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Hardoi News: जनिगांव गोशाला की चन्नी में कंडे की बठिया, मवेशियों को बालू मिला सूखा भूसा

Sun, 08 Feb 2026 10:46 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 10:46 PM IST
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A pile of charcoal was placed in the Janigaon cowshed, cattle got sand and dry straw.
फोटो-26-चन्नी में बनी कंडे की बठिया। संवाद
भरावन। गोआश्रय स्थलों को मॉडल बनाने की कवायद प्रधान-सचिवों की लापरवाही से दम तोड़ रही है। कोथावां विकास खंड के जनिगांव में मवेशियों के लिए बनाई गई चन्नी में कंडे पाथकर बठिया बना दी गई। यहां बंद 120 मवेशियों को खाने के लिए सूखा भूसा मिलता है और वह भी बालू मिला।
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कोथावां विकास खंड के जनिगांव में गोआश्रय स्थल है। पशु चिकित्सा विभाग के अभिलेखों में गो आश्रय स्थल बिल्कुल दुरुस्त है लेकिन मौके पर इसकी स्थिति बेहद खराब है। हाल यह है कि भूसा रखने के लिए भंडारण कक्ष बना है लेकिन इसमें भूसा नहीं है। भूसा गोशाला परिसर में ही खुले स्थान में एकत्र है। इसे भीगने से बचाने के लिए पन्नी जरूर डाल दी गई है। यहां 120 मवेशी हैं लेकिन इनके खाने के लिए न तो चूनी चोकर का इंतजाम है और न ही हरी घास का।
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यहां मौजूद केयर टेकर लल्ली ने बताया कि दो माह से हरा चारा गो आश्रय स्थल में नहीं आया है। इसलिए सूखा भूसा देना मजबूरी है। दूसरे केयर टेकर गोकरन ने बताया कि जो भूसा आया है वह गंदा है और उसमें बालू निकल रही है। दूसरा भूसा मंगाने के लिए कहा जा चुका है लेकिन साफ भूसा न आने के कारण यही खिलाना मजबूरी है। कुल मिलाकर गो आश्रय स्थलों की ऑनलाइन निगरानी का दावा भी यहां फेल नजर आ रहा है। वजह यह कि ऑनलाइन देखा तो जा रहा है लेकिन समस्या पकड़ में नहीं आ रही है और नही दूर की जा रही है।
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भूसे का टेंडर एक फर्म को हुआ था। फर्म न तो समय से हरा चारा दे रही और न भूसा। इस बार तो बेहद खराब भूसा भेजा गया है। इसकी शिकायत भी लिखित तौर पर कर दी गई है। -प्रियंका सिंह, ग्राम प्रधान

फर्म के जरिये चारा और भूसा आता है। इसका ऑर्डर प्रधान देते हैं। अगर भूसे में कोई खामी है तो इसे लेकर बात की जाएगी। -लक्ष्मी नारायण, ग्राम विकास अधिकारी



-जनिगांव की गोशाला में 120 मवेशी हैं। अगर कोई मवेशी बीमार होता है तो इसका इलाज किया जाता है। खराब भूसा होने के बारे में जानकारी नहीं है। -डॉ. विजय जायसवाल, पशु चिकित्सा अधिकारी

फोटो-26-चन्नी में बनी कंडे की बठिया। संवाद

फोटो-26-चन्नी में बनी कंडे की बठिया। संवाद

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