिवालय पर हाईटेक व्यवस्थाएं कराई जानी हैं। पंचायत सचिवालयों में कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर और इंटरनेट आदि की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान दिया गया। ग्राम पंचायतों की ओर से पंचायत सचिवालयों की स्थापना के लिए कंप्यूटर आदि की खरीदारी करा ली गई।
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इंटरनेट के मामले में व्यवस्थाएं सही न हो पाईं। अधिकांश ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्शन नहीं लिए गए हैं। जहां लिए गए हैं वहां रिचार्ज नहीं कराए जा रहे हैं। इससे पंचायत सचिवालयों पर ऑनलाइन सेवाओं, सुविधाओं, फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान, सामाजिक सहायता कार्यक्रम में पेंशन आवेदन आदि के कामों के लिए मोबाइल के वाई-फाई को जोड़कर इंटरनेट को उपयोग में लाया जा रहा है। मोबाइल के वाई-फाई से नेट की स्पीड कम होने से काम में देरी लगती है और कई बार तो प्रक्रिया सफल ही नहीं हो पाती है। Fससे ग्रामीणों को बार-बार दौड़ लगानी पड़ती है।
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ई-ग्राम स्वराज पोर्टल भी दे रहा दूसरे स्थान से काम करने की गवाही
ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले कार्यों की फीडिंग और किए जाने वाले भुगतान के लिए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे को पंचायत सचिवालय से मैप किया गया है। इससे गेटवे के माध्यम से किए जाने वाले भुगतान में पंचायत सचिव के बजाय दूसरे स्थान से की जाने वाली प्रक्रिया ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज हो जाती है। ऐसे भुगतान को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दूसरे स्थान से किए गए भुगतान की श्रेणी में प्रदर्शित करने लगता है। इससे स्पष्ट है कि पंचायत सचिवालय में या तो संसाधनों का अभाव है या फिर उनको जुटाने में लापरवाही की जा रही है।
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पंचायत सचिवालयों में मोबाइल के नेट के माध्यम से काम किए जाने की जानकारी है। पंचायत सहायक अपने मोबाइल से काम चला रहे हैं। इस पर पंचायत सचिवों से कहा गया है कि रिचार्ज कराने और इंटरनेट कनेक्शन लेने में आ रही दिक्कतों की जानकारी मांगी गई है। पंचायत सचिवों से कहा गया है कि रिचार्ज समय से कराते रहे और पंचायत सचिवालय में वाई-फाई की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी

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गांवों में तीन कंपनियों के ही इंटरनेट क्रियाशील हैं, कई बार सिग्नल की समस्या रहती है। कनेक्शन लेने के बाद दिक्कत आने पर कंपनियों की ओर से समय से समाधान नहीं किया जाता है, जिससे मोबाइल से ही काम चलाना पड़ रहा है। पंचायत सहायक के वॉलेट को रिचार्ज करा दिया जाता है और पंचायत सहायक अपने मोबाइल के नेट से काम करते रहते हैं। प्रशासनिक मद के रुपये से काम होता है, वैसे बजट की समस्या नहीं है, छोटी ग्राम पंचायतों में दिक्कत रहती है। -राजवीर सिंह, जिला मंत्री, ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति
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