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Hardoi News: चेतावनी बिंदु से 25 सेमी. ऊपर गंगा
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हरदोई। गंगा नदी के जलस्तर ने रविवार को शनिवार की अपेक्षा 10 सेमी. की वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 25 सेमी. ऊपर 136.85 मीटर पर प्रवाहित हो रहा है। रामगंगा के जलस्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और जलस्तर 135.75 मीटर पर बना हुआ है।
बैराजों से गंगा और रामगंगा नदियों में 4.46 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी के जलस्तर में 35 सेमी. की कमी दर्ज की गई है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से खेतों तक पानी पहुंचने लगा है। गांवों की ओर पानी मुड़ने व कटान की आशंका बढ़ गई है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से यहां प्रवाहित गंगा, रामगंगा, गर्रा नदियों के जलस्तर में होने वाली व़द्धि का सीधा असर कटरी में प्रवाहित गंभीरी और नीलम नदियों के जलस्तर पर पड़ता है। इससे कटरी क्षेत्र में पंचनंद का जलस्तर एक हो जाता है और वृद्धि होने लगती है। यहां पर नदियों के जलस्तर में वृद्धि से गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में कटान व पानी के खेतों और गांवों की ओर मुड़ने की आशंका से लोग परेशान हैं।
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बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम में प्राप्त जानकारी में बताया गया कि गंगा और रामगंगा नदियों में 4,66,310 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें से गंगा नदी में हरिद्वार बैैराज से 82,101 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 1,36,037 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 2,11,074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे ही रामगंगा नदी में खो बैराज से 13,786 क्यूसेक, हरेबली बैराज से 1064 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 2238 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
गर्रा नदी में 35 सेमी की कमी आई और जलस्तर 145.40 मीटर पर आ गया है। हरपालपुर क्षेत्र में रामगंगा का पानी खेताें की ओर मुड़ने लगा है। सवायजपुर क्षेत्र में रामगंगा नदी के मुहाने पर बसे डेढ़ दर्जन परिवारों को पानी बढ़ने से कटान की चिंता सताने लगी है।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि तहसील बिलग्राम और सवायजपुर के एसडीएम से कहा गया है कि बाढ़ चौकियों पर सक्रियता बनाए रखें। नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जाए।
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बैराजों से गंगा और रामगंगा नदियों में 4.46 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी के जलस्तर में 35 सेमी. की कमी दर्ज की गई है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से खेतों तक पानी पहुंचने लगा है। गांवों की ओर पानी मुड़ने व कटान की आशंका बढ़ गई है।
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बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से यहां प्रवाहित गंगा, रामगंगा, गर्रा नदियों के जलस्तर में होने वाली व़द्धि का सीधा असर कटरी में प्रवाहित गंभीरी और नीलम नदियों के जलस्तर पर पड़ता है। इससे कटरी क्षेत्र में पंचनंद का जलस्तर एक हो जाता है और वृद्धि होने लगती है। यहां पर नदियों के जलस्तर में वृद्धि से गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में कटान व पानी के खेतों और गांवों की ओर मुड़ने की आशंका से लोग परेशान हैं।
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बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम में प्राप्त जानकारी में बताया गया कि गंगा और रामगंगा नदियों में 4,66,310 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें से गंगा नदी में हरिद्वार बैैराज से 82,101 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 1,36,037 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 2,11,074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे ही रामगंगा नदी में खो बैराज से 13,786 क्यूसेक, हरेबली बैराज से 1064 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 2238 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
गर्रा नदी में 35 सेमी की कमी आई और जलस्तर 145.40 मीटर पर आ गया है। हरपालपुर क्षेत्र में रामगंगा का पानी खेताें की ओर मुड़ने लगा है। सवायजपुर क्षेत्र में रामगंगा नदी के मुहाने पर बसे डेढ़ दर्जन परिवारों को पानी बढ़ने से कटान की चिंता सताने लगी है।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि तहसील बिलग्राम और सवायजपुर के एसडीएम से कहा गया है कि बाढ़ चौकियों पर सक्रियता बनाए रखें। नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जाए।