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Hardoi News: पोस्टमार्टम हाउस के सभी डीप फ्रीजर खराब, सफाई कर्मी ने अंदर जाने से किया इन्कार
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हरदोई। लखनऊ रोड पर नया गांव स्थित पोस्टमार्टम हाउस में शव रखने के लिए लगे छह डीप फ्रीजर पिछले एक पखवाड़े से खराब हैं।
इसके कारण लावारिस शवों से बदबू आने लगी है। शनिवार को तो आलम यह हुआ कि पोस्टमार्टम हाउस के सफाई कर्मी ने कक्ष में जाने से ही इन्कार कर दिया। बाद में किसी तरह समझा-बुझाकर उसे राजी किया गया।
100 शैया संयुक्त चिकित्सालय परिसर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय है। इसी परिसर में आधुनिक चीरघर भी बना हुआ है। यहां शव रखने के लिए छह डीप फ्रीजर लगे हुए हैं। उद्देश्य यह है कि शव खराब न हो और इनसे बदबू न आए। दरअसल, जिन शवों की पहचान नहीं हो पाती है उनका पोस्टमार्टम 72 घंटे बाद ही किया जा सकता है। इसलिए लावारिस शवों को भी पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर में रखा जाता है। पिछले एक पखवाड़े से पोस्टमार्टम हाउस के सभी छह डीप फ्रीजर खराब हैं।
इस कारण यहां रखे तीन लावारिस शवों से बेहिसाब बदबू शनिवार को आने लगी। शनिवार को एक और लावारिस शव यहां रखवा दिया गया। बदबू के चलते सफाई कर्मी ने पोस्टमार्टम कक्ष में जाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद फार्मासिस्ट और चिकित्सकों ने समझा-बुझाकर किसी तरह सफाई कर्मी को काम करने के लिए राजी किया।
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अस्पताल प्रशासन से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि आधुनिक चीरघर के लिए चार नए डीप फ्रीजर आ चुके हैं। यह नए डीप फ्रीजर अस्पताल परिसर के ही एक कक्ष में ताले में बंद हैं। खराब डीप फ्रीजर की जगह अगर इनका इस्तेमाल शुरू कर दिया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर खराब होने की बात मेरे संज्ञान में नहीं थी। अब पता चला है तो तत्काल ही व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। जरूरत पड़ी तो नए डीप फ्रीजर भी लगा दिए जाएंगे। -डॉ. रोहताश कुमार, सीएमओ
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इसके कारण लावारिस शवों से बदबू आने लगी है। शनिवार को तो आलम यह हुआ कि पोस्टमार्टम हाउस के सफाई कर्मी ने कक्ष में जाने से ही इन्कार कर दिया। बाद में किसी तरह समझा-बुझाकर उसे राजी किया गया।
100 शैया संयुक्त चिकित्सालय परिसर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय है। इसी परिसर में आधुनिक चीरघर भी बना हुआ है। यहां शव रखने के लिए छह डीप फ्रीजर लगे हुए हैं। उद्देश्य यह है कि शव खराब न हो और इनसे बदबू न आए। दरअसल, जिन शवों की पहचान नहीं हो पाती है उनका पोस्टमार्टम 72 घंटे बाद ही किया जा सकता है। इसलिए लावारिस शवों को भी पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर में रखा जाता है। पिछले एक पखवाड़े से पोस्टमार्टम हाउस के सभी छह डीप फ्रीजर खराब हैं।
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इस कारण यहां रखे तीन लावारिस शवों से बेहिसाब बदबू शनिवार को आने लगी। शनिवार को एक और लावारिस शव यहां रखवा दिया गया। बदबू के चलते सफाई कर्मी ने पोस्टमार्टम कक्ष में जाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद फार्मासिस्ट और चिकित्सकों ने समझा-बुझाकर किसी तरह सफाई कर्मी को काम करने के लिए राजी किया।
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अस्पताल प्रशासन से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि आधुनिक चीरघर के लिए चार नए डीप फ्रीजर आ चुके हैं। यह नए डीप फ्रीजर अस्पताल परिसर के ही एक कक्ष में ताले में बंद हैं। खराब डीप फ्रीजर की जगह अगर इनका इस्तेमाल शुरू कर दिया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर खराब होने की बात मेरे संज्ञान में नहीं थी। अब पता चला है तो तत्काल ही व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। जरूरत पड़ी तो नए डीप फ्रीजर भी लगा दिए जाएंगे। -डॉ. रोहताश कुमार, सीएमओ