{"_id":"598c99014f1c1be9158b459d","slug":"191502386433-hardoi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायरिया से रसूलपुर में चार की मौत, कई बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायरिया से रसूलपुर में चार की मौत, कई बीमार
Updated Thu, 10 Aug 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
संडीला। स्वास्थ्य महकमे की उदासीनता और पंचायतराज विभाग के सफाई कर्मियों की लापरवाही ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मीतो के मजरा रसूलपुर में पिछले 10 दिन से डायरिया ने लोगों को अपनी चपेट में ले रखा है। अब तक डायरिया की चपेट में आकर चार बच्चों की मौत हो चुकी है और कई ग्रामीण बीमार हैं।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि किसी भी गांव में बीमारी फैलने की सूचना पर फौरन टीम पहुंचती है, लेकिन रसूलपुर में टीम पहुंचना तो दूर की बात रही विभागीय जिम्मेदारों को बीमारी फैलने का पता तक नहीं है। गांव में पिछले 10 दिन में चार बच्चों की मौत डायरिया की चपेट में आकर हो चुकी है। गांव के शशिकांत के एक वर्षीय पुत्र मानू की डायरिया के कारण मौत हो गई। जबकि दूसरा बेटा चार वर्षीय अमन अस्पताल में भर्ती है। शशिकांत की पत्नी सरोज भी कई दिनों से बीमार हैं और प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इसके अलावा गांव के ही संतू का एक वर्षीय पुत्र छोटू, दिनेश की एक वर्षीय पुत्री अंशिका और धीरेंद्र के एक माह के पुत्र की मौत पिछले 10 दिन के अंदर डायरिया के कारण हो चुकी है। गांव के निवासी रामखेलावन ने बताया कि चार मौत होने और कई लोगाें के बीमार होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी गांव में झांकने तक नहीं आया। बताया जाता है कि एएनएम और आशा ने भी घटना की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को नहीं दी। इस बारे में सीएचसी केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक शरद वैश्य ने बताया कि रसूलपुर में डायरिया फैलने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। डॉक्टरों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
डेंगू से युवक की मौत
सवायजपुर (ब्यूरो)। लोनार थाना क्षेत्र के सवायजपुर के मजरा करन पुरवा में डेंगू से पीड़ित एक युवक की इलाज के दौरान लखनऊ मेेें मौत हो गई। गुरुवार को शव घर लाया गया। शाम को फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। सवायजपुर के मजरा करनपुरवा निवासी महेंद्र पाल के पुत्र पवन (22) को पिछले 10 दिन से बुखार आ रहा था। उसका इलाज हरदोई के एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां चल रहा था। हालत बिगड़ने और डॉक्टर द्वारा डेंगू की आशंका जताए जाने पर परिजन पवन को लेकर लखनऊ चले गए। बीते शनिवार को लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में पवन को भर्ती कराया गया। वहां उसे डेंगू की पुष्टि हुई। बुधवार देर शाम उसकी मौत हो गई। मृतक इंटर का छात्र था।
विज्ञापन
- डायरिया से चार की मौत, कई बीमार
- पिछले 10 दिन से रसूलपुर में फैला है डायरिया
- स्वास्थ्य विभाग को पता नहीं, आशा और एएनएम ने भी नहीं दी जानकारी
विज्ञापन
संडीला। स्वास्थ्य महकमे की उदासीनता और पंचायतराज विभाग के सफाई कर्मियों की लापरवाही ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मीतो के मजरा रसूलपुर में पिछले 10 दिन से डायरिया ने लोगों को अपनी चपेट में ले रखा है। अब तक डायरिया की चपेट में आकर चार बच्चों की मौत हो चुकी है और कई ग्रामीण बीमार हैं।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि किसी भी गांव में बीमारी फैलने की सूचना पर फौरन टीम पहुंचती है, लेकिन रसूलपुर में टीम पहुंचना तो दूर की बात रही विभागीय जिम्मेदारों को बीमारी फैलने का पता तक नहीं है। गांव में पिछले 10 दिन में चार बच्चों की मौत डायरिया की चपेट में आकर हो चुकी है। गांव के शशिकांत के एक वर्षीय पुत्र मानू की डायरिया के कारण मौत हो गई। जबकि दूसरा बेटा चार वर्षीय अमन अस्पताल में भर्ती है। शशिकांत की पत्नी सरोज भी कई दिनों से बीमार हैं और प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इसके अलावा गांव के ही संतू का एक वर्षीय पुत्र छोटू, दिनेश की एक वर्षीय पुत्री अंशिका और धीरेंद्र के एक माह के पुत्र की मौत पिछले 10 दिन के अंदर डायरिया के कारण हो चुकी है। गांव के निवासी रामखेलावन ने बताया कि चार मौत होने और कई लोगाें के बीमार होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी गांव में झांकने तक नहीं आया। बताया जाता है कि एएनएम और आशा ने भी घटना की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को नहीं दी। इस बारे में सीएचसी केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक शरद वैश्य ने बताया कि रसूलपुर में डायरिया फैलने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। डॉक्टरों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
डेंगू से युवक की मौत
सवायजपुर (ब्यूरो)। लोनार थाना क्षेत्र के सवायजपुर के मजरा करन पुरवा में डेंगू से पीड़ित एक युवक की इलाज के दौरान लखनऊ मेेें मौत हो गई। गुरुवार को शव घर लाया गया। शाम को फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। सवायजपुर के मजरा करनपुरवा निवासी महेंद्र पाल के पुत्र पवन (22) को पिछले 10 दिन से बुखार आ रहा था। उसका इलाज हरदोई के एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां चल रहा था। हालत बिगड़ने और डॉक्टर द्वारा डेंगू की आशंका जताए जाने पर परिजन पवन को लेकर लखनऊ चले गए। बीते शनिवार को लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में पवन को भर्ती कराया गया। वहां उसे डेंगू की पुष्टि हुई। बुधवार देर शाम उसकी मौत हो गई। मृतक इंटर का छात्र था।
विज्ञापन
- डायरिया से चार की मौत, कई बीमार
- पिछले 10 दिन से रसूलपुर में फैला है डायरिया
- स्वास्थ्य विभाग को पता नहीं, आशा और एएनएम ने भी नहीं दी जानकारी