{"_id":"37-195220","slug":"Hardoi-195220-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल... ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल...
Hardoi
Updated Fri, 29 Aug 2014 05:30 AM IST
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हरदोई। पिछले काफी दिनों से गणपति बप्पा मोरया, तू जल्दी आ...की पंक्तियां दोहराकर तैयारियों में लगे भक्तों की मुराद शुक्रवार को पूरी होने वाली है। गणेश चतुर्थी अब दस्तक दे चुकी है। विधिविधान व पूजन अर्चन के साथ घर-घर भक्तों द्वारा गणेश की स्थापना की जाएगी। जानकारों का कहना है कि यदि नियमों के साथ स्थापना की जाए तो गणेश जी निश्चित रूप से मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
शुक्रवार को हर जगह गणपति बप्पा मोरया के गगनभेदी नारे सुनाई देंगे। गणेश जी की स्थापना की तैयारियां पूरी हो गई है। गुरुवार को भी इसकी तैयारियों को लेकर भक्त जुटे रहे। शास्त्री उमाकांत अवस्थी का कहना है कि यदि स्थापना से पूर्व कुछ नियमों का पालन कर लिया जाए तो यही फल दोगुना लाभ दे सकता है। स्थापना के स्थान को हमेशा साफ रखे, कूड़ा किसी भी दशा में न दिखाई दें। सुबह व शमा नियमित रूप से दीपक, भोग व आरती करते रहें। स्थापना करने से पूर्व इस बात का विशेष ध्यान रखें कि स्थापना ईशान कोण में ही करें। स्थापना स्थल पर मृतात्माओं का चित्र कतई न लगाएं। स्थापना स्थल के ऊपर कोई कबाड़ या बजनी चीज न रखी जाए। ताजे फूलों क ा प्रयोग नियमित रूप से करते रहा जाए। कहा कि स्थापना स्थल की पवित्रता का विशेष ध्यान रखें, जिसमें चप्पल पहनकर कोई स्थापना स्थल तक न जाए।
भक्तों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी अनैतिक काम करने के बाद भी स्थापना स्थल पर न जाएं प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। स्थापना के बाद प्रतिमा को न हिलाए। धर्मग्रंथ का पाठ नियमित करें, शुभ लाभ होगा। उधर, गणपति का अर्थ है दिशाओं के गणों के स्वामी। गणेश जी की आगाज के बिना किसी भी दिशा से किसी भी देवता को बुलाना कठिन ही नहीं, बल्कि असंभव सा है, इसलिए मंगल काम से पूर्व सबसे पहले सिद्धि विनायक गणेश को ही आमंत्रित किया जाता है। बहरहाल शुक्रवार को सिद्धि विनायक के आगमन की तैयारियों को शहर भर में साफ सफाई से लेकर बड़े उत्सवों तक की तैयारियां जोर शोर से चलती हुई दिखाई दी। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसे गणेश चतुर्थी कहते हैं। 29 अगस्त को उनका जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
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इंसेट---
स्थापना के पूर्व व बाद में यह रखें ध्यान---
ईशान कोण में करें स्थापना, स्थापना स्थल की पवित्रता का रखे ध्यान, अनैतिक काम करके न करें कोई प्रवेश, स्थापना के बाद प्रतिमा छोटी हो या बड़ी न हिलाएं, पूजन, आरती व भोग निश्चित समय पर रखे ख्याल
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गणेश उत्सव-एक
