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गोद लिया और भूल गए

Tue, 29 Sep 2015 11:26 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, हरदाेई
ब्यूूराे/अमर उजाला, हरदाेई Updated Tue, 29 Sep 2015 11:26 PM IST
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Adopted and forgotten

केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री

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नरेंद्र मोदी ने अपने सांसदों से जो उम्मीदें सजोई थीं, वह उन्हें पूरा करते नजर नहीं आ रहे हैं। उसका नजारा उन गांवों को देखने से लगाया जा सकता है, जिन्हें पार्टी के सांसदोें ने गोद लिया था। मंगलवार को भाजपा सांसद अंजूबाला द्वारा गोद लिए गए गांव का नजारा देखा तो हकीकत सामने आ गई।

ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनके गांव के हालात बदलेंगे। यहां विकास भी होगा और अधिकारी उनकी पीड़ा सुनने आएंगे, पर उनकी यह उम्मीद भी एक साल में ही टूट गई। आलम यह है कि गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर और चोक नालियां गंदे पानी से उफना रही हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि कटरा बिल्हौर राजमार्ग से गांव को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग में कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे रात के समय में चलने वाले लोग गड्ढे में गिरकर चुटहिल हो जाते है। लोगाें ने बताया कि गांव में सफाईकर्मी की तैनाती होने के बाद भी नालियाें की सफाई न होने से गंदा पानी भर जाता है।

जिसमें पनपने वाले मच्छरों से ग्रामीणों को डेंगू व संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बनी रहती है, पर जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नही दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद के आवास से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर गांव स्थित होने के बाद भी केवल एक बार सांसद अंजूबाला सुकन्या योजना की शुरुआत करने गांव आईं थीं।

तब से लेकर आज तक ग्रामीण आस लगाए हैं कि संासद गांव आकर ग्रामीणों की समस्या सुनेंगी। इस बाबत सांसद अंजूबाला ने मोबाइल पर बताया कि वह इस समय दिल्ली में हैं। गांव जाकर लोगाें की समस्याएं सुनकर समस्या का निस्तारण कराएंगी। उधर, गांव के प्राथमिक व जूनियर स्कूल में गंदगी फै ली है।

रसोइया चूल्हे पर खाना बनाती मिली। उन्होंने बताया कि गैस का कनेक्शन है, पर सिलेंडर नहीं मिल पाता। प्राथमिक विद्यालय में 201 बच्चों के सापेक्ष मात्र 120 बच्चे इधर-उधर खेल रहे थे। वहीं जूनियर स्कू ल में प्रधानाध्यापक समेत पांच टीचरों की तैनाती है। वहां 101 बच्चों के सापेक्ष मात्र 18 बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे।

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