फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   u dias feeding of hapur

Hapur News: यू डायस पर फीडिंग में निचले पायदान पर हापुड़

Fri, 11 Jul 2025 10:55 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Fri, 11 Jul 2025 10:55 PM IST
विज्ञापन
u dias feeding of hapur
हापुड़। जिले के 90 फीसदी स्कूलों की यू डायस कोड पर फीडिंग नहीं हो सकी है। इस कारण प्रदेश की सूची में हापुड़ को अंतिम स्थान मिला है। अधिकारियों की अनदेखी से ऐसा हो रहा है, जबकि इन दिनों छात्रों के अगली कक्षा में प्रमोशन समेत कई महत्वपूर्ण डाटा अपलोड किए जाने के निर्देश हैं।
विज्ञापन

दरअसल, अब स्कूलों का पूरा लेखा जोखा यू डायस पर होता है। हर स्कूल को अलग-अलग कोड मिले हैं, इनमें बच्चों के नाम, पता, अभिभावकों का नाम, हर वर्ष का परिणाम समेत 60 बिंदुओं पर अलग-अलग समय में डाटा अपलोड किया जाता है। एक तरह से कहें तो बच्चों और स्कूलों की पूरी कुंडली यू डायस पर होती है।
विज्ञापन


25 जून को छात्र प्रोफाइल में प्रोग्रेशन एक्टिविटी के लिंक को एनआईसी द्वारा क्रियाशील किया गया था, 15 दिन के अंदर कार्य को पूर्ण करने के आदेश दिए गए थे। 9 जुलाई तक की रिपोर्ट के अनुसार हापुड़ जिले की स्थिति यू डायस पर फीडिंग के मामले में बेहद खराब रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस रिपोर्ट के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 1359 स्कूलों के सापेक्ष सिर्फ 120 स्कूलों ने ही यू डायस पर फीडिंग का कार्य किया है। 1239 स्कूलों ने अभी तक अपडेट नहीं किया है, जिले की प्रगति सिर्फ 8.83 फीसदी ही रही है, जो प्रदेश के सभी जिलों में सबसे कम है। इस सूची में टॉप पर बहराइच है, जिसने फीडिंग का कार्य 55 फीसदी तक पूरा कर लिया है।



आरटीई के छात्रों का ब्योरा नहीं हुआ अपडेट
पोर्टल पर अभी तक आरटीई के बहुत से छात्रों को अपडेट करने का कार्य नहीं हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारी स्कूलों को अब नोटिस जारी कर, अपडेट कर सूचना देने के निर्देश दे रहे हैं। साथ ही लापरवाही पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी जा रही है। लेकिन जिस तरह रिपोर्ट आयी है, वह जिले के लिए ठीक नहीं है।



स्कूलों की पेयरिंग का कार्य जारी-
जिले में 46 स्कूलों की पेयरिंग हो चुकी है, कम संख्या वाले स्कूलों से छात्रों को दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जा रहा है। अन्य स्कूल भी चिन्हित कर लिए गए हैं, जिनकी पेयरिंग भी प्रक्रिया में है।



कोट -

स्कूलों से यू डायस पर फीडिंग कराई जा रही है, इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। - रितु तोमर, बीएसए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed