फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   An overloaded auto rickshaw lost control, hit a divider, and overturned, killing one and injuring three.

Hardoi News: ओवरलोड ऑटो बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराकर पलटा एक की मौत तीन घायल

Thu, 16 Oct 2025 10:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 10:45 PM IST
विज्ञापन
An overloaded auto rickshaw lost control, hit a divider, and overturned, killing one and injuring three.
बेहटा गोकुल। लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर यासीनपुर तिराहे के पास बुधवार दोपहर ओवरलोड ऑटो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। इस कारण पलटे ऑटो के नीचे दबकर एक युवक की मौत हो गई जबकि तीन सवारियां घायल हो गईं। घटना के बाद चालक मौके से भाग निकला।
विज्ञापन

सैदपुर के मजरा निजामपुर निवासी हिमांशु मिश्रा (21) फर्रुखाबाद के एक डिग्री कॉलेज में बीएससी (कृषि) के छात्र थे। उनके पिता देवकी नंदन मिश्रा के मुताबिक, गांव निवासी रामकिशोर उर्फ कल्लू (60) उनके यहां काम करते हैं। बुधवार दोपहर रामकिशोर की तबीयत खराब हो गई थी। हिमांशु दवा दिलाने के लिए कल्लू को सकाहा ले जा रहा था। गांव के बाहर मुख्य मार्ग से दोनों ऑटो पर सवार हुए थे। ऑटो में पहले से ही आठ लोग बैठे थे। किसी तरह कल्लू को अंदर बैठाकर हिमांशु आगे की सीट पर बैठ गया। यासीनपुर तिराहे के पास तेज रफ्तार ऑटो डिवाइडर से टकराकर पलट गया।
विज्ञापन

इस दौरान हिमांशु ऑटो के नीचे दब गया। साथ ही ऑटो में सवार कल्लू, कुंवरपुर निवासी लक्ष्मी (55) और शाहाबादनगर की रामदेवी (70) भी घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने ऑटो सीधा कर हिमांशु को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने चारों को सीएचसी टोडरपुर पहुंचाया। यहां से हिमांशु को रेफर कर दिया गया। लखनऊ में सिविल अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र गिरि ने बताया कि ऑटो पुलिस के कब्जे में है। चालक की तलाश की जा रही है। परिजनों से तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



बड़े बेटे की मौत के बाद छोटे की भी मौत से बदहवास हुईं पिंकी
हिमांशु चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। एक बड़ा भाई राम भइया था। चार साल पहले ट्रेन से कटकर राम भइया की मौत हो गई थी। ऐसे में हिमांशु ही अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था। हिमांशु की मौत की जानकारी मिलने पर उनकी मां पिंकी बदहवास हो गईं। उन्हें संभालने में परिवार की महिलाओं को बहुत मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed