फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Accountant and polytechnic student died due to dengue

Hardoi News: डेंगू से लेखपाल और पॉलीटेक्निक छात्र की मौत

Tue, 17 Oct 2023 12:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Tue, 17 Oct 2023 12:47 AM IST
विज्ञापन
Accountant and polytechnic student died due to dengue
हरदोई। डेंगू पूरे जिले में कहर बरपा रहा है। स्वास्थ्य महकमा डेंगू को लेकर महज आंकड़ेबाजी तक सीमित है। रविवार की रात लेखपाल संघ के पूर्व अध्यक्ष समेत दो लाेगों की डेंगू से मौत हो गई। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग इलाकों में डेंगू से मौत हो चुकी हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमे के आंकड़े में अब तक डेंगू से एक भी मौत दर्ज नहीं है। विभाग के जिम्मेदार डेंगू से किसी की भी मौत होने की बात से साफ इनकार करते हैं।
विज्ञापन

शाहाबाद कस्बे के मोहल्ला अल्हापुर इबनेजई निवासी नरेंद्र द्विवेदी (44) बिलग्राम तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात थे। वह पूर्व में लेखपाल संघ के अध्यक्ष भी रह चुके थे। बीते शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बिलग्राम गए थे। इसी दौरान उन्हें तेज बुखार आ गया। रात में घर पहुंचने पर हालत बिगड़ गई। शाहाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में उनकी जांच हुई तो प्लेटलेट्स बहुत कम निकलीं।
विज्ञापन

फिर किट से जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। गंभीर हालत में परिजन उन्हें शाहजहांपुर ले गए। वहां चिकित्सकों ने रविवार को बरेली रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर बरेली जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी और दो पुत्रियां हैं। टड़ियावां थाना क्षेत्र के गुरसंडा गांव निवासी विक्रांत (19) सहारनपुर में पॉलीटेक्निक का छात्र था।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने पहले मेरठ और फिर लखनऊ में उपचार कराया। 12 अक्तूबर को डेंगू की पुष्टि हुई और रविवार रात लगभग साढ़े आठ बजे विक्रांत की मौत हो गई। विक्रांत तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके दोनों बड़े भाई निशक्त हैं। पिता अजय खेती करते हैं।


माधौगंज। माधौगंज थाना क्षेत्र के रूदामऊ निवासी चंद्रपाल (52) खेती करते थे। पिछजे कुछ दिनों से उन्हें बुखार आ रहा था। उपचार के दौरान लखनऊ में सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। परिवार में दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं।


लेखपाल नरेंद्र द्विवेदी के निधन के बाद उनके आवास पर शोक जताने पहुंचे लोग नरेंद्र की पत्नी और दो मासूम बेटियों को देखकर खुद के आंसू नहीं रोक पाए। पॉलीटेक्निक के छात्र विक्रांत का शव घर पहुंचा, तो मां आरती बदहवास हो गई। विक्रांत के दो बड़े भाई निशक्त हैं और पूरे परिवार की उम्मीदें विक्रांत पर ही टिकी थीं। डेंगू से उसकी जान चली गई तो मां और पिता दोनों चीख पड़े।

सीएमओ डा. रोहताश कुमार का कहना हैं कि जिले में डेंगू से अब तक किसी की भी मौत नहीं हुई है। डेंगू से हुई मौतों की जानकारी देने पर कभी चुप्पी साध लेते हैं तो कभी कह देते हैं कि जिले में नहीं हुई।



स्वास्थ्य महकमे के आंकड़ाें के मुताबिक जनपद में अब तक 122 मरीजाें में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें से सौ मरीजों तक पहुंचने का दावा विभाग कर रहा है। 22 मरीजों का इलाज तो छोड़िए उनकी खोज-खबर भी स्वास्थ्य महकमा नहीं लगा पाया। मेडिकल काॅलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच के दौरान मिले डेंगू के 22 मरीजों का पता ही विभाग नहीं लगा पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed