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Hardoi News: पशु आश्रयस्थलों के गोबर से तैयार होगी 2.40 टन प्रतिदिन कंप्रेस्ड बायोगैस

Tue, 20 May 2025 10:17 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 20 May 2025 10:17 PM IST
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2.40 tonnes of compressed biogas per day will be produced from cow dung of animal shelters
हरदोई। गोबर से पंचायतों की आमदनी होगी। पशु आश्रय स्थलों के गोबर से जिले के पहले सीबीजी संयंत्र जल्द ही कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन होगा। सीबीजी के लिए 94 पशु आश्रय स्थलों से गोबर की खरीद-फरोख्त पर सहमति बनी है। शुरुआता में करीब 100 मीट्रिक टन गोबर की जरूरत होगी। संयंत्र के संचालन के बाद 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन गोबर की आवश्यकता होगी। गोबर की बिक्री से मिलने वाले रुपये से पंचायतें मालामाल होंगी।
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भरखनी के भैलामऊ गांव में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी के पुत्र आदि तिवारी ने करीब 20 करोड़ की लागत वाले सीबीजी संयंत्र को लगाया है। संयंत्र में प्रतिदिन 2.40 टन कंप्रेस्ड बायोगैस तैयार होगी। यूटीएम सीबीजी संयंत्र के संचालन के बाद 20 मीट्रिक टन गोबर की जरूरत होगी। इससे अब गोबर और फसलों के अवशेष भी खराब नहीं जाएंगे। सात एकड़ भूमि में से चार एकड़ पर संयंत्र बनवाया गया है।
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तीन एकड़ में डंपिंग यार्ड बना है। संयंत्र की स्थापना से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। संयंत्र संचालन की प्रक्रिया शुरू की गई है। शुरुआत में 100 मीट्रिक टन गोबर प्रतिदिन की आवश्यता होगी, जिसकी खरीद-फरोख्त का समझौता डीएम की अध्यक्षता वाली जिला अनुश्रवण मूल्यांकन और समीक्षा समिति से हुआ है। 650 प्रति टन की दर से गोबर के भुगतान पर सहमति बनी है। संयंत्र में तैयार कंप्रेस्ड बायोगैस की खरीद इंडियन ऑयल कंपनी करेगी।
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पंचायतों और पशुपालकों की आमदनी में होगी बढ़ोतरी
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सीबीजी संयंत्र संचालित होने से गोबर की मांग बढ़ी है। शुरुआत में 100 मीट्रिक टन और बाद में 20 मीट्रिक टन गोबर की आवश्यकता संयंत्र के निदेशक ने की है। मवेशियों के संरक्षण के लिए संचालित आश्रय स्थल में से विकास खंड बावन, भरखनी, शाहाबाद और टोडरपुर के 94 आश्रय स्थल से गोबर लिए-दिए जाने पर सहमति बनी है। गोबर की आपूर्ति शुरू करा दी गई है।
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