{"_id":"6a3eb6d0818695da0b0d5f78","slug":"although-the-opd-operates-until-12-pm-the-registration-counter-closed-at-11-am-hardoi-news-c-213-1-hra1004-152162-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: 12 बजे तक ओपीडी 11 बजे ही बंद हो गया पंजीकरण काउंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: 12 बजे तक ओपीडी 11 बजे ही बंद हो गया पंजीकरण काउंटर
विज्ञापन
फोटो-02- मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर बंद होने से वापस लौटते मरीज। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज की बदहाल प्रशासनिक व्यवस्था एक बार फिर मरीजों की परेशानी का कारण बन गई। शुक्रवार को 12 बजे संचालित ओपीडी का पंजीकरण काउंटर 11 बजे के बाद बंद कर दिया गया। ऐसे में 11 बजने के बाद पहुंचे मरीजों के पर्चे नहीं बन सके और उन्हें बिना इलाज कराए मायूस होकर लौटना पड़ा।
मुहर्रम अवकाश की वजह से शुक्रवार को मेडिकल काॅलेज में ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित था। सभी विभागों में डॉक्टरों को दोपहर 12 बजे तक मरीजों को परामर्श देना था लेकिन डॉक्टरी परामर्श लेने मरीज सवा 11 बजे के बाद पहुंच ही नहीं पाए। बता दें कि 12 बजे ओपीडी बंद करने के चक्कर में मरीजों का पंजीकरण काउंटर 11 बजे के बाद बंद कर दिया गया। ऐसे में दूर-दराज के गांवों से लंबा सफर तय कर इलाज की उम्मीद लेकर आए तमाम मरीजों को काउंटर बंद मिलने पर मायूस होना पड़ा।
इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ आए तीमारदारों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। मरीज रामनरेश ने बताया कि वह करीब 11:24 बजे अस्पताल पहुंचा लेकिन काउंटर बंद मिले, बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। सुनीता देवी ने कहा कि बच्चे को तेज बुखार था लेकिन पर्चा नहीं बना तो डॉक्टर भी नहीं देख सके। अब निजी अस्पताल जाना मजबूरी है। सीएमएस डॉ. चंद्र कुमार ने बताया कि कर्मचारियों ने समय से पहले पंजीकरण काउंटर बंद किया है इसके बारे में पता किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुहर्रम अवकाश की वजह से शुक्रवार को मेडिकल काॅलेज में ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित था। सभी विभागों में डॉक्टरों को दोपहर 12 बजे तक मरीजों को परामर्श देना था लेकिन डॉक्टरी परामर्श लेने मरीज सवा 11 बजे के बाद पहुंच ही नहीं पाए। बता दें कि 12 बजे ओपीडी बंद करने के चक्कर में मरीजों का पंजीकरण काउंटर 11 बजे के बाद बंद कर दिया गया। ऐसे में दूर-दराज के गांवों से लंबा सफर तय कर इलाज की उम्मीद लेकर आए तमाम मरीजों को काउंटर बंद मिलने पर मायूस होना पड़ा।
विज्ञापन
इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ आए तीमारदारों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। मरीज रामनरेश ने बताया कि वह करीब 11:24 बजे अस्पताल पहुंचा लेकिन काउंटर बंद मिले, बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। सुनीता देवी ने कहा कि बच्चे को तेज बुखार था लेकिन पर्चा नहीं बना तो डॉक्टर भी नहीं देख सके। अब निजी अस्पताल जाना मजबूरी है। सीएमएस डॉ. चंद्र कुमार ने बताया कि कर्मचारियों ने समय से पहले पंजीकरण काउंटर बंद किया है इसके बारे में पता किया जाएगा।
विज्ञापन