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गुस्साए बीएसएनएल कर्मियों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 07 Jan 2015 01:02 AM IST
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एसोसिएशन आफ नान इक्जिक्यूटिव एंड इक्जिक्यूटिव के राष्ट्रीय आह्वान पर
स्थानीय स्तर पर बीएसएनएल कर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर बीएसएनएल
बचाओ देश बचाओ के नारे के साथ तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए
प्रदर्शन किया।
सिविल लाइंस स्थित टेलीफोन एक्सचेंज परिसर में धरना देते हुए कर्मचारी नेता कामरेड वाईपी गुप्ता ने कहा कि विश्व बैंक एवं साम्राज्यवादी ताकतों के दबाव में केंद्र सरकार निजी क्षेत्र कीं दूर संचार कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बीएसएनएल को तबाह करने पर तुली हुई है, ताकि इसे तबाह करके बेंचने का मंसूबा पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बीएसएनएल की दुर्दशा के पीछे केंद्र सरकार की निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियां है। बीएसएनएल कर्मचारी अपनी अंतिम सांस तक संघर्ष करते हुए बीएसएनएल को बिकने नहीं देंगे। सुनील त्रिपाठी ने कहा कि अब समय आ गया है, जब देश की जनता को भी एकजुट होकर बीएसएनएल बचाने के आगे आना चाहिए है और इस बात को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर बीएसएनएल का नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां क्यों चलाई जा रही हैं।
इस मौके पर गया सरन तिवारी, संतराम, मदन पाल, मासूम अली, राममूर्ति, सुधा रानी, राजेंद्र, राधेश्याम, राजकरन सिंह, प्रेम कुमार गुप्ता, राकेश मिश्रा, महबूब अली, आरके अवस्थी, केके शुक्ला आदि मौजूद थे।
सिविल लाइंस स्थित टेलीफोन एक्सचेंज परिसर में धरना देते हुए कर्मचारी नेता कामरेड वाईपी गुप्ता ने कहा कि विश्व बैंक एवं साम्राज्यवादी ताकतों के दबाव में केंद्र सरकार निजी क्षेत्र कीं दूर संचार कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बीएसएनएल को तबाह करने पर तुली हुई है, ताकि इसे तबाह करके बेंचने का मंसूबा पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बीएसएनएल की दुर्दशा के पीछे केंद्र सरकार की निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियां है। बीएसएनएल कर्मचारी अपनी अंतिम सांस तक संघर्ष करते हुए बीएसएनएल को बिकने नहीं देंगे। सुनील त्रिपाठी ने कहा कि अब समय आ गया है, जब देश की जनता को भी एकजुट होकर बीएसएनएल बचाने के आगे आना चाहिए है और इस बात को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर बीएसएनएल का नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां क्यों चलाई जा रही हैं।
इस मौके पर गया सरन तिवारी, संतराम, मदन पाल, मासूम अली, राममूर्ति, सुधा रानी, राजेंद्र, राधेश्याम, राजकरन सिंह, प्रेम कुमार गुप्ता, राकेश मिश्रा, महबूब अली, आरके अवस्थी, केके शुक्ला आदि मौजूद थे।