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अब कृषि विश्व विद्यालय बढ़ाएगा शान
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 28 Dec 2014 11:12 PM IST
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जिले में नया साल शिक्षा के लिए अहम होगा। शिक्षा के
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क्षेत्र में जहां विद्यालयों को बेहतर शिक्षा मिलने की उम्मीद है, वहीं पर
जिले में कृषि विश्वविद्यालय का तोहफा भी नए साल में मिल जाएगा। इसके साथ
पिछड़े क्षेत्र के विद्यार्थियों को माडल विद्यालय में पढ़ाने का मौका
मिलेगा। साथ ही बालिकाओें को रहने के लिए छात्रावास मुहैया होंगे। जिले के
जहां दो परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा
प्रदान की जाएगी, वहीं दो सौ परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधरेगी।
इससे जिले में शिक्षा के नए आयाम मिलेंगे और जिले की साक्षरता दर बढ़ेगी। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में तीन माडल विद्यालय सिकरोहरी, जरौआ और खसरौल का भवन तैयार हो गया है, जिसमें विद्यार्थियों का एक अप्रैल से प्रवेश शुरू हो जाएगा। इसके अलावा जिले में चारी अन्य माडल विद्यालय रैसो, सगैंचामऊ, मैकपुर व अटवा असिगांव भी प्रस्तावित हैं, जो नए साल में काम करना शुरू कर देगा। जिससे पिछड़े क्षेत्र के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों की भांति बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
उधर, जिले के दूर दराज की बालिकाओं को ब्लाक मुख्यालय पर रहने के लिए छात्रावास की सुविधा मिलेगी। जिले के तीन ब्लाकों में महिला छात्रावास नए साल में बनेंगे, इनमें टोडरपुर, संडीला व अहिरोरी ब्लाक शामिल हैं। इन छात्रावास में सौ-सौ बालिकाओं के रहने की व्यवस्था होगी। इससे बालिकाओं को शिक्षा ग्रहण करने में मदद मिलेगी। नए साल में जिले को सबसे बड़ी सौगात के रूप में कृषि विश्व विद्यालय का तोहफा मिलेगा। इससे जिले के साथ आस पास के क्षेत्रों के लोगों को स्नातक स्तर पर बेहतर शिक्षा का माहौल मिलेगा और विद्यार्थियों को स्नातक के लिए दूसरे जनपदों में पलायन नहीं करना होगा।
विवि के लिए प्रशासन की ओर से सारी व्यवस्थाएं पूरी की जा चुकी हैं। नए साल में इसके संचालित होने की संभावना है। उधर, परिषदीय विद्यालयोें में कार्यरत टीचरों को सेवानिवृत्त होने पर अब विभागीय लिपिकों का आर्थिक दोहन का शिकार नहीं होना पड़ेगा। उनको अपने देयकोें के लिए विभाग के चक्कर भी नहीं लगाने होगेें। अब सेवानिवृत्त होने वाले टीचरों की जनवरी माह में एक साथ शिविर लगाकर सेवापुस्तिका व देयकों की फाइल पूरी कराई जाएगी।
इसके बाद सामूहिक रूप से लेखा विभाग को भेजी जाएगी। लेखा विभाग को 15 दिन के अंदर सेवा पुस्तिकाओं को परीक्षण कर उनका निस्तारण करना होगा। अगर किसी फाइल में आपत्ति है, तो उसको समय सीमा के अंदर वापस करना होगा। मार्च के अंत तक सभी सेवानिवृत्त टीचरों की पत्रावली पूरी कर ली जाएगी।
इसके अलावा नए साल से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने व वहां पर विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिदिन बेसिक शिक्षा अधिकारी 25 प्रधानाध्यापकों से मोबाइल पर वार्ता करेंगे और विद्यालय में टीचरों की उपस्थित, मिड-डे मील की जानकारी सहित अन्य जानकारी लेंगे।
इससे विद्यालयोें में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। उधर, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले के बीस जूनियर हाई स्कूलों को उच्चीकृत किया गया है। इन उच्चीकृत विद्यालयों को अगले साल भवन मिल जाएगा। इसके लिए स्वीकृत मिल गई है। इन स्कूलों को अपना भवन मिलने से विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।
इससे जिले में शिक्षा के नए आयाम मिलेंगे और जिले की साक्षरता दर बढ़ेगी। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में तीन माडल विद्यालय सिकरोहरी, जरौआ और खसरौल का भवन तैयार हो गया है, जिसमें विद्यार्थियों का एक अप्रैल से प्रवेश शुरू हो जाएगा। इसके अलावा जिले में चारी अन्य माडल विद्यालय रैसो, सगैंचामऊ, मैकपुर व अटवा असिगांव भी प्रस्तावित हैं, जो नए साल में काम करना शुरू कर देगा। जिससे पिछड़े क्षेत्र के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों की भांति बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
उधर, जिले के दूर दराज की बालिकाओं को ब्लाक मुख्यालय पर रहने के लिए छात्रावास की सुविधा मिलेगी। जिले के तीन ब्लाकों में महिला छात्रावास नए साल में बनेंगे, इनमें टोडरपुर, संडीला व अहिरोरी ब्लाक शामिल हैं। इन छात्रावास में सौ-सौ बालिकाओं के रहने की व्यवस्था होगी। इससे बालिकाओं को शिक्षा ग्रहण करने में मदद मिलेगी। नए साल में जिले को सबसे बड़ी सौगात के रूप में कृषि विश्व विद्यालय का तोहफा मिलेगा। इससे जिले के साथ आस पास के क्षेत्रों के लोगों को स्नातक स्तर पर बेहतर शिक्षा का माहौल मिलेगा और विद्यार्थियों को स्नातक के लिए दूसरे जनपदों में पलायन नहीं करना होगा।
विवि के लिए प्रशासन की ओर से सारी व्यवस्थाएं पूरी की जा चुकी हैं। नए साल में इसके संचालित होने की संभावना है। उधर, परिषदीय विद्यालयोें में कार्यरत टीचरों को सेवानिवृत्त होने पर अब विभागीय लिपिकों का आर्थिक दोहन का शिकार नहीं होना पड़ेगा। उनको अपने देयकोें के लिए विभाग के चक्कर भी नहीं लगाने होगेें। अब सेवानिवृत्त होने वाले टीचरों की जनवरी माह में एक साथ शिविर लगाकर सेवापुस्तिका व देयकों की फाइल पूरी कराई जाएगी।
इसके बाद सामूहिक रूप से लेखा विभाग को भेजी जाएगी। लेखा विभाग को 15 दिन के अंदर सेवा पुस्तिकाओं को परीक्षण कर उनका निस्तारण करना होगा। अगर किसी फाइल में आपत्ति है, तो उसको समय सीमा के अंदर वापस करना होगा। मार्च के अंत तक सभी सेवानिवृत्त टीचरों की पत्रावली पूरी कर ली जाएगी।
इसके अलावा नए साल से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने व वहां पर विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिदिन बेसिक शिक्षा अधिकारी 25 प्रधानाध्यापकों से मोबाइल पर वार्ता करेंगे और विद्यालय में टीचरों की उपस्थित, मिड-डे मील की जानकारी सहित अन्य जानकारी लेंगे।
इससे विद्यालयोें में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। उधर, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले के बीस जूनियर हाई स्कूलों को उच्चीकृत किया गया है। इन उच्चीकृत विद्यालयों को अगले साल भवन मिल जाएगा। इसके लिए स्वीकृत मिल गई है। इन स्कूलों को अपना भवन मिलने से विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।