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...और तीसरी आंख से निगरानी को इंकार
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:01 AM IST
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एडेड स्कूलों में बजट नहीं, कैमरे लगाने से इनकार
- विभाग के पास नहीं है सीसीटीवी कैमरे का डाटा
- सेक्टर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में दिखेगी हकीकत
अमर उजाला ब्यूरो।
हरदोई।
जिले में बोर्ड परीक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षा केंद्र बनाए गए सभी विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन वित्तीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों ने फंड न होने की बात कहकर कैमरा लगवाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। अधिकतर विद्यालयों में कैमरे नहीं लग सके हैं। वहीं विभाग के पास कैमरों के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं है। सेक्टर मजिस्ट्रेट की आख्या ही हकीकत बयां करेगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 174 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इनमें छह राजकीय, 54 एडेड और 114 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इनमें एक लाख 41 हजार 830 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। बोर्ड की ओर से परीक्षा इस बार तीसरी आंख की निगरानी में कराने के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय और एडेड विद्यालयों में विकास निधि से और वित्तविहीन विद्यालयों को अपनी निधि से सीसीटीवी कैमरे लगवाने हैं। वित्तविहीन विद्यालयों ने अपने मद से कार्य करवा लिया लेकिन एडेड विद्यालयों के प्रधानाचार्य बजट न होने की बात कह रहे हैं। जबकि डीआईओएस की ओर से विकास निधि न होने पर दूसरी निधि से व्यय करने को भी पत्र लिखा जा चुका है। विभाग को अभी तक विद्यालयों में लगे कैमरों के विषय में स्थिति स्पष्ट नहीं है। डीआईओएस नरेंद्र शर्मा ने कहा कि सभी प्रधानाचार्याें को कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी की ओर से सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट से जांच कराई जा रही है। अगर कैमरे नहीं लगे मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
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- विभाग के पास नहीं है सीसीटीवी कैमरे का डाटा
- सेक्टर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में दिखेगी हकीकत
अमर उजाला ब्यूरो।
हरदोई।
जिले में बोर्ड परीक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षा केंद्र बनाए गए सभी विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन वित्तीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों ने फंड न होने की बात कहकर कैमरा लगवाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। अधिकतर विद्यालयों में कैमरे नहीं लग सके हैं। वहीं विभाग के पास कैमरों के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं है। सेक्टर मजिस्ट्रेट की आख्या ही हकीकत बयां करेगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 174 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इनमें छह राजकीय, 54 एडेड और 114 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इनमें एक लाख 41 हजार 830 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। बोर्ड की ओर से परीक्षा इस बार तीसरी आंख की निगरानी में कराने के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय और एडेड विद्यालयों में विकास निधि से और वित्तविहीन विद्यालयों को अपनी निधि से सीसीटीवी कैमरे लगवाने हैं। वित्तविहीन विद्यालयों ने अपने मद से कार्य करवा लिया लेकिन एडेड विद्यालयों के प्रधानाचार्य बजट न होने की बात कह रहे हैं। जबकि डीआईओएस की ओर से विकास निधि न होने पर दूसरी निधि से व्यय करने को भी पत्र लिखा जा चुका है। विभाग को अभी तक विद्यालयों में लगे कैमरों के विषय में स्थिति स्पष्ट नहीं है। डीआईओएस नरेंद्र शर्मा ने कहा कि सभी प्रधानाचार्याें को कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी की ओर से सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट से जांच कराई जा रही है। अगर कैमरे नहीं लगे मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
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