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आगरा एक्सप्रेसवे जांच की आंच जिले तक
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:19 AM IST
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आगरा लखनऊ एकसप्रेस वे
- फोटो : प्रतिकात्मक
हरदोई। प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए अधिगृहित जमीनों में गड़बड़ी की जांच शुरू करा दी है। 24 घंटे के भीतर जांच की आंच जिले तक पहुंच गई है। यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी ने डीएम को पत्र भेजकर आगरा एक्सप्रेसवे के लिए जिले में अधिगृहित जमीनों और अधिग्रहण से एक वर्ष पहले तक उनके क्रय-विक्रय के संबंध में पूरी जानकारी तलब की है। पत्र आने के बाद प्रशासन डाटा जुटाने में लग गया है। प्राथमिक तौर पर फाइले पलटने के बाद प्रशासनिक अमले ने जिले के दो ब्लाकों के चार गांवों को जांच दायरे में बताया है।
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सपा सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में शामिल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया की जांच शुरू हो गई। एक्सप्रेसवे जिले से होकर गुजरा है। प्रोजेक्ट शुरू होने पर वर्ष 2014-15 में जिले क ी संडीला तहसील के गांव जाहिदपुर व बिंदौरा एवं बिलग्राम तहसील के ग्राम मंसूरनगर एवं शाहपुर पवांर से एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 25 हेक्टेयर जमीन अधिगृहित की गई थी। जिसके चलते हरदोई भी जांच के दायरे में शामिल हो गया है।
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शुक्रवार को यूपीडा के कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) व प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने डीएम को पत्र भेजकर जिले में अधिगृहित जमीनों का रिव्यू कराने क ो कहा है। जमीन मालिकों के नाम और अधिग्रहण के वक्त जमीन की श्रेणी की जानकारी मांगी गई है। शासन से अधिगृहित जमीनों की एक वर्ष पूर्व तक की खरीद-फरोख्त तथा जमीन की श्रेणी बदले जाने संबंधी डाटा तलब किया है। एडीएम विपिन मिश्रा ने बताया कि पत्र प्राप्त हो गया है। मांगी गई जांच के परिपेक्ष्य में सूचनाएं जुटाई जा रही हैं।
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