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Hardoi News: भाई और चचेरे भांजे की हत्या में अभियुक्त को आजीवन कारावास
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हरदोई। भाई और चचेरे भांजे की हत्या में पुलिस ने एक शख्स को दोषी करार दिया है। अपर जिला जज कोर्ट संख्या एक कुसुमलता ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के चुन्नीपुरवा निवासी राजकुमारी पत्नी महेंद्र ने छह अगस्त 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनका पुत्र आशू (12) जेठानी के भाई बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के बरगावां निवासी अवधेश के साथ शहर के विभूतिनगर में रहकर पढ़ाई करता था। छह अगस्त 2021 की सुबह चार बजे मकान मालिक शंभू सिंह ने बताया था कि अवधेश का भाई अनमोल घटना से तीन दिन पहले अवधेश से मिल ने आया था। रुपयों के लेनदेन में सोते समय अवधेश और आशू के सिर पर गैस-सिलिंडर से वार कर दिया था। मकान मालिक और उनकी पत्नी सुमन व पुत्र नीरज पर भी हमला कर दिया था। अस्पताल में अवधेश और आशू को मृत घोषित कर दिया गया था।
पुलिस ने अनमोल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। अगले ही दिन पुलिस ने निसार मुर्गा फार्म के पास से अनमोल को गिरफ्तार किया था। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 25 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए थे। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज कुसुमलता ने सजा सुनाई।
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जिसे दी पनाह, उसी ने कर दिया रिश्ते का कत्ल
कहते हैं कि सगा भाई ढाल होता है, लेकिन इस मामले में सगा भाई अनमोल काल बन गया। बेरोजगारी की मार झेल रहे अनमोल को भाई अवधेश ने शहर बुलाया। रहने के लिए छत दी और तीन दिनों तक मेहमानों की तरह खारितदारी की। उसे बिल्कुल इल्म नहीं था कि जिस भाई को वह पनाह दे रहा है वही उनकी और आशू की हत्या कर देगा।
अवधेश और भांजा आशु गहरी नींद में थे। अनमोल ने गैस सिलिंडर से भाई और भांजे के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला था कि दोनों मृतकों के सिर की हड्डियां चकनाचूर हो गई थीं।
चचेरे मामा ने बेरहमी से कुचल दिया आशू का 'सुनहरा भविष्य'
इस दोहरे हत्याकांड ने न केवल दो जिंदगियां लीं, बल्कि मासूम आशू के उन सपनों का भी गला घोंट दिया जिसके लिए वह शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। कोर्ट ने भी टिप्पणी की कि आशू का भविष्य बेहद सुनहरा था, जिसे उसके चचेरे मामा ने बेरहमी से कुचल दिया।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के चुन्नीपुरवा निवासी राजकुमारी पत्नी महेंद्र ने छह अगस्त 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनका पुत्र आशू (12) जेठानी के भाई बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के बरगावां निवासी अवधेश के साथ शहर के विभूतिनगर में रहकर पढ़ाई करता था। छह अगस्त 2021 की सुबह चार बजे मकान मालिक शंभू सिंह ने बताया था कि अवधेश का भाई अनमोल घटना से तीन दिन पहले अवधेश से मिल ने आया था। रुपयों के लेनदेन में सोते समय अवधेश और आशू के सिर पर गैस-सिलिंडर से वार कर दिया था। मकान मालिक और उनकी पत्नी सुमन व पुत्र नीरज पर भी हमला कर दिया था। अस्पताल में अवधेश और आशू को मृत घोषित कर दिया गया था।
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पुलिस ने अनमोल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। अगले ही दिन पुलिस ने निसार मुर्गा फार्म के पास से अनमोल को गिरफ्तार किया था। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 25 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए थे। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज कुसुमलता ने सजा सुनाई।
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जिसे दी पनाह, उसी ने कर दिया रिश्ते का कत्ल
कहते हैं कि सगा भाई ढाल होता है, लेकिन इस मामले में सगा भाई अनमोल काल बन गया। बेरोजगारी की मार झेल रहे अनमोल को भाई अवधेश ने शहर बुलाया। रहने के लिए छत दी और तीन दिनों तक मेहमानों की तरह खारितदारी की। उसे बिल्कुल इल्म नहीं था कि जिस भाई को वह पनाह दे रहा है वही उनकी और आशू की हत्या कर देगा।
अवधेश और भांजा आशु गहरी नींद में थे। अनमोल ने गैस सिलिंडर से भाई और भांजे के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला था कि दोनों मृतकों के सिर की हड्डियां चकनाचूर हो गई थीं।
चचेरे मामा ने बेरहमी से कुचल दिया आशू का 'सुनहरा भविष्य'
इस दोहरे हत्याकांड ने न केवल दो जिंदगियां लीं, बल्कि मासूम आशू के उन सपनों का भी गला घोंट दिया जिसके लिए वह शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। कोर्ट ने भी टिप्पणी की कि आशू का भविष्य बेहद सुनहरा था, जिसे उसके चचेरे मामा ने बेरहमी से कुचल दिया।