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Hardoi News: अयोध्या के बाद बहराइच रूट पर भी रामरथ की रफ्तार धीमी, यात्री नहीं बढ़े
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हरदोई। यात्रियों की कम संख्या के कारण अयोध्या रूट से हटाई गई हरदोई डिपो की रामरथ एसी लग्जरी बस को बहराइच भेजने की योजना भी उम्मीद के मुताबिक कामयाब नहीं हो सकी। अयोध्या के बाद बहराइच रूट पर भी बस को पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं।
निगम के बेड़े में कुल 230 सामान्य श्रेणी व नौ एसी लग्जरी बसों का संचालन होता है। वर्तमान में बहराइच भेजी जा रही रामनाथ एक्सप्रेस में प्रतिदिन औसतन 12 से 14 यात्री ही सफर कर रहे हैं। इससे बस का संचालन अभी भी डिपो के लिए घाटे का सौदा बना हुआ है। हरदोई डिपो से रामरथ एसी लग्जरी बस की शुरुआत मई में अयोध्या के लिए की गई थी। बस हरदोई से दोपहर 3:10 बजे चलकर लखनऊ और बाराबंकी होते हुए रात करीब साढ़े नौ बजे अयोध्या पहुंचती थी। इसका किराया 493 रुपये निर्धारित किया गया था।
धार्मिक नगरी अयोध्या के लिए एसी बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद थी। शुरुआत से करीब डेढ़ महीने में ही बस की रफ्तार थम गई। बस में प्रतिदिन महज सात से 10 यात्री ही मिलते थे। यात्रियों की कम संख्या के कारण संचालन लागत की तुलना में करीब 15 प्रतिशत तक नुकसान होने लगा।
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लगातार घाटे को देखते हुए रोडवेज ने अयोध्या रूट से बस का संचालन बंद कर इसी बस को बहराइच रूट पर भेजना प्रारंभ किया। उम्मीद थी कि नए रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और डिपो की आय में सुधार होगा लेकिन यहां भी स्थिति बहुत ज्यादा नहीं बदली। वर्तमान में बस को प्रतिदिन करीब 12 से 14 यात्री ही मिल रहे हैं। इससे बस की कमाई और संचालन लागत के बीच अंतर बना हुआ है और डिपो को करीब 10 से 20 प्रतिशत तक घाटा उठाना पड़ रहा है।
रामरथ एसी बस को पहले अयोध्या रूट पर संचालित किया गया था लेकिन यात्रियों की संख्या अपेक्षा के अनुरूप न होने के कारण वहां बस का संचालन बंद करना पड़ा। इसके बाद यात्रियों की उपलब्धता और डिपो की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बस को बहराइच रूट पर भेजा गया। बहराइच रूट पर भी फिलहाल यात्रियों की संख्या कम है। यात्रियों की संख्या और आय की लगातार समीक्षा की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार बस के संचालन को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा। -भुवनेश कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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निगम के बेड़े में कुल 230 सामान्य श्रेणी व नौ एसी लग्जरी बसों का संचालन होता है। वर्तमान में बहराइच भेजी जा रही रामनाथ एक्सप्रेस में प्रतिदिन औसतन 12 से 14 यात्री ही सफर कर रहे हैं। इससे बस का संचालन अभी भी डिपो के लिए घाटे का सौदा बना हुआ है। हरदोई डिपो से रामरथ एसी लग्जरी बस की शुरुआत मई में अयोध्या के लिए की गई थी। बस हरदोई से दोपहर 3:10 बजे चलकर लखनऊ और बाराबंकी होते हुए रात करीब साढ़े नौ बजे अयोध्या पहुंचती थी। इसका किराया 493 रुपये निर्धारित किया गया था।
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धार्मिक नगरी अयोध्या के लिए एसी बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद थी। शुरुआत से करीब डेढ़ महीने में ही बस की रफ्तार थम गई। बस में प्रतिदिन महज सात से 10 यात्री ही मिलते थे। यात्रियों की कम संख्या के कारण संचालन लागत की तुलना में करीब 15 प्रतिशत तक नुकसान होने लगा।
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लगातार घाटे को देखते हुए रोडवेज ने अयोध्या रूट से बस का संचालन बंद कर इसी बस को बहराइच रूट पर भेजना प्रारंभ किया। उम्मीद थी कि नए रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और डिपो की आय में सुधार होगा लेकिन यहां भी स्थिति बहुत ज्यादा नहीं बदली। वर्तमान में बस को प्रतिदिन करीब 12 से 14 यात्री ही मिल रहे हैं। इससे बस की कमाई और संचालन लागत के बीच अंतर बना हुआ है और डिपो को करीब 10 से 20 प्रतिशत तक घाटा उठाना पड़ रहा है।
रामरथ एसी बस को पहले अयोध्या रूट पर संचालित किया गया था लेकिन यात्रियों की संख्या अपेक्षा के अनुरूप न होने के कारण वहां बस का संचालन बंद करना पड़ा। इसके बाद यात्रियों की उपलब्धता और डिपो की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बस को बहराइच रूट पर भेजा गया। बहराइच रूट पर भी फिलहाल यात्रियों की संख्या कम है। यात्रियों की संख्या और आय की लगातार समीक्षा की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार बस के संचालन को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा। -भुवनेश कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक