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अच्छे हालात के लिए अच्छे आमाल करें- हक
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मजलिस दावतुल हक व मदरसा अशरफुल मदारिस के नायब नाजिम मौलाना सलीमुल हक ने कहा कि चुनावी माहौल है, ऐसे में किसी भी पार्टी के रंग में न रंगें।
हुक्मरानों को कोसने के बजाय अच्छे आमाल और दुआ करें। जिससे आने वाले हुक्मरां का दिल सभी के लिए नर्म रहे।
बुधवार को मजलिस दावतुल हक से संबद्ध मदरसा अहयाउल उलूम का निरीक्षण करने पहुंचे उपसंचालक मौलाना हक ने मस्जिद इस्लाम गंज में जुहर नमाज के बाद मुसलमानों से खिताब किया।
कहा कि हमारे मौजूदा हालत के जिम्मेदार हम खुद हैं, हमारी बद आमालियां हमें इस हाल तक लाई हैं। अभी मौका है, सुधरने का, अच्छे और नेक काम करने का। कहा कि गुनाह से दो बड़े नुकसान होते हैं।
एक, अल्लाह नाराज होता है। दूसरा, अक्ल सही फैसला नहीं कर पाती। गुनाहों से बचने का सबसे आसान तरीका है कि बदगुमानी, बदनिगाही और गीबत से बचा जाए।
मौलाना हक ने कहा कि गुनाहों से खुद बचें, घर वालों को बचाएं, इसके बाद समाज की फिक्र करें। अल्लाह का जिक्र कसरत से करें और अस्तगफार खूब पढ़ें।
इस मौके पर मदरसा के प्रधानाचार्य मौलाना उस्मान गनी, हाफिज सलीमुल्लाह, हाजी शराफत अली खां, मुंशी फय्याज, हाजी अशरफ, हाफिज अब्दुल अहद व हाफिज रियाज आदि मौजूद रहे।
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अच्छे हालात के लिए अच्छे आमाल करें: हक
मजलिस दावतुल हक व मदरसा अशरफुल मदारिस के उपसंचालक का बयान
मदरसा अहयाउल उलूम का निरीक्षण करने के बाद मस्जिद इस्लामगंज में की तकरीर
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हुक्मरानों को कोसने के बजाय अच्छे आमाल और दुआ करें। जिससे आने वाले हुक्मरां का दिल सभी के लिए नर्म रहे।
बुधवार को मजलिस दावतुल हक से संबद्ध मदरसा अहयाउल उलूम का निरीक्षण करने पहुंचे उपसंचालक मौलाना हक ने मस्जिद इस्लाम गंज में जुहर नमाज के बाद मुसलमानों से खिताब किया।
कहा कि हमारे मौजूदा हालत के जिम्मेदार हम खुद हैं, हमारी बद आमालियां हमें इस हाल तक लाई हैं। अभी मौका है, सुधरने का, अच्छे और नेक काम करने का। कहा कि गुनाह से दो बड़े नुकसान होते हैं।
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एक, अल्लाह नाराज होता है। दूसरा, अक्ल सही फैसला नहीं कर पाती। गुनाहों से बचने का सबसे आसान तरीका है कि बदगुमानी, बदनिगाही और गीबत से बचा जाए।
मौलाना हक ने कहा कि गुनाहों से खुद बचें, घर वालों को बचाएं, इसके बाद समाज की फिक्र करें। अल्लाह का जिक्र कसरत से करें और अस्तगफार खूब पढ़ें।
इस मौके पर मदरसा के प्रधानाचार्य मौलाना उस्मान गनी, हाफिज सलीमुल्लाह, हाजी शराफत अली खां, मुंशी फय्याज, हाजी अशरफ, हाफिज अब्दुल अहद व हाफिज रियाज आदि मौजूद रहे।
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अच्छे हालात के लिए अच्छे आमाल करें: हक
मजलिस दावतुल हक व मदरसा अशरफुल मदारिस के उपसंचालक का बयान
मदरसा अहयाउल उलूम का निरीक्षण करने के बाद मस्जिद इस्लामगंज में की तकरीर