अग्रवाल धर्मशाला में होने वाले 15वें गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां गुरुवार की देर शाम लगभग पूर्ण हो गई। इस बार रथ पर सवार होकर हरदोई के महाराजा आएंगे। कलकत्ता के कारीगर ने ऐसा जादू डाला कि गणेश व रिद्धि सिद्धि की मूर्तियां देख लोग अभी से अपने दांतों तले अंगुलियां दबा रहे हैं। बहरहाल मूर्तियां उत्सव में चार चांद बढ़ाने व अपनी अलौकिक छटा बिखरने को काफी हैं। इस बार मूर्ति को न सिर्फ बड़ा आकार दिया गया है, बल्कि हरदोई के महाराजा को अबकी रथ पर सवार किया गया है। महाराजा के दरबार व पंडाल की सजावट में बाहरी जिलों के कारीगरों द्वारा भव्य सजावट की गई है।
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गणेश उत्सव-दो
सिद्धि विनायक मराठा मंडल एवं सर्राफा कमेटी के तत्वावधान में होने वाले आठवें गणेश उत्सव में स्थापित होने को महाराष्ट्र से लालबाग के राजा जनपद पहुंचेंगे। गुरुवार को काशीनाथ सत्संग भवन में पत्रकारों को हरदोई सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष अनिल महेंद्रा ने बताया कि हरदोई में गणेश महोत्सव की यदि किसी ने नींव रखी हैं तो वह है मराठा। अबकी सर्राफा भी पूरी तरह सेे समर्पित होकर उत्सव को और भव्य बनाएगा। बताया कि गणेशजी की मूर्ति महाराष्ट्र से आ रही है, तो विसर्जन कार्यक्रम में कलाकारों की टोली मुंबई से। 60 सदस्यीय कलाकारों की टोली जिले वालों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। इस मौके पर नीरज कपूर, भोला नाथ रस्तोगी, राजू मेहरोत्रा, रानू मेहरोत्रा, गोपाल मेहरोत्रा, प्रदीप रस्तोगी, दीपक वर्मा, संदीप कुमार, शिशिर गुप्ता आदि मौजूद थे।
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गणेश उत्सव-तीन
गजानन सेवा समिति के तत्वावधान में वंशीनगर स्थित नागेश्वरनाथ मंदिर परिसर में गणेश महोत्सव दिव्यता एवं भव्यता के साथ आयोजित होगा। आयोजन को लेकर समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम की शुरुआत 29 अगस्त को शाम पांच बजे कलश यात्रा के साथ होगी। कलश यात्रा बाबा तुरंतनाथ मंदिर से आरंभ होकर शहर के कई मार्गों से होते हुए वंशीनगर मैदान स्थित आयोजन स्थल तक पहुंचेगी।
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गणेश उत्सव-चार
गणेश महोत्सव सेवा समिति के अध्यक्ष नवल किशोर पांडेय ने बताया कि विगत वर्षों की तरह अबकी भी समिति द्वारा आठवां गणेश महोत्सव का आयोजन बावन चुंगी के पास विष्णु नारायन धर्मशाला में आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 29 अगस्त को होगा। 5 सितंबर तक चलने वाले महोत्सव में श्रीमद्भागवत कथा भी होगी। कथा व्यास सत्यपाल महाराज झांसी द्वारा हर दिन शाम 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक कथा सुनाई जाएगी। महोत्सव में हर दिन प्रात:काल 9 से 10 बजे एवं शाम 8:30 बजे से रात 10 बजे तक महाआरती होगी। 5 सितंबर को दोपहर में भंडारा फिर शाम को सुंदरकांड का पाठ एवं 6 सितंबर को हवन तथा शोभायात्रा एवं मूर्ति विसर्जन होगा।
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चौराहे-चौराहे भी गणेश महोत्सव की धूम
हरदोई। जिले में भव्य गणेश महोत्सव के आयोजन के साथ मोहल्ले-मोहल्ले भी उत्साह दिख रहा है। एकता सेवा समिति द्वारा भी डा. भूरा के पास गणेश उत्सव मनाया जाएगा। दिलीप जायसवाल, शैलेंद्र द्विवेदी व ऊषा ने बताया कि प्रतिदिन सुबह व शाम को आरती होगी एवं दिन में भजन कीर्तन होगा। वैटगंज रामदत्त चौराहे पर भी उत्सव का आयोजन होगा। जिसमें 29 अगस्त से 4 सितंबर तक कार्यक्रम होंगे। संरक्षक प्रद्युुम्न गुप्ता ने बताया कि 29 को मूर्ति स्थापना, 30 को सुंदर कांड, 31 को गणेश सहसार्चन, 2 को छप्पन भोग, 3 को हवन एवं 4 को भंडारा व मूर्ति विसर्जन होगा।
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नागेश्वर नाथ मंदिर का उत्सव
29 अगस्त को शोभा यात्रा तुरंत नाथ मंदिर छोटा चौराहा शाम पांच बजे से, 30 अगस्त को सुंदर कांड पाठ सायं पांच बजे से, 31 अगस्त को मेहंदी प्रतियोगिता व भजन संध्या, 1 सितंबर को गणेश जगराता, 2 सितंबर को गणेश वंदना व भजन, 3 सितंबर को समिति का पुरस्कार वितरण, 4 सितंबर को शोभा यात्रा व विसर्जन।
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सिद्धि विनायक मराठा मंडल का कार्यक्रम---
29 अगस्त को मूर्ति आगमन, गणेश जन्मोत्सव, 30 अगस्त को विशेष झांकी, 31 अगस्त को झांकी नृत्य, 1 सितंबर को विशेष आरती, 2 सितंबर को सुंदर कांड पाठ, 3 सितंबर को भजन संध्या, 4 सितंबर को हवन पूजन, भंडारा, 5 सितंबर को छप्पन भोग, आरती, 6 सितंबर को शोभायात्रा, मूर्ति विसर्जन।
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अग्रवाल धर्मशाला में कुछ यूं रहेगा उत्सव---
29 अगस्त को कलश, फैंसी ड्रेस, गणेश जन्मोत्सव, 30 अगस्त को मेहंदी, खाटू श्याम भव्य दरबार दर्शन, श्याम कीर्तन, 31 अगस्त को चित्रकला, नृत्य, स्कूलों का विशेष प्रदर्शन, 1 सितंबर को सुलेख, गायन एवं नृत्य प्रदर्शन, 2 सितंबर को सत्संग व भजन, पुरस्कार, प्रतिभा सम्मान, 3 सितंबर को हवन पूजन, सुंदर कांड, श्रेष्ठ परिवार पुरस्कार, 4 सितंबर को गणेश शोभा यात्रा व मूर्ति विसर्जन।
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शुक्रवार को हर जगह गणपति बप्पा मोरया के गगनभेदी नारे सुनाई देंगे। गणेश जी की स्थापना की तैयारियां पूरी हो गई है। गुरुवार को भी इसकी तैयारियों को लेकर भक्त जुटे रहे। शास्त्री उमाकांत अवस्थी का कहना है कि यदि स्थापना से पूर्व कुछ नियमों का पालन कर लिया जाए तो यही फल दोगुना लाभ दे सकता है। स्थापना के स्थान को हमेशा साफ रखे, कूड़ा किसी भी दशा में न दिखाई दें। सुबह व शमा नियमित रूप से दीपक, भोग व आरती करते रहें। स्थापना करने से पूर्व इस बात का विशेष ध्यान रखें कि स्थापना ईशान कोण में ही करें। स्थापना स्थल पर मृतात्माओं का चित्र कतई न लगाएं। स्थापना स्थल के ऊपर कोई कबाड़ या बजनी चीज न रखी जाए। ताजे फूलों क ा प्रयोग नियमित रूप से करते रहा जाए। कहा कि स्थापना स्थल की पवित्रता का विशेष ध्यान रखें, जिसमें चप्पल पहनकर कोई स्थापना स्थल तक न जाए।
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भक्तों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी अनैतिक काम करने के बाद भी स्थापना स्थल पर न जाएं प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। स्थापना के बाद प्रतिमा को न हिलाए। धर्मग्रंथ का पाठ नियमित करें, शुभ लाभ होगा। उधर, गणपति का अर्थ है दिशाओं के गणों के स्वामी। गणेश जी की आगाज के बिना किसी भी दिशा से किसी भी देवता को बुलाना कठिन ही नहीं, बल्कि असंभव सा है, इसलिए मंगल काम से पूर्व सबसे पहले सिद्धि विनायक गणेश को ही आमंत्रित किया जाता है। बहरहाल शुक्रवार को सिद्धि विनायक के आगमन की तैयारियों को शहर भर में साफ सफाई से लेकर बड़े उत्सवों तक की तैयारियां जोर शोर से चलती हुई दिखाई दी। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसे गणेश चतुर्थी कहते हैं। 29 अगस्त को उनका जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
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स्थापना के पूर्व व बाद में यह रखें ध्यान---
ईशान कोण में करें स्थापना, स्थापना स्थल की पवित्रता का रखे ध्यान, अनैतिक काम करके न करें कोई प्रवेश, स्थापना के बाद प्रतिमा छोटी हो या बड़ी न हिलाएं, पूजन, आरती व भोग निश्चित समय पर रखे ख्याल
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गणेश उत्सव-एक
अग्रवाल धर्मशाला में होने वाले 15वें गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां गुरुवार की देर शाम लगभग पूर्ण हो गई। इस बार रथ पर सवार होकर हरदोई के महाराजा आएंगे। कलकत्ता के कारीगर ने ऐसा जादू डाला कि गणेश व रिद्धि सिद्धि की मूर्तियां देख लोग अभी से अपने दांतों तले अंगुलियां दबा रहे हैं। बहरहाल मूर्तियां उत्सव में चार चांद बढ़ाने व अपनी अलौकिक छटा बिखरने को काफी हैं। इस बार मूर्ति को न सिर्फ बड़ा आकार दिया गया है, बल्कि हरदोई के महाराजा को अबकी रथ पर सवार किया गया है। महाराजा के दरबार व पंडाल की सजावट में बाहरी जिलों के कारीगरों द्वारा भव्य सजावट की गई है।
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गणेश उत्सव-दो
सिद्धि विनायक मराठा मंडल एवं सर्राफा कमेटी के तत्वावधान में होने वाले आठवें गणेश उत्सव में स्थापित होने को महाराष्ट्र से लालबाग के राजा जनपद पहुंचेंगे। गुरुवार को काशीनाथ सत्संग भवन में पत्रकारों को हरदोई सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष अनिल महेंद्रा ने बताया कि हरदोई में गणेश महोत्सव की यदि किसी ने नींव रखी हैं तो वह है मराठा। अबकी सर्राफा भी पूरी तरह सेे समर्पित होकर उत्सव को और भव्य बनाएगा। बताया कि गणेशजी की मूर्ति महाराष्ट्र से आ रही है, तो विसर्जन कार्यक्रम में कलाकारों की टोली मुंबई से। 60 सदस्यीय कलाकारों की टोली जिले वालों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। इस मौके पर नीरज कपूर, भोला नाथ रस्तोगी, राजू मेहरोत्रा, रानू मेहरोत्रा, गोपाल मेहरोत्रा, प्रदीप रस्तोगी, दीपक वर्मा, संदीप कुमार, शिशिर गुप्ता आदि मौजूद थे।
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गणेश उत्सव-तीन
गजानन सेवा समिति के तत्वावधान में वंशीनगर स्थित नागेश्वरनाथ मंदिर परिसर में गणेश महोत्सव दिव्यता एवं भव्यता के साथ आयोजित होगा। आयोजन को लेकर समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम की शुरुआत 29 अगस्त को शाम पांच बजे कलश यात्रा के साथ होगी। कलश यात्रा बाबा तुरंतनाथ मंदिर से आरंभ होकर शहर के कई मार्गों से होते हुए वंशीनगर मैदान स्थित आयोजन स्थल तक पहुंचेगी।
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गणेश उत्सव-चार
गणेश महोत्सव सेवा समिति के अध्यक्ष नवल किशोर पांडेय ने बताया कि विगत वर्षों की तरह अबकी भी समिति द्वारा आठवां गणेश महोत्सव का आयोजन बावन चुंगी के पास विष्णु नारायन धर्मशाला में आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 29 अगस्त को होगा। 5 सितंबर तक चलने वाले महोत्सव में श्रीमद्भागवत कथा भी होगी। कथा व्यास सत्यपाल महाराज झांसी द्वारा हर दिन शाम 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक कथा सुनाई जाएगी। महोत्सव में हर दिन प्रात:काल 9 से 10 बजे एवं शाम 8:30 बजे से रात 10 बजे तक महाआरती होगी। 5 सितंबर को दोपहर में भंडारा फिर शाम को सुंदरकांड का पाठ एवं 6 सितंबर को हवन तथा शोभायात्रा एवं मूर्ति विसर्जन होगा।
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चौराहे-चौराहे भी गणेश महोत्सव की धूम
हरदोई। जिले में भव्य गणेश महोत्सव के आयोजन के साथ मोहल्ले-मोहल्ले भी उत्साह दिख रहा है। एकता सेवा समिति द्वारा भी डा. भूरा के पास गणेश उत्सव मनाया जाएगा। दिलीप जायसवाल, शैलेंद्र द्विवेदी व ऊषा ने बताया कि प्रतिदिन सुबह व शाम को आरती होगी एवं दिन में भजन कीर्तन होगा। वैटगंज रामदत्त चौराहे पर भी उत्सव का आयोजन होगा। जिसमें 29 अगस्त से 4 सितंबर तक कार्यक्रम होंगे। संरक्षक प्रद्युुम्न गुप्ता ने बताया कि 29 को मूर्ति स्थापना, 30 को सुंदर कांड, 31 को गणेश सहसार्चन, 2 को छप्पन भोग, 3 को हवन एवं 4 को भंडारा व मूर्ति विसर्जन होगा।
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नागेश्वर नाथ मंदिर का उत्सव
29 अगस्त को शोभा यात्रा तुरंत नाथ मंदिर छोटा चौराहा शाम पांच बजे से, 30 अगस्त को सुंदर कांड पाठ सायं पांच बजे से, 31 अगस्त को मेहंदी प्रतियोगिता व भजन संध्या, 1 सितंबर को गणेश जगराता, 2 सितंबर को गणेश वंदना व भजन, 3 सितंबर को समिति का पुरस्कार वितरण, 4 सितंबर को शोभा यात्रा व विसर्जन।
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सिद्धि विनायक मराठा मंडल का कार्यक्रम---
29 अगस्त को मूर्ति आगमन, गणेश जन्मोत्सव, 30 अगस्त को विशेष झांकी, 31 अगस्त को झांकी नृत्य, 1 सितंबर को विशेष आरती, 2 सितंबर को सुंदर कांड पाठ, 3 सितंबर को भजन संध्या, 4 सितंबर को हवन पूजन, भंडारा, 5 सितंबर को छप्पन भोग, आरती, 6 सितंबर को शोभायात्रा, मूर्ति विसर्जन।
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अग्रवाल धर्मशाला में कुछ यूं रहेगा उत्सव---
29 अगस्त को कलश, फैंसी ड्रेस, गणेश जन्मोत्सव, 30 अगस्त को मेहंदी, खाटू श्याम भव्य दरबार दर्शन, श्याम कीर्तन, 31 अगस्त को चित्रकला, नृत्य, स्कूलों का विशेष प्रदर्शन, 1 सितंबर को सुलेख, गायन एवं नृत्य प्रदर्शन, 2 सितंबर को सत्संग व भजन, पुरस्कार, प्रतिभा सम्मान, 3 सितंबर को हवन पूजन, सुंदर कांड, श्रेष्ठ परिवार पुरस्कार, 4 सितंबर को गणेश शोभा यात्रा व मूर्ति विसर्जन।