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पांच घंटे में जिला अस्पताल पहुुंचे 1850 मरीज

Tue, 09 Aug 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई Updated Tue, 09 Aug 2016 12:08 AM IST
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1850 patients in five hours at the hospital district
जिला अस्पताल में मरीज। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

हरदोई। अस्पताल रोगियों से पटे पड़े हैं। बदले मौसम में वायरल ने जहां अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं तो टायफाइड ने लोगों को जकड़ रखा है। सोमवार को पांच घंटे में ही 1850 से अधिक रोगी जिला अस्पताल पहुंचे।

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मानसून के दौरान हुई बारिश के बाद जिले के लोगों को तपिश से राहत जरूर मिली लेकिन बारिश के बाद बदले मौसम के बाद रोगों ने पैर पसारने शुरू कर दिए।  शहर में तेजी से फैले वायरल के पीछे वातावरण में नमी ही मुख्य कारण है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आरके मिश्रा ने बताया कि जिला चिकित्सालय में रोजाना लगभग तीन हजार रोगी स्वास्थ्य परामर्श ले रहे हैं। सोमवार को सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक 1850 पर्चे बनवाए गए।
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जिलेवासियों को चाहिए कि मौसम की नजाकत व वायरल के प्रकोप को देखते हुए एहतियात बरतें। खुले में बिकने वाली वस्तुओं के सेवन से बचें। उल्टी या दस्त होने पर ओआरएस का घोल लेते रहें। परिवार के एक सदस्य को भी यदि वायरल होता है तो निश्चित रूप से जरा सी लापरवाही में दूसरे सदस्य को भी यह हो जाता है। इससे कई लोग प्रभावित होते हैं। जहां तक संभव हो गंदगी न फैलने दें। पानी का भराव तो कतई ही न होने दे। प्रदूषित जल से अधिक समस्या पैदा होती है।
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लक्षण
हरदोई। तेज बुखार आना, सिर, बदन दर्द होना एवं सर्दी खांसी आना वायरल फीवर के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा डायरिया भी लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। लगातार दस्त होना, उल्टी होना एवं कमजोरी आना डायरिया के प्रमुख लक्षण हैं। इसी तरह मलेरिया के लक्षणों में ठंड के साथ बुखार आना, बदन दर्द होना, चक्कर आना है। सेरेव्रल मलेरिया में रोगी को ठंड के साथ बुखार आता है वह अक्सर बेहोशी की मुद्रा में रहता है। टायफाइड में रोगी को तेज बुखार आता है उल्टी होती है। इसी तरह चिकुनगुनिया में रोगी के शरीर में लाल दाने या चकत्ते पड़ जाते हैं। मच्छरों के काटने से यह और फैलता है। इसलिए मच्छरों को दूर रखने का प्रयास किया जाए। क्योंकि चिकुनगुनिया का वाहक एडीज मच्छर ही होता है।

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