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कम अनाज के फटके से झटका
Hardoi
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:32 AM IST
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हरदोई। जिले में राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गई है। कहीं तो कोटेदारों की मनमानी चल रही, तो क हीं सुविधा शुल्क की परंपरा है, जिससे जिले के एपीएल कार्ड धारकों के लिए राशन वितरण प्रणाली बेमानी हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज बंटता नहीं, वहीं शहर में भी मनमाफिक अनाज आवंटन की मात्रा को कम किया जा रहा है।
राशन वितरण प्रणाली के तहत बंटने वाले अनाज की मात्रा बीते दो माह में कम हुई है। शासन की ओर से तो एपीएल कार्डधारकों को कोटे से सिर्फ गेहूं और मिट्टी का तेल ही मिलता है, जिसमें भी मिट्टी का तेल कई कोटेदारों द्वारा दिया नहीं जाता, तो कहीं मात्रा के अनुरूप आवंटन नहीं होता है। अब गेहूं आवंटन में भी मनमानी हो रही है। ज्ञात हो कि एपीएल कार्ड धारकों को 25 किलो गेहूं और बीपीएल को 35 किलो गेहूं देने के आदेश हैं, पर एपीएल कार्डधारकों को बंटने वाले गेहूं की मात्रा में कमी की जा रही है। कोटेदारों ने 25 से 20 किलो गेहूं बांटना शुरू कर दिया और अभी दो माह पहले 20 किलो से घटाकर 10 किलो कर दिया गया, पर अक्तूबर माह में तो हद ही कर दी गई। त्योहार होने के बावजूद भी अनाज की मात्रा कम कर दी गई।
डीएम ने आदेश जारी कर एपीएल कार्ड धारकों को सिर्फ चार किलो 750 ग्राम गेहूं आवंटन करने का निर्देश दिया। जिसके अनुसार ही लोगों को अनाज आवंटित किया गया। चूंकि डीएम ने ही अनाज की मात्रा कम करने का आदेश दिया तो अब लोग पशोपेश में हैं। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में तो कोटेदारों की मनमानी चल ही रही है। हरपालपुर ब्लाक के बड़ागांव में बीपीएल, एपीएल और अंत्योदय कार्ड धारकों को सितंबर से मिट्टी का तेल, चीनी और अनाज का वितरण नहीं किया। ग्रामीणों ने कोटेदार को आरोपित करते हुए अनाज की कालाबाजारी करने की शिकायत की। बताया कि उन्हाेंने अपने जानने वाले अंत्योदय व बीपीएल कार्ड धारकों को तो सिर्फ राशन का वितरण कर दिया, पर एपीएल कार्ड धारकों को अनाज नहीं दिया गया।
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कोटेदार की मनमानी की शिकायत अक्तूबर 13 से करते आ रहे, पर कोई जांच भी नहीं की गई। ग्रामीणों ने कहा कि इसी माह में दीवाली भी है, पर अभी तक आवंटन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान रामवीर, श्रीभगवान, रामनारायण, राम बाबू, हरीशंकर, देवनारायण आदि मौजूद थे।
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राशन वितरण प्रणाली के तहत बंटने वाले अनाज की मात्रा बीते दो माह में कम हुई है। शासन की ओर से तो एपीएल कार्डधारकों को कोटे से सिर्फ गेहूं और मिट्टी का तेल ही मिलता है, जिसमें भी मिट्टी का तेल कई कोटेदारों द्वारा दिया नहीं जाता, तो कहीं मात्रा के अनुरूप आवंटन नहीं होता है। अब गेहूं आवंटन में भी मनमानी हो रही है। ज्ञात हो कि एपीएल कार्ड धारकों को 25 किलो गेहूं और बीपीएल को 35 किलो गेहूं देने के आदेश हैं, पर एपीएल कार्डधारकों को बंटने वाले गेहूं की मात्रा में कमी की जा रही है। कोटेदारों ने 25 से 20 किलो गेहूं बांटना शुरू कर दिया और अभी दो माह पहले 20 किलो से घटाकर 10 किलो कर दिया गया, पर अक्तूबर माह में तो हद ही कर दी गई। त्योहार होने के बावजूद भी अनाज की मात्रा कम कर दी गई।
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डीएम ने आदेश जारी कर एपीएल कार्ड धारकों को सिर्फ चार किलो 750 ग्राम गेहूं आवंटन करने का निर्देश दिया। जिसके अनुसार ही लोगों को अनाज आवंटित किया गया। चूंकि डीएम ने ही अनाज की मात्रा कम करने का आदेश दिया तो अब लोग पशोपेश में हैं। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में तो कोटेदारों की मनमानी चल ही रही है। हरपालपुर ब्लाक के बड़ागांव में बीपीएल, एपीएल और अंत्योदय कार्ड धारकों को सितंबर से मिट्टी का तेल, चीनी और अनाज का वितरण नहीं किया। ग्रामीणों ने कोटेदार को आरोपित करते हुए अनाज की कालाबाजारी करने की शिकायत की। बताया कि उन्हाेंने अपने जानने वाले अंत्योदय व बीपीएल कार्ड धारकों को तो सिर्फ राशन का वितरण कर दिया, पर एपीएल कार्ड धारकों को अनाज नहीं दिया गया।
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कोटेदार की मनमानी की शिकायत अक्तूबर 13 से करते आ रहे, पर कोई जांच भी नहीं की गई। ग्रामीणों ने कहा कि इसी माह में दीवाली भी है, पर अभी तक आवंटन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान रामवीर, श्रीभगवान, रामनारायण, राम बाबू, हरीशंकर, देवनारायण आदि मौजूद थे।