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Hardoi News: पावर हाउस में तोड़फोड़ व पथराव में 12 आरोपी बरी
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हरदोई। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी के जज लोकेश नागर ने 1994 में पावर हाउस में हुई तोड़फोड़ व पुलिस पर पथराव के 12 आरोपियों को बरी कर दिया है।
सांडी कस्बे के पावर हाउस पर तैनात अवर अभियंता आरके श्रीवास्तव ने 11 मई 1994 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि सब स्टेशन कंट्रोल रूम पर थे, उन्हें सूचना प्राप्त हुई कि बिलग्राम चुंगी पर ट्रांसफर में आग लग गई है। इस पर बिजली बंद करा दी।
इसके बाद वह कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। देखा कि ट्रांसफर की आग की चपेट में आकर पास में रखी लकड़ी की गुमटी जल रही थी। कर्मचारियों की मदद से आग बुझाई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
इसके बाद कस्बे के 150 से अधिक व्यक्तियों के साथ लूट लो साले को मार दो का नारा लगाते हुए लोग पावर हाउस स्थित कंट्रोल रूम आए। उन्हें पकड़ लिया और मशीनें तोड़ने लगे।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने रमेश चंद्र, चंद्र भूषण रस्तोगी, अनिल कुमार अग्निहोत्री, संजय कुमार रस्तोगी, अजय रस्तोगी, अवधेश, वीरेंद्र, चंद्र शेखर रस्तोगी, विवेक कुमार, प्रमोद कुमार, अनिल कुमार, वेद बसु अग्निहोत्री कालूराम, सत्यप्रकाश, प्रमोद कुमार के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी।
इसकी सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। मुकदमे के दौरान कालूराम, सत्यप्रकाश, प्रमोद, बाबूराम, सुनील और हरीशंकर की मौत हो गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज लोकेश नागर ने रमेश चंद्र, चंद्रभूषण रस्तोगी, अनिल कुमार समेत 12 लोगों को बरी कर दिया।
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सांडी कस्बे के पावर हाउस पर तैनात अवर अभियंता आरके श्रीवास्तव ने 11 मई 1994 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि सब स्टेशन कंट्रोल रूम पर थे, उन्हें सूचना प्राप्त हुई कि बिलग्राम चुंगी पर ट्रांसफर में आग लग गई है। इस पर बिजली बंद करा दी।
इसके बाद वह कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। देखा कि ट्रांसफर की आग की चपेट में आकर पास में रखी लकड़ी की गुमटी जल रही थी। कर्मचारियों की मदद से आग बुझाई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
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इसके बाद कस्बे के 150 से अधिक व्यक्तियों के साथ लूट लो साले को मार दो का नारा लगाते हुए लोग पावर हाउस स्थित कंट्रोल रूम आए। उन्हें पकड़ लिया और मशीनें तोड़ने लगे।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने रमेश चंद्र, चंद्र भूषण रस्तोगी, अनिल कुमार अग्निहोत्री, संजय कुमार रस्तोगी, अजय रस्तोगी, अवधेश, वीरेंद्र, चंद्र शेखर रस्तोगी, विवेक कुमार, प्रमोद कुमार, अनिल कुमार, वेद बसु अग्निहोत्री कालूराम, सत्यप्रकाश, प्रमोद कुमार के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी।
इसकी सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। मुकदमे के दौरान कालूराम, सत्यप्रकाश, प्रमोद, बाबूराम, सुनील और हरीशंकर की मौत हो गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज लोकेश नागर ने रमेश चंद्र, चंद्रभूषण रस्तोगी, अनिल कुमार समेत 12 लोगों को बरी कर दिया।